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Lakhimpur Kheri News: लाइसेंस मिलने तक सीमित रह गईं ब्लड स्टोरेज यूनिट

Wed, 12 Nov 2025 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 12 Nov 2025 11:19 PM IST
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Blood storage units remain limited until licenses are obtained
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला। संवाद
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक साल पहले गोला, पलिया व धौरहरा सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट बनाने की बात कही थी। इसके लिए तीनों सीएचसी को लाइसेंस भी मिल गया था।
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विभाग का दावा था कि इससे मरीजों को रक्त के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। हालांकि, एक साल के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसे शुरू नहीं करा पाया है। खून की कमी से कोई भी गंभीर मरीज रेफर न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सात तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लड सामुदायिक स्टोरेज यूनिट (एक प्रकार का मिनी ब्लड बैंक) शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान गोला और पलिया सीएचसी को लाइसेंस भी मिल गया था। वहीं, कुछ समय के बाद ही धौरहरा का भी लाइसेंस जारी हो गया था।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि ब्लड स्टोरेज यूनिट में अधिकतम 50-50 यूनिट तक खून को स्टोर किया जा सकता है। इससे मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पडे़गी। हालांकि, एक साल के बाद भी अब तक इन यूनिट को शुरू नहीं कराया जा सका है। इससे खून की जरूरत के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
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गर्भवती महिलाओं को अधिकांश पड़ती है ब्लड की जरूरत
खून की कमी अक्सर गर्भवती महिलाओं को होती है। गंभीर स्थिति में मरीज को जिला महिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। रेफर होने पर गर्भवती को जिला मुख्यालय तक लाने में दो घंटे या इससे भी अधिक का समय लग जाता है। सीएचसी पर ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने के दावे पर लोगों को काफी उम्मीद बंधी कि यूनिट पर खून स्टोर रहेगा, जरूरत पड़ने पर मरीज को वहीं पर ब्लड उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि विभाग की सुस्त कार्यशैली के चलते लोगों को अब भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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गोला, पलियाकलां और धौरहरा सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। जरूरी उपकरण भी हैं, पर अभी इसका ज्यादा-प्रचार-प्रसार न होने से संचालन गति नहीं पकड़ पाया है।



डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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