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Lakhimpur Kheri News: कुंभी में बायोप्लास्टिक प्लांट को रफ्तार साल के अंत तक उत्पादन की उम्मीद
Thu, 12 Feb 2026 02:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:14 AM IST
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लखीमपुर खीरी। प्रदेश कैबिनेट के फैसले से जिले के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। कुंभी में स्थापित हो रहा एशिया का सबसे बड़ा बायोप्लास्टिक प्लांट इस वर्ष के अंत तक शुरू हो सकता है। कैबिनेट ने प्लांट की स्थापना के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी, जिससे परियोजना को औपचारिक मजबूती मिली है।
बलरामपुर चीनी मिल की ओर से 2,850 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट स्थापित किया जा रहा है। करीब दस माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभी पहुंचकर इसका भूमिपूजन किया था। वर्तमान में सिविल कार्य लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जबकि प्लांट और मशीनरी की स्थापना का कार्य भी शुरू हो गया है।
अनुमान है कि नवंबर तक निर्माण संबंधी सभी कार्य पूर्ण होने के बाद दिसंबर से उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। इस प्लांट से दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। यहां पर्यावरण-अनुकूल, मिट्टी में घुलनशील बायोप्लास्टिक उत्पाद—जैसे बोतलें, ट्रे और कटलरी—तैयार किए जाएंगे। संयंत्र शून्य-तरल अपशिष्ट (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) के सिद्धांत पर संचालित होगा।
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बलरामपुर चीनी मिल की ओर से 2,850 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट स्थापित किया जा रहा है। करीब दस माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभी पहुंचकर इसका भूमिपूजन किया था। वर्तमान में सिविल कार्य लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जबकि प्लांट और मशीनरी की स्थापना का कार्य भी शुरू हो गया है।
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अनुमान है कि नवंबर तक निर्माण संबंधी सभी कार्य पूर्ण होने के बाद दिसंबर से उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। इस प्लांट से दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। यहां पर्यावरण-अनुकूल, मिट्टी में घुलनशील बायोप्लास्टिक उत्पाद—जैसे बोतलें, ट्रे और कटलरी—तैयार किए जाएंगे। संयंत्र शून्य-तरल अपशिष्ट (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) के सिद्धांत पर संचालित होगा।
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