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Lakhimpur Kheri News: बायोमीट्रिक फेल, आइरिस सुविधा नहीं... बुजुर्गों के अटक रहे बैनामे
Thu, 19 Feb 2026 11:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:29 PM IST
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उपनिबंधक कार्यालय गोला लगी भीड़। संवाद
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लखीमपुर खीरी। संपत्तियों के बैनामे से पहले आधार सत्यापन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ओटीपी आधारित सत्यापन और बायोमीट्रिक मिलान में आ रही समस्याओं से जमीन की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया धीमी हो गई है। नतीजतन बैनामों की संख्या भी पहले के मुकाबले घट गई है।
नई व्यवस्था फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है, लेकिन नेटवर्क, मोबाइल नंबर और बायोमीट्रिक संबंधी समस्याओं से रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उनके अंगूठे का निशान मशीन पर मैच नहीं हो पा रहा, जिससे सत्यापन अटक जा रहा है। यदि निबंधन कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैनर उपलब्ध हो जाए तो समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है, मगर अभी तक शासन स्तर से यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बृहस्पतिवार को जिले के सातों निबंधन कार्यालयों में पड़ताल के दौरान सदर कार्यालय में एक बुजुर्ग को अंगूठा न लग पाने के कारण लौटना पड़ा। महेवागंज निवासी सत्यपाल ने बताया कि उनके बुजुर्ग पिता का बायोमीट्रिक सत्यापन न होने से बैनामा नहीं हो सका। कई मामलों में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी न होने तथा आधार और खसरा-खतौनी में नाम में अंतर के कारण भी रजिस्ट्री रुक रही है।
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पलियाकलां में नई व्यवस्था के बाद बैनामों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। प्रभारी रजिस्ट्रार शमीम बानो ने बताया कि पहले प्रतिदिन 20 से 22 बैनामे होते थे, जो अब घटकर 10 से 12 रह गए हैं। धौरहरा में भी संख्या में कमी आई है। यहां पहले 30 से 35 बैनामे होते थे, जो अब 25 से 30 के बीच रह गए हैं।
हालांकि, मितौली में अब तक किसी बड़ी समस्या की बात सामने नहीं आई है। बृहस्पतिवार को वहां 37 बैनामे हुए, जिससे 37.86 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
-- -- भीड़ बढ़ने पर दो काउंटर शुरू-- -
सदर तहसील में बढ़ती भीड़ को देखते हुए एक की जगह दो काउंटर कर दिए गए हैं। सब रजिस्ट्रार भानू प्रताप सिंह ने बताया कि आइरिस स्कैनर के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, जो जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है।
-- -- कभी-कभी सर्वर भी बढ़ा देता है परेशानी-- -
गोला गोकर्णनाथ उपनिबंधक कार्यालय में प्रतिदिन 30 से 35 बैनामे हो रहे हैं, लेकिन सर्वर की धीमी गति से कार्य प्रभावित होता है। उपनिबंधक रोबिन वर्मा ने बताया कि जल्द ही फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिससे दिक्कतें कम होंगी।
-- -- -- -
आधार सत्यापन की नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है। अंगूठा न लगने की समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
-अमिताभ कुमार, आईजी स्टांप
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नई व्यवस्था फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है, लेकिन नेटवर्क, मोबाइल नंबर और बायोमीट्रिक संबंधी समस्याओं से रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उनके अंगूठे का निशान मशीन पर मैच नहीं हो पा रहा, जिससे सत्यापन अटक जा रहा है। यदि निबंधन कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैनर उपलब्ध हो जाए तो समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है, मगर अभी तक शासन स्तर से यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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बृहस्पतिवार को जिले के सातों निबंधन कार्यालयों में पड़ताल के दौरान सदर कार्यालय में एक बुजुर्ग को अंगूठा न लग पाने के कारण लौटना पड़ा। महेवागंज निवासी सत्यपाल ने बताया कि उनके बुजुर्ग पिता का बायोमीट्रिक सत्यापन न होने से बैनामा नहीं हो सका। कई मामलों में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी न होने तथा आधार और खसरा-खतौनी में नाम में अंतर के कारण भी रजिस्ट्री रुक रही है।
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पलियाकलां में नई व्यवस्था के बाद बैनामों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। प्रभारी रजिस्ट्रार शमीम बानो ने बताया कि पहले प्रतिदिन 20 से 22 बैनामे होते थे, जो अब घटकर 10 से 12 रह गए हैं। धौरहरा में भी संख्या में कमी आई है। यहां पहले 30 से 35 बैनामे होते थे, जो अब 25 से 30 के बीच रह गए हैं।
हालांकि, मितौली में अब तक किसी बड़ी समस्या की बात सामने नहीं आई है। बृहस्पतिवार को वहां 37 बैनामे हुए, जिससे 37.86 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सदर तहसील में बढ़ती भीड़ को देखते हुए एक की जगह दो काउंटर कर दिए गए हैं। सब रजिस्ट्रार भानू प्रताप सिंह ने बताया कि आइरिस स्कैनर के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, जो जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है।
गोला गोकर्णनाथ उपनिबंधक कार्यालय में प्रतिदिन 30 से 35 बैनामे हो रहे हैं, लेकिन सर्वर की धीमी गति से कार्य प्रभावित होता है। उपनिबंधक रोबिन वर्मा ने बताया कि जल्द ही फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिससे दिक्कतें कम होंगी।
आधार सत्यापन की नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है। अंगूठा न लगने की समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
-अमिताभ कुमार, आईजी स्टांप