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भूतनाथ मेेले में भोले के जयकारों से गूंजी छोटी काशी
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:47 PM IST
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bhootnath
- फोटो : amar ujala
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रविवार रात्रि दो बजे खुले शिव मंदिर के द्वार, उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला
सावन माह के तीसरे सोमवार को भूतनाथ मेले में बाबा चंद्रभाल शिव मंदिर और बाबा भूतनाथ स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार आधीरात के बाद से सोमवार को पूरे दिन और देर रात तक श्रद्धालुओं का रेला चलता रहा।
सावन माह में नाग पंचमी के बाद तीसरे सोमवार को होने वाले भूतनाथ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर ली थी। कई थानों की पुलिस और ड्रोन कैमरे की निगरानी में मेला शुरू हुआ। एसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी वीरेंद्रनाथ चौधरी, सीओ अनुराग दर्शन, कोतवाल अशोक कुमार पांडे जमे रहे।
दूरदराज के कई जिलों और प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गोकर्ण तीर्थ में स्नान करने के बाद में जलाभिषेक किया।
भूतनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने प्राचीन कुएं में गिट्टी फेंककर हू हू की आवाज निकालते हुए वर्षों से चली आ रही रीति का निर्वहन किया वहीं भूतनाथ मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर मंदिर की दीवार पर मनौती लिखीं।
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ममरी। अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर पर हजारों भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा, प्रसाद चढ़ाया।
रोड से मंदिर तक इतनी भीड़ थी कि लोगों को दिक्कत हो रही थी। यहां मिट्टी के खिलौनों और बर्तनों की खूब भीड़ हुई।
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जमकर की खरीदारी
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में छोटी काशी का बाबा भूतनाथ मेला आस पास के कई जिलों और प्रदेशों में विख्यात है। 24 घंटे लगने वाले इस मेले में कई जिलों के दुकानदार अपनी दुकानें लेकर आते हैं, जिसके लिए वह छोटी काशी में कई दिन पूर्व आकर स्थान सुनिश्चित कर अपनी दुकान लगाते हैं। यह मेला खासकर ग्रामीण अंचल के लोगों को काफी लुभाता है। मेले में तिन्नी, पसाई के चावल, राखी, लकड़ी का फर्नीचर, खेती में प्रयोग किए जाने वाले औजार के साथ ही लोक प्रचलित वस्तुएं हुक्का, लाठी, बेंत, धनुष बाण, बांसुरी, कंदमूल भी बिकते हैं। जिससे यह मेला छोटी काशी में प्राचीन संस्कति के भी दर्शन कराता है।
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सावन माह के तीसरे सोमवार को भूतनाथ मेले में बाबा चंद्रभाल शिव मंदिर और बाबा भूतनाथ स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार आधीरात के बाद से सोमवार को पूरे दिन और देर रात तक श्रद्धालुओं का रेला चलता रहा।
सावन माह में नाग पंचमी के बाद तीसरे सोमवार को होने वाले भूतनाथ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर ली थी। कई थानों की पुलिस और ड्रोन कैमरे की निगरानी में मेला शुरू हुआ। एसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी वीरेंद्रनाथ चौधरी, सीओ अनुराग दर्शन, कोतवाल अशोक कुमार पांडे जमे रहे।
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दूरदराज के कई जिलों और प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गोकर्ण तीर्थ में स्नान करने के बाद में जलाभिषेक किया।
भूतनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने प्राचीन कुएं में गिट्टी फेंककर हू हू की आवाज निकालते हुए वर्षों से चली आ रही रीति का निर्वहन किया वहीं भूतनाथ मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर मंदिर की दीवार पर मनौती लिखीं।
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ममरी। अहमदनगर के क्लेशहरण मंदिर पर हजारों भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा, प्रसाद चढ़ाया।
रोड से मंदिर तक इतनी भीड़ थी कि लोगों को दिक्कत हो रही थी। यहां मिट्टी के खिलौनों और बर्तनों की खूब भीड़ हुई।
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जमकर की खरीदारी
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में छोटी काशी का बाबा भूतनाथ मेला आस पास के कई जिलों और प्रदेशों में विख्यात है। 24 घंटे लगने वाले इस मेले में कई जिलों के दुकानदार अपनी दुकानें लेकर आते हैं, जिसके लिए वह छोटी काशी में कई दिन पूर्व आकर स्थान सुनिश्चित कर अपनी दुकान लगाते हैं। यह मेला खासकर ग्रामीण अंचल के लोगों को काफी लुभाता है। मेले में तिन्नी, पसाई के चावल, राखी, लकड़ी का फर्नीचर, खेती में प्रयोग किए जाने वाले औजार के साथ ही लोक प्रचलित वस्तुएं हुक्का, लाठी, बेंत, धनुष बाण, बांसुरी, कंदमूल भी बिकते हैं। जिससे यह मेला छोटी काशी में प्राचीन संस्कति के भी दर्शन कराता है।
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