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वीडीओ त्रिवेंद्र मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
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लखीमपुर खीरी। वीडीओ त्रिवेंद्र की खुदकुशी मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल करने में जुटी थी। वहीं उसी दिन इस मामले में हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में मुख्य आरोपी राकेश सिंह चौहान की गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दाखिल हो रही थी।
वीडीओ त्रिवेंद्र मामले में पुलिस को नौ सितंबर को ही हाईकोर्ट में शासकीय अधिवक्ता को याचिका दाखिल करते हुए नोटिस रिसीव कराया जा चुका था। श्यामू उर्फ हरदेव की ओर से दाखिल मिस्लेनियस बेंच पिटीशन में एफआईआर को चुनौती दी गई थी। इसकी सुनवाई 12 सितंबर को हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 9 में डबल बेंच में होना मुकर्रर हो गया था। पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों पर कागजी खानापूरी कायम रखी। बुधवार को जब हमलावरों के खिलाफ गैर जमानती वांरट लेने को कसरत करते हुए अदालत से वांरट हासिल करने के दावे किए गए। जबकि मामले मेें बिना वांरट के ही गिरफ्तारी की शक्तियां पुलिस को थीं। मुख्य आरोपी राकेश सिंह चौहान की ओर से हाईकोर्ट में एमबी क्रिमनल पिटीशन दाखिल हुई। शुक्रवार को कोर्ट नंबर नौ में इसकी सुनवाई हुई। अदालती सूत्रों की मानें तो डबल बेंच कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। अब तक कोर्ट का आदेश अपलोड नही हो सका है। जब नौ सितंबर को ही पुलिस को हाईकोर्ट में रिट दाखिल होने की जानकारी मिल गई थी तो त्रिवेंद्र के परिजनों को क्यों नहीं बताया गया।
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वीडीओ त्रिवेंद्र मामले में पुलिस को नौ सितंबर को ही हाईकोर्ट में शासकीय अधिवक्ता को याचिका दाखिल करते हुए नोटिस रिसीव कराया जा चुका था। श्यामू उर्फ हरदेव की ओर से दाखिल मिस्लेनियस बेंच पिटीशन में एफआईआर को चुनौती दी गई थी। इसकी सुनवाई 12 सितंबर को हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 9 में डबल बेंच में होना मुकर्रर हो गया था। पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों पर कागजी खानापूरी कायम रखी। बुधवार को जब हमलावरों के खिलाफ गैर जमानती वांरट लेने को कसरत करते हुए अदालत से वांरट हासिल करने के दावे किए गए। जबकि मामले मेें बिना वांरट के ही गिरफ्तारी की शक्तियां पुलिस को थीं। मुख्य आरोपी राकेश सिंह चौहान की ओर से हाईकोर्ट में एमबी क्रिमनल पिटीशन दाखिल हुई। शुक्रवार को कोर्ट नंबर नौ में इसकी सुनवाई हुई। अदालती सूत्रों की मानें तो डबल बेंच कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। अब तक कोर्ट का आदेश अपलोड नही हो सका है। जब नौ सितंबर को ही पुलिस को हाईकोर्ट में रिट दाखिल होने की जानकारी मिल गई थी तो त्रिवेंद्र के परिजनों को क्यों नहीं बताया गया।
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