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Lakhimpur Kheri News: पिंजरे के पास नहीं फटकी बरौंछा की बाघिन, दहशत बरकरार
Thu, 18 Sep 2025 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:28 AM IST
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बाघिन को पकड़ने के लिए लगा पिंजरा। स्रोत : वन विभाग
- फोटो : 1
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बांकेगंज। जंगल से निकलकर बफरजोन पलिया रेंज के देबीपुर गांव आबादी के आसपास पहुंची बरौंछा की बाघिन पिछले 10 दिन से गन्ने के खेतों में डेरा जमाए है। इस दौरान उसने जंगली सूअर का शिकार भी किया है।
वन विभाग ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गन्ने के खेत के आसपास छह कैमरे और दो पिंजरे भी लगाए हैं, लेकिन बाघिन दोनों के पास फटकी तक नहीं। गले में लगे कॉलर के जरिए सेटेलाइट एंटीना से उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश में बारिश बाधा बनी हुई है। इस बीच वह एक से दूसरे खेतों में पहुंचकर निगरानी टीमों को लगातार चकमा दे रही है। वन विभाग के प्रयासों के बाद भी वह पकड़ से दूर है।
उधर, आबादी के आसपास गन्ने के खेतों से बाघिन के रुक-रुक गुर्राने की आवाजें ग्रामीणों को सुनाई दे रहीं हैं। हमले के डर से किसान खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी खेती-बाड़ी चौपट हो रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि जंगल के बाहरी किनारे पर गन्ने के खेतों में बुधवार को भी उसकी लोकेशन मिली है। खेतों से निकलकर आबादी की ओर रुख न कर सके, इसके लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग उसे पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा।
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वन विभाग ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गन्ने के खेत के आसपास छह कैमरे और दो पिंजरे भी लगाए हैं, लेकिन बाघिन दोनों के पास फटकी तक नहीं। गले में लगे कॉलर के जरिए सेटेलाइट एंटीना से उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश में बारिश बाधा बनी हुई है। इस बीच वह एक से दूसरे खेतों में पहुंचकर निगरानी टीमों को लगातार चकमा दे रही है। वन विभाग के प्रयासों के बाद भी वह पकड़ से दूर है।
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उधर, आबादी के आसपास गन्ने के खेतों से बाघिन के रुक-रुक गुर्राने की आवाजें ग्रामीणों को सुनाई दे रहीं हैं। हमले के डर से किसान खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी खेती-बाड़ी चौपट हो रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि जंगल के बाहरी किनारे पर गन्ने के खेतों में बुधवार को भी उसकी लोकेशन मिली है। खेतों से निकलकर आबादी की ओर रुख न कर सके, इसके लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग उसे पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा।
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