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बैंक निजीकरण के प्रस्तावित बिल के खिलाफ हड़ताल पर रहे बैंक कर्मी
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बैंक कर्मियों ने इंडियन बैंक के सामने किया प्रदर्शन
हड़ताल के चलते 500 करोड़ का वित्तीय कारोबार ठप रहने का दावा
लखीमपुर खीरी। सरकार के प्रस्तावित बैंक निजीकरण बिल के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मी बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहे। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले के करीब 500 बैंक कर्मी इंडियन बैंक मंडलीय कार्यालय के सामने एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेताओं ने दावा किया कि बैंक शाखाओं में तालाबंदी के कारण करीब 500 करोड़ का वित्तीय कारोबार ठप रहा।
इंडियन बैंक के मंडलीय कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गांवों में सरकारी बैंकों की 28921 शाखाएं हैं, जबकि निजी बैंकों की 7232 शाखाएं हैं। सरकारी बैंकों ने स्वनिधि योजना में 476966 पटरी दुकानदारों को ऋण दिया, जबकि निजी बैंकों ने सिर्फ 2187 ऋण दिए। इसी प्रकार सरकारी बैंकों ने 36 करोड़ जनधन खाते खोले, जबकि निजी बैंकों ने मात्र 1.26 करोड़ खाते ही खोले। शिक्षा ऋण में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी लगभग 95 फीसद है। इसलिए बैंक का निजीकरण किसी तरह जनता के हित में नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निजी क्षेत्र का लगभग दो लाख अस्सी हजार करोड़ ऋण माफ कर दिया है जो कि यह दर्शाता है कि यह सरकार निजी क्षेत्र को जनता का धन अंधाधुंध तरीके से बांटने पर लगी हुई है। इसी कड़ी में सरकारी बैंकों को कॉरपोरेट को देने की तैयारी कर रही है।
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धरना प्रदर्शन में फोरम के चेयरमैन चंद्रशेखर मिश्रा, अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, आर्यावर्त बैंक से प्रमोद दीक्षित, इंडियन बैंक से सुनील शर्मा, मोनिका, सुरेश भट्ट, सनिल जायसवाल, यूनियन बैंक से बृजराज सिंह, अमित मिश्रा, पंजाब एंड सिंध बैंक के अतुलेश, पंजाब नेशनल बैंक से ऋषि, विक्रम, बैंक ऑफ इंडिया से अवनीश, बैंक ऑफ बड़ौदा से प्रियंक, इंडियन ओवरसीज बैंक से अमोल मिश्रा, स्टेट बैंक से एस के दीक्षित, केनरा बैंक से अजीत आदि उपस्थित रहे।
बांकेगंज। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को कस्बा स्थित स्टेट बैंक, इलाहाबाद और डीसीबी बैंकों के मेन गेट पर ताला लटका रहा। इसका असर बैंकों के कामकाज पर पड़ा। वहीं दूर-दराज क्षेत्रों से संबंधित बैंकों में लेन-देन करने आए ग्राहकों को भी मायूस लौटना पड़ा।
ममरी। बैंकों के निजीकरण को लेकर बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते हैदराबाद थाना क्षेत्र में आने वाली आर्यावर्त बैंक को छोड़कर कस्बे की इंडियन बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गणेशपुर महेशपुर की ओरिएंटल ऑफ कॉमर्स बैंक पूरी तरह बंद रहे। इससे रुपये निकालने आए खातेदारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। यद्यपि रोशन नगर, अजान छत्तीपुर के आर्यावर्त बैंक खुले रहे जहां बैंकिंग कार्य सुचारु रहा।
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हड़ताल के चलते 500 करोड़ का वित्तीय कारोबार ठप रहने का दावा
लखीमपुर खीरी। सरकार के प्रस्तावित बैंक निजीकरण बिल के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मी बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहे। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले के करीब 500 बैंक कर्मी इंडियन बैंक मंडलीय कार्यालय के सामने एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेताओं ने दावा किया कि बैंक शाखाओं में तालाबंदी के कारण करीब 500 करोड़ का वित्तीय कारोबार ठप रहा।
इंडियन बैंक के मंडलीय कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गांवों में सरकारी बैंकों की 28921 शाखाएं हैं, जबकि निजी बैंकों की 7232 शाखाएं हैं। सरकारी बैंकों ने स्वनिधि योजना में 476966 पटरी दुकानदारों को ऋण दिया, जबकि निजी बैंकों ने सिर्फ 2187 ऋण दिए। इसी प्रकार सरकारी बैंकों ने 36 करोड़ जनधन खाते खोले, जबकि निजी बैंकों ने मात्र 1.26 करोड़ खाते ही खोले। शिक्षा ऋण में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी लगभग 95 फीसद है। इसलिए बैंक का निजीकरण किसी तरह जनता के हित में नहीं है।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निजी क्षेत्र का लगभग दो लाख अस्सी हजार करोड़ ऋण माफ कर दिया है जो कि यह दर्शाता है कि यह सरकार निजी क्षेत्र को जनता का धन अंधाधुंध तरीके से बांटने पर लगी हुई है। इसी कड़ी में सरकारी बैंकों को कॉरपोरेट को देने की तैयारी कर रही है।
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धरना प्रदर्शन में फोरम के चेयरमैन चंद्रशेखर मिश्रा, अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, आर्यावर्त बैंक से प्रमोद दीक्षित, इंडियन बैंक से सुनील शर्मा, मोनिका, सुरेश भट्ट, सनिल जायसवाल, यूनियन बैंक से बृजराज सिंह, अमित मिश्रा, पंजाब एंड सिंध बैंक के अतुलेश, पंजाब नेशनल बैंक से ऋषि, विक्रम, बैंक ऑफ इंडिया से अवनीश, बैंक ऑफ बड़ौदा से प्रियंक, इंडियन ओवरसीज बैंक से अमोल मिश्रा, स्टेट बैंक से एस के दीक्षित, केनरा बैंक से अजीत आदि उपस्थित रहे।
बांकेगंज। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को कस्बा स्थित स्टेट बैंक, इलाहाबाद और डीसीबी बैंकों के मेन गेट पर ताला लटका रहा। इसका असर बैंकों के कामकाज पर पड़ा। वहीं दूर-दराज क्षेत्रों से संबंधित बैंकों में लेन-देन करने आए ग्राहकों को भी मायूस लौटना पड़ा।
ममरी। बैंकों के निजीकरण को लेकर बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते हैदराबाद थाना क्षेत्र में आने वाली आर्यावर्त बैंक को छोड़कर कस्बे की इंडियन बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गणेशपुर महेशपुर की ओरिएंटल ऑफ कॉमर्स बैंक पूरी तरह बंद रहे। इससे रुपये निकालने आए खातेदारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। यद्यपि रोशन नगर, अजान छत्तीपुर के आर्यावर्त बैंक खुले रहे जहां बैंकिंग कार्य सुचारु रहा।