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बजाज ग्रुप पर बढ़ रहा किसानों का कर्ज, भुगतान में देरी
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 29 Feb 2016 07:03 PM IST
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जिले की नौ चीनी मिलों में से बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा चीनी मिलें अब भी किसानों को भुगतान के मामले में सबसे पीछे चल रहीं हैं। तीनों मिलों ने सिर्फ 12 दिसंबर 2015 तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान किया है।
वहीं राहत की बात है कि अजबापुर, गुलरिया और कुंभी मिलें निश्चित समयावधि में किसानों को भुगतान कर रही हैं। सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिल ने भी करीब 67 फीसदी भुगतान किया हैै। गन्ना विभाग के मुताबिक प्रथम किस्त 230 रुपये की दर से अब तक चीनी मिलों पर छह अरब 20 करोड़ 72 लाख 44 हजार रुपये बकाया हो चुका है।
बजाज ग्रुप की गोला मिल ने अभी 10 दिसंबर 2015 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है, जिससे मिल पर एक अरब 64 करोड़ 67 लाख 65 हजार रुपये बकाया हो चुका हैै। इसी ग्रुप की पलिया मिल पर एक अरब 58 करोड़ 67 लाख 59 हजार रुपये और खंभारखेड़ा पर एक अरब 41 करोड़ 72 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। दोनों ने क्रमश: 12 दिसंबर और 11 दिसंबर तक भुगतान किया है।
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इसी तरह ऐरा मिल पर 59 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये बकाया है, क्योंकि इस मिल ने 14 जनवरी 2016 तक भुगतान किया है। बेलरायां मिल पर 30 करोड़ 62 लाख 51 हजार रुपये और संपूर्णानगर पर 32 करोड़ 84 लाख 97 हजार रुपयेे बकाया है। दोनों ने 31 जनवरी तक का भुुगतान कर दिया है।
सोमवार को किया 47.50 करोड़ का भुगतान
सात चीनी मिलों ने सोमवार को किसानों के बैैंक खातों में 47.50 करोड़ रुपये भुगतान भेजा हैै। जबकि सहकारी क्षेत्र की दो मिलों ने भुगतान नहीं किया है। गोला ने एक करोड़ 81 लाख 52 हजार, पलिया ने 71 लाख 38 हजार, खंभारखेड़ा ने 70 लाख 80 हजार, ऐरा ने छह करोड़ 27 लाख 14 हजार, अजबापुर ने तीन करोड़ 99 लाख 63 हजार,
भुगतान में तेजी लाने के लिए बजाज ग्रुप पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐरा समेत अन्य मिलों ने भी तेज गति से भुगतान करना शुरू कर दिया है। भुुगतान की समय-समय पर समीक्षा कर आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैैं।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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वहीं राहत की बात है कि अजबापुर, गुलरिया और कुंभी मिलें निश्चित समयावधि में किसानों को भुगतान कर रही हैं। सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिल ने भी करीब 67 फीसदी भुगतान किया हैै। गन्ना विभाग के मुताबिक प्रथम किस्त 230 रुपये की दर से अब तक चीनी मिलों पर छह अरब 20 करोड़ 72 लाख 44 हजार रुपये बकाया हो चुका है।
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बजाज ग्रुप की गोला मिल ने अभी 10 दिसंबर 2015 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है, जिससे मिल पर एक अरब 64 करोड़ 67 लाख 65 हजार रुपये बकाया हो चुका हैै। इसी ग्रुप की पलिया मिल पर एक अरब 58 करोड़ 67 लाख 59 हजार रुपये और खंभारखेड़ा पर एक अरब 41 करोड़ 72 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। दोनों ने क्रमश: 12 दिसंबर और 11 दिसंबर तक भुगतान किया है।
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इसी तरह ऐरा मिल पर 59 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये बकाया है, क्योंकि इस मिल ने 14 जनवरी 2016 तक भुगतान किया है। बेलरायां मिल पर 30 करोड़ 62 लाख 51 हजार रुपये और संपूर्णानगर पर 32 करोड़ 84 लाख 97 हजार रुपयेे बकाया है। दोनों ने 31 जनवरी तक का भुुगतान कर दिया है।
सोमवार को किया 47.50 करोड़ का भुगतान
सात चीनी मिलों ने सोमवार को किसानों के बैैंक खातों में 47.50 करोड़ रुपये भुगतान भेजा हैै। जबकि सहकारी क्षेत्र की दो मिलों ने भुगतान नहीं किया है। गोला ने एक करोड़ 81 लाख 52 हजार, पलिया ने 71 लाख 38 हजार, खंभारखेड़ा ने 70 लाख 80 हजार, ऐरा ने छह करोड़ 27 लाख 14 हजार, अजबापुर ने तीन करोड़ 99 लाख 63 हजार,
भुगतान में तेजी लाने के लिए बजाज ग्रुप पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐरा समेत अन्य मिलों ने भी तेज गति से भुगतान करना शुरू कर दिया है। भुुगतान की समय-समय पर समीक्षा कर आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैैं।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी