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मरीज कैसे हों आयुष्मान जिला अस्पताल में विशेषज्ञ ही नहीं
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में एक तो स्टाफ कम है, दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी कमी है। में महिला अस्पताल तो सिर्फ प्रसव केंद्र ही बनकर रह गया है। वहीं जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण सिर्फ सामान्य बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन हो पा रहा है। ऐसे में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को गंभीर बीमारियों का इलाज कराने में मुश्किलें हो रही है।
जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव है। कहने को तो जिला अस्पताल में चिकित्सकों के सभी पदों पर भरे हैँ, लेकिन कई बीमारियों के न तो विशेषज्ञ हैं और न ही सर्जन ही। जिला अस्पताल में न तो हृदय रोग विशेषज्ञ है न ही गुर्दा, न्यूरो रोग के फिजीशियन और सर्जन ही। जिला अस्पताल में तीन सर्जन हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित लाभार्थियों का न तो इलाज हो पा रहा है और न उनका ऑपरेशन ही। ऐसे में गंभीर बीमारियों से परेशान लाभार्थियों को इलाज के लिए तमाम मुसीबतें उठानी पड़ती हैं।
सोमवार को आयुष्मान योजना को एक साल पूरा हो रहा है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से की गई सख्ती के बाद जिला अस्पताल में रविवार को भी गोल्डन कार्ड बनाए गए। इसके लिए 25 से 30 लोग कार्ड बनवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन नेटवर्क समस्या उनकी लिए मुसीबत बन गई। इस कारण शाम चार बजे तक सिर्फ 22 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन सके।
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अस्पताल में डॉक्टरों के 26 पद स्वीकृत और सभी भरे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ कई साल से नहीं है। वहीं कई विशेषज्ञों की भी कमी है। इसके लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया है, लेकिन तैैनाती आज तक नहीं हो सकी। इसके बावजूद मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया जा रही है।
डॉ. आरके वर्मा
सीएमएस, जिला अस्प्ताल
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जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव है। कहने को तो जिला अस्पताल में चिकित्सकों के सभी पदों पर भरे हैँ, लेकिन कई बीमारियों के न तो विशेषज्ञ हैं और न ही सर्जन ही। जिला अस्पताल में न तो हृदय रोग विशेषज्ञ है न ही गुर्दा, न्यूरो रोग के फिजीशियन और सर्जन ही। जिला अस्पताल में तीन सर्जन हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित लाभार्थियों का न तो इलाज हो पा रहा है और न उनका ऑपरेशन ही। ऐसे में गंभीर बीमारियों से परेशान लाभार्थियों को इलाज के लिए तमाम मुसीबतें उठानी पड़ती हैं।
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सोमवार को आयुष्मान योजना को एक साल पूरा हो रहा है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से की गई सख्ती के बाद जिला अस्पताल में रविवार को भी गोल्डन कार्ड बनाए गए। इसके लिए 25 से 30 लोग कार्ड बनवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन नेटवर्क समस्या उनकी लिए मुसीबत बन गई। इस कारण शाम चार बजे तक सिर्फ 22 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन सके।
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अस्पताल में डॉक्टरों के 26 पद स्वीकृत और सभी भरे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ कई साल से नहीं है। वहीं कई विशेषज्ञों की भी कमी है। इसके लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया है, लेकिन तैैनाती आज तक नहीं हो सकी। इसके बावजूद मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया जा रही है।
डॉ. आरके वर्मा
सीएमएस, जिला अस्प्ताल