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एक साल बाद भी भटक रहे 87 फीसदी 'आयुष्यमान'

Tue, 17 Sep 2019 02:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 02:25 AM IST
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लखीमपुर खीरी। गरीबों को मुफ्त में बेहतर इलाज के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का हाल बेहाल है। एक साल बीत जाने के बाद सिर्फ 13 प्रतिशत लाभार्थियों के ही गोल्डन कार्ड बने हैं। 87 फीसदी लाभार्थी अपना कार्ड बनवाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। जिस उद्देश्य के लिए यह योजना शुरू हुई थी, वह पूरा नहीं हो पा रहा है।
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प्राइवेट अस्पताल में गरीब अपना अच्छा इलाज करा सके। उनको इसके लिए अपनी जमीन या गहने न बेचने पड़ें। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की। सिस्टम की लापरवाही के चलते एक साल में इस योजना में मात्र 13 प्रतिशत लाभार्थियों के ही गोल्डन कार्ड बन सकें। यह योजना 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई थी। इसमें आर्थिक जनगणना-2011 की सूची में शामिल 366171 गरीब परिवारों को चिह्नित किया गया। इन परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने थे। साथ ही प्रधानमंत्री ने भी चिह्नित परिवारों को पत्र भेजकर कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया। अब तक सिर्फ 48440 लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए जा सके।
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इस तरह बेनगा कार्ड
गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से आया पत्र, राशनकार्ड, आधार कार्ड एवं इनमें दर्ज मोबाइल नंबर के साथ अस्पताल के आयुष्मान कार्यालय पर जाकर अपना कार्ड बनवा सकता है।
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यहां बनवा सकते हैं गोल्डन कार्ड
लखीमपुर में जिला और महिला अस्पताल, सूलजा नर्सिंग होम, सृजन हॉस्पिटल, एसएस हॉस्पिटल, मोहन आई केयर सहित सीएचसी गोला एवं पलिया, भीरा के बनवीट हॉस्पिटल और मोहम्मदी के सहदेवा स्थित डॉ. श्राफ चैरिटेबिल अस्पताल में आयुष्मान कार्यालय से प्रति लाभार्थी 30 रुपये का शुल्क देकर कार्ड बनवा सकता है।
न्याय पंचायतों में बनने शुरू हो गए गोल्डन कार्ड
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. बीसी पंत ने बताया कि मंगलवार से हर न्याय पंचायत पर कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। न्याय पंचायत स्तर पर कार्ड बनाने के लिए नजदीकी जनसेवा केंद्र को नामित कर दिया गया है। 30 सितंबर तक कार्ड बनाए जाएंगे।

आयुष्मान लाभार्थियों को कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है। जिला और महिला अस्पताल में कार्यालय बना है। कोई भी लाभार्थी प्रधानमंत्री वाला पत्र ले जाकर कार्ड बनवा सकता है।-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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