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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त : आज रात 12:50 से 01:12 बजे तक
Sun, 01 Mar 2026 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:18 PM IST
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बांकेगंज। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को प्रदोष काल में सूर्यास्त के बाद भद्र रहित शुद्ध पूर्णिमा तिथि में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है। इस वर्ष 2 मार्च 2026 की रात 12:50 बजे से 01:12 बजे तक होलिका दहन किया जाएगा।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषी पं. रामदेव मिश्र शास्त्री के अनुसार, भद्र में होलिका दहन निषेध है। शास्त्रों में कहा गया है कि भद्र में होलिका दहन करने से राष्ट्र और साधक का नुकसान हो सकता है। इसलिए इस वर्ष का मुहूर्त भद्र रहित तिथि में रखा गया है। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च सोमवार को शाम 5:18 बजे प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 4:33 बजे समाप्त होगी। सूर्यास्त का समय 2 मार्च को शाम 5:46 बजे है।
ज्योतिषियों के अनुसार, होलिका दहन अग्नि उपासना का पर्व है और कुछ पुराणों में इसे ''फाल्गुनिका'' भी कहा गया है। इस दिन का पर्व शुभता, बुराई पर अच्छाई की जीत और समाज में शांति-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण के पश्चात प्रदोषकाल में प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। संवाद
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छोटी काशी गोला के ज्योतिषी पं. रामदेव मिश्र शास्त्री के अनुसार, भद्र में होलिका दहन निषेध है। शास्त्रों में कहा गया है कि भद्र में होलिका दहन करने से राष्ट्र और साधक का नुकसान हो सकता है। इसलिए इस वर्ष का मुहूर्त भद्र रहित तिथि में रखा गया है। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च सोमवार को शाम 5:18 बजे प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 4:33 बजे समाप्त होगी। सूर्यास्त का समय 2 मार्च को शाम 5:46 बजे है।
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ज्योतिषियों के अनुसार, होलिका दहन अग्नि उपासना का पर्व है और कुछ पुराणों में इसे ''फाल्गुनिका'' भी कहा गया है। इस दिन का पर्व शुभता, बुराई पर अच्छाई की जीत और समाज में शांति-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण के पश्चात प्रदोषकाल में प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। संवाद
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