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तीन अक्तूबर को ढाई से साढ़े तीन बजे तक कहां थे, साबित नहीं कर सका आशीष मिश्र
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को निर्दोष साबित करने के लिए उनके वकीलों ने जिला अदालत में तमाम दलीलें दीं, लेकिन अभियोजन पक्ष के आगे उनकी एक न चली।
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि उनके पास 60 चश्मदीद ऐसे गवाह हैं, जिन्होंने अदालत को बताया है कि उन्होंने आशीष मिश्र को घटनास्थल पर देखा है। उन्होंने बताया कि घटना में तीनों आरोपियों की संलिप्तता पाते हुए अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज की है। उन्होंने कहा कि, सबसे अहम बात यह है कि तमाम पूछताछ में आशीष मिश्र यह नहीं बता पाए हैं कि, घटना वाले दिन तीन अक्तूबर को ढाई से साढ़े तीन बजे तक वह कहां थे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के 60 पुख्ता गवाह हैं, जिन्होंने बताया कि उन्होंने आशीष मिश्र को घटनास्थल पर देखा है। मामले में फेहरिस्त भी दाखिल की गई है। इसके अलावा थार और फॉर्च्यूनर में 10-15 लोग भरके आए थे, जो सभी असलहों से लैस थे।
बिना मालिक की अनुमति गाड़ी नहीं चढ़ा सकता ड्राइवर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि आशीष मिश्र यह जवाब भी नहीं दे पाया कि उनके ड्राइवर ने किसके कहने पर किसानों पर गाड़ी चढ़ाई। मामले में तर्क यह दिया गया कि, जब ड्राइवर बिना मालिक की अनुमति के गाड़ी चला नहीं सकता तो बिना अनुमति वह किसी पर गाड़ी कैसे चढ़ा सकता है। अभियोजन पक्ष ने इस तर्क को भी पूछताछ में मजबूत आधार बनाया है।
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सीओ गोला और एसडीएम गोला ने घायल आरोपियों की मदद की
लखीमपुर खीरी। तीन अक्तूबर को हिंसा वाले दिन घायल हुए आरोपी लवकुश राना और आशीष पांडेय को सीओ गोला संजय तिवारी और एसडीएम अखिलेश यादव ने पुलिस हिरासत में लेकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि, सीओ गोला और एसडीएम गोला ने घायल आरोपियों की मदद कर उनको अस्पताल पहुंचाया। इससे भी यह साबित होता है कि इन सबकी संलिप्तता घटना में थी। उन्होंने बताया कि, मामले में सीओ और एसडीएम के बयान भी दर्ज हुए हैं।
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डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि उनके पास 60 चश्मदीद ऐसे गवाह हैं, जिन्होंने अदालत को बताया है कि उन्होंने आशीष मिश्र को घटनास्थल पर देखा है। उन्होंने बताया कि घटना में तीनों आरोपियों की संलिप्तता पाते हुए अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज की है। उन्होंने कहा कि, सबसे अहम बात यह है कि तमाम पूछताछ में आशीष मिश्र यह नहीं बता पाए हैं कि, घटना वाले दिन तीन अक्तूबर को ढाई से साढ़े तीन बजे तक वह कहां थे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के 60 पुख्ता गवाह हैं, जिन्होंने बताया कि उन्होंने आशीष मिश्र को घटनास्थल पर देखा है। मामले में फेहरिस्त भी दाखिल की गई है। इसके अलावा थार और फॉर्च्यूनर में 10-15 लोग भरके आए थे, जो सभी असलहों से लैस थे।
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बिना मालिक की अनुमति गाड़ी नहीं चढ़ा सकता ड्राइवर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि आशीष मिश्र यह जवाब भी नहीं दे पाया कि उनके ड्राइवर ने किसके कहने पर किसानों पर गाड़ी चढ़ाई। मामले में तर्क यह दिया गया कि, जब ड्राइवर बिना मालिक की अनुमति के गाड़ी चला नहीं सकता तो बिना अनुमति वह किसी पर गाड़ी कैसे चढ़ा सकता है। अभियोजन पक्ष ने इस तर्क को भी पूछताछ में मजबूत आधार बनाया है।
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सीओ गोला और एसडीएम गोला ने घायल आरोपियों की मदद की
लखीमपुर खीरी। तीन अक्तूबर को हिंसा वाले दिन घायल हुए आरोपी लवकुश राना और आशीष पांडेय को सीओ गोला संजय तिवारी और एसडीएम अखिलेश यादव ने पुलिस हिरासत में लेकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि, सीओ गोला और एसडीएम गोला ने घायल आरोपियों की मदद कर उनको अस्पताल पहुंचाया। इससे भी यह साबित होता है कि इन सबकी संलिप्तता घटना में थी। उन्होंने बताया कि, मामले में सीओ और एसडीएम के बयान भी दर्ज हुए हैं।