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अपात्रों को दे दिए इंदिरा आवास, स्पष्टीकरण मांगा
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 23 Apr 2015 06:37 PM IST
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इंदिरा आवास के आवंटन में किस तरह नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाई गईं। यह बात परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह की जांच में सामने भी आ गई। जांच में पता चला है कि जिले के छह ब्लाकों में अपात्रों का चयन किया गया है। सबसे ज्यादा निघासन ब्लाक में अपात्र पाए गए हैं। यह बात पुष्ट होने के बाद लाभार्थियों के खाते से योजना का पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीडी ने डीडीओ वीरेंद्र कुमार यादव से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही अपात्रों का चयन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के नामों की भी जानकारी मांगी गई है।
पीडी ने बताया कि इंदिरा आवास के लिए ब्लाकों से जिन लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, योजना के अंतर्गत उन सभी लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि भेज दी गई थी। इसके बाद जब सत्यापन किया गया और शिकायतों की जांच की गई तो छह ब्लाकों में 30 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इनमें सबसे ज्यादा निघासन में 19, बिजुआ में चार, बांकेगंज में तीन, पसगवां और रमियाबेहड़ में एक-एक और फूलबेहड़ में दो लाभार्थीं अपात्र मिले हैं। जिसकी जानकारी होने पर पीडी ने नाराजगी जताते हुए डीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। बता दें कि ब्लाकों से लाभार्थियों की सूची को खंड विकास अधिकारी और संबंधित लिपिक स्वीकृत देते हैं। इस सूची में खामी मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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पीडी ने बताया कि इंदिरा आवास के लिए ब्लाकों से जिन लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, योजना के अंतर्गत उन सभी लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि भेज दी गई थी। इसके बाद जब सत्यापन किया गया और शिकायतों की जांच की गई तो छह ब्लाकों में 30 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इनमें सबसे ज्यादा निघासन में 19, बिजुआ में चार, बांकेगंज में तीन, पसगवां और रमियाबेहड़ में एक-एक और फूलबेहड़ में दो लाभार्थीं अपात्र मिले हैं। जिसकी जानकारी होने पर पीडी ने नाराजगी जताते हुए डीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। बता दें कि ब्लाकों से लाभार्थियों की सूची को खंड विकास अधिकारी और संबंधित लिपिक स्वीकृत देते हैं। इस सूची में खामी मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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