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Lakhimpur Kheri News: एक और तारीख निकली, पर शुरू नहीं हो सका शिल्पग्राम
Sat, 27 Sep 2025 08:08 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 27 Sep 2025 08:08 PM IST
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चंदन चौकी में बना थारू शिल्प ग्राम। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। थारू जनजाति को देश-विदेश तक विशेष पहचान दिलाने और पर्यटकों को थारू जनजाति को करीब से जानने के लिए चंदन चौकी में 1.70 करोड़ से शिल्पग्राम का निर्माण कराया गया है। निर्माण के बाद चार सालों से इसका भवन धूल फांक रहा है।
करीब डेढ़ माह पहले विभाग के मंडलीय अधिकारी और जिला प्रशासन ने अहम बैठक कर 20 सितंबर तक इसे चालू कराने की योजना बनाई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। हालांकि, विभागीय अफसरों का दावा है कि दो अक्तूबर को दशहरा मेले के साथ शिल्प ग्राम शुरू हो जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
बाॅर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत वर्ष 2021 में शिल्पग्राम का निर्माण पूरा होने के बाद जनजाति विभाग को यह हस्तांतरित कर दिया गया था। विभागीय अफसरों ने इसको शुरू कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन अफसरों की लापरवाही से ऐसा नहीं सका। ऐसे में शिल्पग्राम बनाने का उद्देश्य परवान नहीं चढ़ सका।
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शिल्पग्राम में चार कमरे बने हैं, जिसमें होटल जैसे सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। कमरों में रखने वाली हर वस्तु पहले ही खरीदी जा चुकी है।
शिल्पग्राम में एक साथ चार परिवार आसानी से ठहर सकते हैं। परिसर में 10 दुकानें है। इन दुकानों पर थारू जनजाति से संबंधित खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटी, हस्तशिल्प सहित सभी प्रकार की सामग्रियों की बिक्री की जाएंगी। थारू जनजाति की महिलाएं 30 से 35 प्रकार के हस्तशिल्प तैयार करती हैं। वहां पर रेस्टोरेंट की भी व्यवस्था है।
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करीब डेढ़ माह पहले विभाग के मंडलीय अधिकारी और जिला प्रशासन ने अहम बैठक कर 20 सितंबर तक इसे चालू कराने की योजना बनाई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। हालांकि, विभागीय अफसरों का दावा है कि दो अक्तूबर को दशहरा मेले के साथ शिल्प ग्राम शुरू हो जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
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बाॅर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत वर्ष 2021 में शिल्पग्राम का निर्माण पूरा होने के बाद जनजाति विभाग को यह हस्तांतरित कर दिया गया था। विभागीय अफसरों ने इसको शुरू कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन अफसरों की लापरवाही से ऐसा नहीं सका। ऐसे में शिल्पग्राम बनाने का उद्देश्य परवान नहीं चढ़ सका।
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शिल्पग्राम में चार कमरे बने हैं, जिसमें होटल जैसे सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। कमरों में रखने वाली हर वस्तु पहले ही खरीदी जा चुकी है।
शिल्पग्राम में एक साथ चार परिवार आसानी से ठहर सकते हैं। परिसर में 10 दुकानें है। इन दुकानों पर थारू जनजाति से संबंधित खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटी, हस्तशिल्प सहित सभी प्रकार की सामग्रियों की बिक्री की जाएंगी। थारू जनजाति की महिलाएं 30 से 35 प्रकार के हस्तशिल्प तैयार करती हैं। वहां पर रेस्टोरेंट की भी व्यवस्था है।

चंदन चौकी में बना थारू शिल्प ग्राम। स्रोत : विभाग