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...और कोशिशें परवान नहीं चढ़ीं
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sun, 28 Feb 2016 10:02 PM IST
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दुधवा पार्क कर्मियों से वार्ता के लिए कई अधिकारियों के साथ बीएसए गए, पर उनकी कोशिश रंग नहीं लाई। कर्मियों ने दो टूक कह दिया कि अब कोई समझौता नहीं होगा पहले के समझौते का नतीजा वे देख चुके हैं। इधर, दुधवा कर्मियों का आंदोलन 30वें दिन भी जारी रहा।
रविवार को एसडीएम पलिया आलोक कुमार वर्मा, बीएसए डॉ. ओपी राय, जिला पूर्ति अधिकारी एवं प्रभारी जिला सूचना अधिकारी पहले पलिया पहुंचेेेे और फिर तीनों दुधवा बेस कैंप गए और डीडी से अकेले में बात की। इसके बाद तीनों अधिकारी दुधवा मुख्यालय आ गए और यहां बीएसए कर्मियों के पास पहुंचे । उन्होंने कहा कि बातचीत से समस्या का निदान हो सकता है। बोले जो भी शिकायत और नाराजगी हो कर्मचारी कह सकते हैं। कर्मियों ने कहा कि आंदोलन अब प्रांतीय स्तर तक पहुंच चुका है ऐसे में यहां कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। बीएसए ने कहा कि दस लोग आ जाएं और वार्ता कर लें। इस पर कर्मी नहीं माने और कहा कि बात सभी के सामने हो और बात की कोई आवश्यकता भी नहीं है उनकी बस एक ही मांग है जो वनाधिकारियों को बता दी गई है। इसके अलावा वह किसी अधिकारी से वार्ता नहीं करना चाहते हैं। इसी दौरान दुधवा कैंपस में बात करने को कहा गया। यहां कर्मी तो पहुंच गए लेकिन अधिकारी देेरशाम तक नहीं पहुंचे।
रिसेप्शन पर भी डाला ताला
गुपचुप ढंग से पर्यटन शुरू कराए जाने का अंदेशा जताते हुए कर्मियों ने रविवार को दुधवा नेशनल पार्क के रिसेप्शन गेट परं भी ताला जड़ दिया और वहीं नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। कर्मियों ने कहा कि साजिश के तहत पर्यटन शुरू कराने की कवायद की जा रही है जिसको कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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सुबह से ही शुरू हो गई थी कवायद
दुधवा कर्मियों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए अधिकारियों ने रविवार की सुबह से ही कवायद शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है पर्यटन शुरू कराने के लिए यह जद्दोजहद की गई थी। अधिकारी पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में काफी देर एक दूसरे से वार्ता करते रहे और फिर दुधवा बेस कैंप में डीडी से भी वार्ता की। वार्ता में क्या तय हुआ इसका पता नहीं चल सका है। लेकिन कर्मियों का कहना है कि पार्क में पर्यटन शुरू कराने के लिए हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है और ऐसा हुआ तो आंदोलन और तेजी पकड़ लेगा और प्रदेश के कई जिलों से वन कर्मियों को यहां बुलवा लिया जाएगा।
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रविवार को एसडीएम पलिया आलोक कुमार वर्मा, बीएसए डॉ. ओपी राय, जिला पूर्ति अधिकारी एवं प्रभारी जिला सूचना अधिकारी पहले पलिया पहुंचेेेे और फिर तीनों दुधवा बेस कैंप गए और डीडी से अकेले में बात की। इसके बाद तीनों अधिकारी दुधवा मुख्यालय आ गए और यहां बीएसए कर्मियों के पास पहुंचे । उन्होंने कहा कि बातचीत से समस्या का निदान हो सकता है। बोले जो भी शिकायत और नाराजगी हो कर्मचारी कह सकते हैं। कर्मियों ने कहा कि आंदोलन अब प्रांतीय स्तर तक पहुंच चुका है ऐसे में यहां कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। बीएसए ने कहा कि दस लोग आ जाएं और वार्ता कर लें। इस पर कर्मी नहीं माने और कहा कि बात सभी के सामने हो और बात की कोई आवश्यकता भी नहीं है उनकी बस एक ही मांग है जो वनाधिकारियों को बता दी गई है। इसके अलावा वह किसी अधिकारी से वार्ता नहीं करना चाहते हैं। इसी दौरान दुधवा कैंपस में बात करने को कहा गया। यहां कर्मी तो पहुंच गए लेकिन अधिकारी देेरशाम तक नहीं पहुंचे।
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रिसेप्शन पर भी डाला ताला
गुपचुप ढंग से पर्यटन शुरू कराए जाने का अंदेशा जताते हुए कर्मियों ने रविवार को दुधवा नेशनल पार्क के रिसेप्शन गेट परं भी ताला जड़ दिया और वहीं नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। कर्मियों ने कहा कि साजिश के तहत पर्यटन शुरू कराने की कवायद की जा रही है जिसको कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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सुबह से ही शुरू हो गई थी कवायद
दुधवा कर्मियों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए अधिकारियों ने रविवार की सुबह से ही कवायद शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है पर्यटन शुरू कराने के लिए यह जद्दोजहद की गई थी। अधिकारी पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में काफी देर एक दूसरे से वार्ता करते रहे और फिर दुधवा बेस कैंप में डीडी से भी वार्ता की। वार्ता में क्या तय हुआ इसका पता नहीं चल सका है। लेकिन कर्मियों का कहना है कि पार्क में पर्यटन शुरू कराने के लिए हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है और ऐसा हुआ तो आंदोलन और तेजी पकड़ लेगा और प्रदेश के कई जिलों से वन कर्मियों को यहां बुलवा लिया जाएगा।