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अमर उजाला फाउंडेशन के साथ रोजाना जुड़ रहे नए साथी
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अमर उजाला के राहत शिविर में क्वारंटीन किए गए लोगों की काउंसलिंग करते मनोचिकित्सक। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। जिला प्रशासन के सहयोग से अमर उजाला फाउंडेशन के राहत शिविर में क्वारंटीन किए गए लोगों के सहयोग को रोजाना नए साथी जुड़ रहे हैं। मंगलवार को राहत शिविर पहुंचे समाजसेवियों ने खाने पीने की बेहतर व्यवस्था कराई। उधर शिविर में पहुंचे मनोचिकित्सक ने क्वारंटीन किए गए लोगों की काउंसलिंग कर समस्याओं का समाधान किया।
अमर उजाला का राहत शिविर बाथम वैश्य धर्मशाला में है। यहां पर दूसरे प्रांत और जिलों से आए करीब 50 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। मंगलवार सुबह फरधान सीएचसी की डॉ. पल्लवी महेंद्रा, आप्टोमेटिस्ट आमिर हयात एवं फिजियोथेरेपिस्ट राजीव वर्मा ने सभी लोगों का तापमान चेक किया। इसके बाद समाजसेवी एवं जेटीसी के मालिक इंद्रेश गुप्ता ने क्वारंटीन लोगों को पूड़ी सब्जी खिलाई। कन्हैया चाट वाले ने सभी को कढ़ी चावल खिलवाया।
अवसाद से बचने को मनोचिकित्सक ने दिए टिप्स
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ.अखिलेश शुक्ला मंगलवार को राहत शिविर पहुंचे। उन्होंने क्वारंटीन किए गए लोगों से वार्ता की। कुछ युवाओं ने नींद न आना, कोरोना संक्रमण को लेकर टेंशन होना बताया। इस पर मनोचिकित्सक ने कहा कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि सावधानी रखने की आवश्यकता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही स्वयं के साथ परिवार के लिए मुसीबत बन सकती है। कोरोना को लेकर दिमाग में भ्रम न पालें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए 14 दिन तक अलग रहना जरूरी है। सरकार ने आपको सुरक्षित रखने के लिए ही क्वारंटीन सेंटर बनाएं है। वहीं जिन लोगों ने नींद न आने की शिकायत की, उन्हें मोबाइल से गाना सुनने, गेम खेलने, ऑन लाइन धार्मिक किताबें पढ़ने को कहा। मनोचिकित्सक ने लोगों को सुबह उठकर योग करने की प्रेरणा दी।
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अमर उजाला का राहत शिविर बाथम वैश्य धर्मशाला में है। यहां पर दूसरे प्रांत और जिलों से आए करीब 50 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। मंगलवार सुबह फरधान सीएचसी की डॉ. पल्लवी महेंद्रा, आप्टोमेटिस्ट आमिर हयात एवं फिजियोथेरेपिस्ट राजीव वर्मा ने सभी लोगों का तापमान चेक किया। इसके बाद समाजसेवी एवं जेटीसी के मालिक इंद्रेश गुप्ता ने क्वारंटीन लोगों को पूड़ी सब्जी खिलाई। कन्हैया चाट वाले ने सभी को कढ़ी चावल खिलवाया।
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अवसाद से बचने को मनोचिकित्सक ने दिए टिप्स
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ.अखिलेश शुक्ला मंगलवार को राहत शिविर पहुंचे। उन्होंने क्वारंटीन किए गए लोगों से वार्ता की। कुछ युवाओं ने नींद न आना, कोरोना संक्रमण को लेकर टेंशन होना बताया। इस पर मनोचिकित्सक ने कहा कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि सावधानी रखने की आवश्यकता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही स्वयं के साथ परिवार के लिए मुसीबत बन सकती है। कोरोना को लेकर दिमाग में भ्रम न पालें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए 14 दिन तक अलग रहना जरूरी है। सरकार ने आपको सुरक्षित रखने के लिए ही क्वारंटीन सेंटर बनाएं है। वहीं जिन लोगों ने नींद न आने की शिकायत की, उन्हें मोबाइल से गाना सुनने, गेम खेलने, ऑन लाइन धार्मिक किताबें पढ़ने को कहा। मनोचिकित्सक ने लोगों को सुबह उठकर योग करने की प्रेरणा दी।
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