{"_id":"63542de17b89c503a03a5a18","slug":"akhand-jyoti-is-burning-on-gayatri-shaktipeeth-for-27-years-lakhimpur-news-bly501621189","type":"story","status":"publish","title_hn":"गायत्री शक्तिपीठ पर 27 वर्षों से जल रही अखंड ज्योति से लोग जलाते हैं दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गायत्री शक्तिपीठ पर 27 वर्षों से जल रही अखंड ज्योति से लोग जलाते हैं दिए
विज्ञापन
खमरिया स्थित गायत्री शक्तिपीठ।
यहीं से ज्योति ले जाकर लोग अपने घरों की पूजा वेदी पर करते हैं स्थापित
खमरिया। गायत्री शक्तिपीठ पर प्रज्वलित अखंड ज्योति से श्रद्धालु दीपावली पर दीया जलाकर अपने घरों की पूजा वेदी पर स्थापित करते हैं। उसी दीये से अन्य दीये जलाकर घर को रोशन करते हैं। खमरिया कस्बा और आसपास के गांवों में यह परंपरा पिछले 27 बरसों से चली आ रही है।
शारदीय नवरात्रि 1996 में गाय के देशी घी से खमरिया कस्बे के गायत्री शक्तिपीठ में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई थी। तब से प्रतिदिन अखंड जप, नित्य द्वादश ज्योतिर्लिंगों के रुद्राभिषेक और प्रतिदिन 24 देव शक्तियों की विशेष आहुतियां दी जा रही हैं। यहां स्वरोजगार प्रशिक्षण सामाजिक संगठनों के माध्यम से दिया जाता है। इस शक्तिपीठ के माध्यम से अब तक सर्व धर्म की कुल 11566 कन्याओं के विवाह कराए जा चुके हैं। यहां प्रतिदिन प्रज्ञा योग व्यायाम होते हैं।
गायत्री शक्ति पीठ के संचालक मुरलीधर मौर्य ने बताया कि यहां धर्मार्थ चिकित्सा परामर्श केंद्र व आवासीय संस्कारशाला का संचालन भी किया गया। यहां श्रद्धालुओं को चिकित्सा विज्ञान से असाध्य रोगों में भी चामत्कारिक लाभ मिला है। प्रज्वलित अखंड ज्योति में अब तक 56 क्विंटल से अधिक घी, प्रतिदिन 9 कुंडीय यज्ञशाला में 312 क्विंटल से अधिक हवन सामग्री का उपयोग हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खमरिया। गायत्री शक्तिपीठ पर प्रज्वलित अखंड ज्योति से श्रद्धालु दीपावली पर दीया जलाकर अपने घरों की पूजा वेदी पर स्थापित करते हैं। उसी दीये से अन्य दीये जलाकर घर को रोशन करते हैं। खमरिया कस्बा और आसपास के गांवों में यह परंपरा पिछले 27 बरसों से चली आ रही है।
शारदीय नवरात्रि 1996 में गाय के देशी घी से खमरिया कस्बे के गायत्री शक्तिपीठ में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई थी। तब से प्रतिदिन अखंड जप, नित्य द्वादश ज्योतिर्लिंगों के रुद्राभिषेक और प्रतिदिन 24 देव शक्तियों की विशेष आहुतियां दी जा रही हैं। यहां स्वरोजगार प्रशिक्षण सामाजिक संगठनों के माध्यम से दिया जाता है। इस शक्तिपीठ के माध्यम से अब तक सर्व धर्म की कुल 11566 कन्याओं के विवाह कराए जा चुके हैं। यहां प्रतिदिन प्रज्ञा योग व्यायाम होते हैं।
विज्ञापन
गायत्री शक्ति पीठ के संचालक मुरलीधर मौर्य ने बताया कि यहां धर्मार्थ चिकित्सा परामर्श केंद्र व आवासीय संस्कारशाला का संचालन भी किया गया। यहां श्रद्धालुओं को चिकित्सा विज्ञान से असाध्य रोगों में भी चामत्कारिक लाभ मिला है। प्रज्वलित अखंड ज्योति में अब तक 56 क्विंटल से अधिक घी, प्रतिदिन 9 कुंडीय यज्ञशाला में 312 क्विंटल से अधिक हवन सामग्री का उपयोग हो चुका है।
विज्ञापन