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अजीत पाल हत्याकांड: शासन ने लिया संज्ञान तो पुलिस हुई सक्रिय
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लखीमपुर खीरी। डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी अजीत पाल की हत्या को हुए डेढ़ महीने से अधिक हो गया था, लेकिन पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। गुरुवार को जब शासन ने संज्ञान लिया तो आनन-फानन में न सिर्फ आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया बल्कि प्रभारी निरीक्षक को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी अजीत प्रताप लाल का शव 27 जून की सुबह उसके ही कमरे में खून से लथपथ मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस की जांच में यह साफ हो गया था कि अजीत जिस चौथी मंजिल के फ्लैट में रहता था। उसी फ्लैट में सबसे निचले तल पर 25 जून को शादी समारोह था, जिसमें हुई हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से ही अजीत की मौत हुई। पुलिस ने हर्ष फायरिंग करने वाले आरोपी शानू खान की पहचान भी कर ली, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं किए गए। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक सदर अजय कुमार मिश्र कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक सदर ने आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी एक चौकी इंचार्ज को दी, लेकिन उसने भी आरोपी को गिरफ्तारी करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। गुरुवार को गोरखपुर के भाजपा विधायक डॉ.आरएमडी अग्रवाल ने जब इस मामले के संबंध में ट्वीट किया तो शासन हरकत में आया और यहां भी पुलिस सक्रिय हो गई। आनन फानन में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक को भी लाइनहाजिर कर दिया। पुलिस की तत्परता यहां चर्चा का विषय बनी रही।
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डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी अजीत प्रताप लाल का शव 27 जून की सुबह उसके ही कमरे में खून से लथपथ मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस की जांच में यह साफ हो गया था कि अजीत जिस चौथी मंजिल के फ्लैट में रहता था। उसी फ्लैट में सबसे निचले तल पर 25 जून को शादी समारोह था, जिसमें हुई हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से ही अजीत की मौत हुई। पुलिस ने हर्ष फायरिंग करने वाले आरोपी शानू खान की पहचान भी कर ली, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं किए गए। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक सदर अजय कुमार मिश्र कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक सदर ने आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी एक चौकी इंचार्ज को दी, लेकिन उसने भी आरोपी को गिरफ्तारी करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। गुरुवार को गोरखपुर के भाजपा विधायक डॉ.आरएमडी अग्रवाल ने जब इस मामले के संबंध में ट्वीट किया तो शासन हरकत में आया और यहां भी पुलिस सक्रिय हो गई। आनन फानन में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक को भी लाइनहाजिर कर दिया। पुलिस की तत्परता यहां चर्चा का विषय बनी रही।
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