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समितियों पर नहीं है यूरिया, किसान परेशान
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गोला गोकर्णनाथ। इस समय यूरिया न मिलने से किसान परेशान हैं। समितियों पर सन्नाटा पसरा है और किसान महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को विवश है।
ममरी कस्बे की 200 टन भंडारण वाली साधन सहकारी समिति पर यूरिया का टोटा होने से किसान 270 रुपये में मिलने वाली यूरिया प्राइवेट दुकानों से 300 से 320 रुपये प्रति बोरी की दर से खरीदने को मजबूर हैं। जबकि झाऊपुर सहकारी समिति पर यूरिया का वितरण हो रहा है वहां के इंचार्ज सचिव मिथलेश कुमार सिंह का कहना है की एक ट्रक यूरिया 22 जुलाई को आई है जिसका किसानों में वितरण हो रहा है। उधर, ममरी समिति के सचिव रविंद्र कुमार का कहना है यूरिया का स्टॉक 16 जुलाई को समाप्त हुआ है तब से कुछ ही किसान यूरिया की तलाश में आ रहे हैं। इसी वजह से चेक नहीं लगाई गई। सचिव का कहना यह भी है यदि यूरिया लाई जाती है तो उसकी बिक्री न होने पर ब्याज समिति को चुकाना पड़ता है।
अमीरनगर कस्बे की साधन सहकारी समिति पर एक सप्ताह से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है जिसके चलते समिति पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि इस समय किसानों को गन्ना,धान, मूंगफली, केला आदि फसलों में यूरिया खाद की आवश्यकता है।
एक सप्ताह से यूरिया खाद हमारे यहां नहीं है। जिले पर डिमांड की है यूरिया खाद आने पर ही किसानों को बांटी जाएगी।
--अमित तिवारी, सचिव साधन सहकारी समिति अमीर नगर
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ममरी कस्बे की 200 टन भंडारण वाली साधन सहकारी समिति पर यूरिया का टोटा होने से किसान 270 रुपये में मिलने वाली यूरिया प्राइवेट दुकानों से 300 से 320 रुपये प्रति बोरी की दर से खरीदने को मजबूर हैं। जबकि झाऊपुर सहकारी समिति पर यूरिया का वितरण हो रहा है वहां के इंचार्ज सचिव मिथलेश कुमार सिंह का कहना है की एक ट्रक यूरिया 22 जुलाई को आई है जिसका किसानों में वितरण हो रहा है। उधर, ममरी समिति के सचिव रविंद्र कुमार का कहना है यूरिया का स्टॉक 16 जुलाई को समाप्त हुआ है तब से कुछ ही किसान यूरिया की तलाश में आ रहे हैं। इसी वजह से चेक नहीं लगाई गई। सचिव का कहना यह भी है यदि यूरिया लाई जाती है तो उसकी बिक्री न होने पर ब्याज समिति को चुकाना पड़ता है।
अमीरनगर कस्बे की साधन सहकारी समिति पर एक सप्ताह से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है जिसके चलते समिति पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि इस समय किसानों को गन्ना,धान, मूंगफली, केला आदि फसलों में यूरिया खाद की आवश्यकता है।
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एक सप्ताह से यूरिया खाद हमारे यहां नहीं है। जिले पर डिमांड की है यूरिया खाद आने पर ही किसानों को बांटी जाएगी।
--अमित तिवारी, सचिव साधन सहकारी समिति अमीर नगर