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बच्चों ! ड्रेस भूल जाओ, मगर स्वेटर लेना मत भूलना
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लखीमपुर खीरी। प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में इस सत्र में बच्चों को पढ़ते हुए तीन महीने हो चुके हैं, मगर अब तक 35 फीसदी बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाई है। वहीं अब बीएसए को सर्दियों में स्वेटर बांटने के लिए 4.92 करोड़ रुपये मिल गए हैं। ड्रेस वितरण में खूब कमीशनबाजी चली, अब स्वेटर वितरण पर निगाहें लग गई हैं। मगर अब सबसे ज्यादा ध्यान बच्चों को ही रखना होगा कि वे अपना स्वेटर जरूर पा लें, अक्तूबर में ये स्वेटर बांटा जाना तय हुआ है।
लखीमपुर में प्राइमरी और जूनियर दोनों मिलाकर 3856 स्कूल हैं। इनमें 5.32 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें बच्चों को ड्रेस वितरण के लिए शासन ने 13 करोड़ 97 लाख 85 हजार 900 रुपये का बजट आवंटित किया था। एक बच्चे की ड्रेस खरीदने के लिए 600 रुपये का प्रावधान था। एक बच्चे को दो सेट यूनीफार्म दी जानी हैं। ड्रेस वितरण का पूरा बजट फिलहाल ठिकाने लग गया, लेकिन शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाई। न ही अब बचे समय में बच्चों को ड्रेस मिल पाएगी। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो को स्वेटर वितरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को 4.92 करोड़ रुपये बजट फिर मिल गया है। इस बार बीएसए ही सभी बच्चों के लिए स्वेटर की खरीद करेंगे। छात्र-छात्राओं को एक-एक स्वेटर दिया जाएगा।
ऐसे होगी स्वेटरों की खरीद
शासन की वेबसाइट जेम पोर्टल पर बिड लगाकर स्वेटरों की खरीद की जाएगी। इससे पहले एसएमसी खातों में स्वेटर खरीदने का बजट भेजा जाता था। वहां प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष मिलकर स्वेटर खरीदते थे। बीते वर्षों में ड्रेस और स्वेटर खरीद में करोड़ों की हेरफेर की गई। सरकार ने प्रति स्वेटर 200 रुपये बजट निर्धारित किया है। इसी दर पर विभाग स्वेटरों की खरीद करेगा। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि स्वेटर के लिए अभी चार करोड़ 92 लाख 39 हजार 200 रुपये प्राप्त हुए हैं। इससे 2,36,196 छात्रों को स्वेटर वितरित किए जा सकेंगे। स्वेटर की खरीद प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। अक्तूबर में स्वेटरों का वितरण कराया जाएगा।
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लखीमपुर में प्राइमरी और जूनियर दोनों मिलाकर 3856 स्कूल हैं। इनमें 5.32 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें बच्चों को ड्रेस वितरण के लिए शासन ने 13 करोड़ 97 लाख 85 हजार 900 रुपये का बजट आवंटित किया था। एक बच्चे की ड्रेस खरीदने के लिए 600 रुपये का प्रावधान था। एक बच्चे को दो सेट यूनीफार्म दी जानी हैं। ड्रेस वितरण का पूरा बजट फिलहाल ठिकाने लग गया, लेकिन शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाई। न ही अब बचे समय में बच्चों को ड्रेस मिल पाएगी। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो को स्वेटर वितरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को 4.92 करोड़ रुपये बजट फिर मिल गया है। इस बार बीएसए ही सभी बच्चों के लिए स्वेटर की खरीद करेंगे। छात्र-छात्राओं को एक-एक स्वेटर दिया जाएगा।
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ऐसे होगी स्वेटरों की खरीद
शासन की वेबसाइट जेम पोर्टल पर बिड लगाकर स्वेटरों की खरीद की जाएगी। इससे पहले एसएमसी खातों में स्वेटर खरीदने का बजट भेजा जाता था। वहां प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष मिलकर स्वेटर खरीदते थे। बीते वर्षों में ड्रेस और स्वेटर खरीद में करोड़ों की हेरफेर की गई। सरकार ने प्रति स्वेटर 200 रुपये बजट निर्धारित किया है। इसी दर पर विभाग स्वेटरों की खरीद करेगा। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि स्वेटर के लिए अभी चार करोड़ 92 लाख 39 हजार 200 रुपये प्राप्त हुए हैं। इससे 2,36,196 छात्रों को स्वेटर वितरित किए जा सकेंगे। स्वेटर की खरीद प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। अक्तूबर में स्वेटरों का वितरण कराया जाएगा।
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