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Lakhimpur Kheri News: 32 करोड़ से बनेगा अदलाबाद-शारदानगर बंधा मार्ग, तराई वालों को मिलेगी राहत
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जर्जर हालत में अदलाबाद-शारदानगर बंधा मार्ग। संवाद
लखीमपुर खीरी/निघासन। अदलाबाद से शारदानगर होते हुए लखीमपुर तक जाने वाले 16 किलोमीटर लंबे बंधा मार्ग का कायाकल्प होने जा रहा है। मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने 32 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। मार्ग के बन जाने से झंडी और अदलाबाद से लखीमपुर जाने वाले लोगों के लिए यह दूरी करीब 17 किलोमीटर, जबकि निघासन से जिला मुख्यालय की दूरी करीब पांच किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
बंधा मार्ग काफी समय से जर्जर हालत में है। इससे होकर गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानी होती है। अब लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग काे बनवाने की सहमति दे दी है। 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की चौड़ाई अभी तीन मीटर है, जिसे बढ़ाकर साढ़े पांच मीटर किया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। लखीमपुर, शारदानगर से निघासन, सिंगाही, बेलरायां, तिकुनिया जाने वाले लोगों को इस मार्ग के जरिये कम दूरी तय करनी होगी।
अब तक निघासन से ढखेरवा चौराहा होते हुए लखीमपुर की दूरी करीब 55 किलोमीटर है। वहीं निघासन से झंडी होते हुए लखीमपुर की दूरी मात्र 50 किलोमीटर ही पड़ेगी। इस तरह झंडी और अदलाबाद से लखीमपुर जाने वाले लोगों को पहले निघासन होकर 61 किलोमीटर जाना पड़ रहा था, लेकिन बंधा मार्ग बन जाने से उनको मात्र 44 किलोमीटर का सफर ही तय करना पड़ेगा। 17 किमी कम चलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
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बारिश में भी अवरुद्ध नहीं होगा यह मार्ग
तराई क्षेत्र का यह मार्ग खासतौर पर बाढ़ और बरसात के मौसम में पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। बंधे की ज्यादा ऊंचाई होने और मिट्टी खिसकने के कारण यह संकरा और खतरनाक हो गया था। राहगीरों, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं।
समय और खर्च बचाएगा यह मार्ग
इस मार्ग के बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल सहित तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, निघासन, झंडी, अदलाबाद, शारदानगर और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को लखीमपुर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और छोटा रास्ता मिलेगा। अब तक उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। नया मार्ग यात्रा समय और खर्च दोनों को कम करेगा।
यह गांव होंगे लाभान्वित
पड़ोसी देश नेपाल सहित तिकुनिया, बेलरायां, सिंगाही, निघासन, मझगईं, बम्हनपुर, दुबहा, खैरहनी, लुधौरी, सहित अदलाबाद, झंडी, बेलापरसुआ सहित 24 गांवों के लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
-- -क्षेत्रवासी बोले- मार्ग बन जाने सेे बढ़ेगी विकास की रफ्तार -- -
यह मार्ग हमारे गांव और आसपास की पूरी आबादी के लिए जीवनरेखा है। वर्षों से उपेक्षित इस मार्ग की सुध ली गई है। हमारी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। इससे गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी। -मनोज कुमार, ग्राम प्रधान, मूड़ा बुजुर्ग
इस मार्ग की बदहाली में कई साल गुजर गए। बरसात में तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अब पक्के और चौड़े मार्ग की बात हो रही है, तो लगता है कि विकास की रोशनी हमारे गांव तक पहुंच रही है। - मोहम्मद यूसुफ, ग्रामीण, बरोठा
सीडी वन व सीडी थ्री की देखरेख में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। सड़क चौड़ीकरण व निर्माण होने से कई गांवों सहित अन्य राहगीरों को काफी सहूलियत मिलेगी। - केके झा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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बंधा मार्ग काफी समय से जर्जर हालत में है। इससे होकर गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानी होती है। अब लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग काे बनवाने की सहमति दे दी है। 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की चौड़ाई अभी तीन मीटर है, जिसे बढ़ाकर साढ़े पांच मीटर किया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। लखीमपुर, शारदानगर से निघासन, सिंगाही, बेलरायां, तिकुनिया जाने वाले लोगों को इस मार्ग के जरिये कम दूरी तय करनी होगी।
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अब तक निघासन से ढखेरवा चौराहा होते हुए लखीमपुर की दूरी करीब 55 किलोमीटर है। वहीं निघासन से झंडी होते हुए लखीमपुर की दूरी मात्र 50 किलोमीटर ही पड़ेगी। इस तरह झंडी और अदलाबाद से लखीमपुर जाने वाले लोगों को पहले निघासन होकर 61 किलोमीटर जाना पड़ रहा था, लेकिन बंधा मार्ग बन जाने से उनको मात्र 44 किलोमीटर का सफर ही तय करना पड़ेगा। 17 किमी कम चलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
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बारिश में भी अवरुद्ध नहीं होगा यह मार्ग
तराई क्षेत्र का यह मार्ग खासतौर पर बाढ़ और बरसात के मौसम में पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। बंधे की ज्यादा ऊंचाई होने और मिट्टी खिसकने के कारण यह संकरा और खतरनाक हो गया था। राहगीरों, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं।
समय और खर्च बचाएगा यह मार्ग
इस मार्ग के बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल सहित तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, निघासन, झंडी, अदलाबाद, शारदानगर और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को लखीमपुर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और छोटा रास्ता मिलेगा। अब तक उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। नया मार्ग यात्रा समय और खर्च दोनों को कम करेगा।
यह गांव होंगे लाभान्वित
पड़ोसी देश नेपाल सहित तिकुनिया, बेलरायां, सिंगाही, निघासन, मझगईं, बम्हनपुर, दुबहा, खैरहनी, लुधौरी, सहित अदलाबाद, झंडी, बेलापरसुआ सहित 24 गांवों के लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह मार्ग हमारे गांव और आसपास की पूरी आबादी के लिए जीवनरेखा है। वर्षों से उपेक्षित इस मार्ग की सुध ली गई है। हमारी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। इससे गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी। -मनोज कुमार, ग्राम प्रधान, मूड़ा बुजुर्ग
इस मार्ग की बदहाली में कई साल गुजर गए। बरसात में तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अब पक्के और चौड़े मार्ग की बात हो रही है, तो लगता है कि विकास की रोशनी हमारे गांव तक पहुंच रही है। - मोहम्मद यूसुफ, ग्रामीण, बरोठा
सीडी वन व सीडी थ्री की देखरेख में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। सड़क चौड़ीकरण व निर्माण होने से कई गांवों सहित अन्य राहगीरों को काफी सहूलियत मिलेगी। - केके झा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

जर्जर हालत में अदलाबाद-शारदानगर बंधा मार्ग। संवाद

जर्जर हालत में अदलाबाद-शारदानगर बंधा मार्ग। संवाद

जर्जर हालत में अदलाबाद-शारदानगर बंधा मार्ग। संवाद