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Lakhimpur Kheri News: शहर से सटा, फिर भी 20 साल से सड़क से दूर
Sat, 08 Aug 2026 11:06 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:06 PM IST
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रुनझुन
लखीमपुर खीरी। शहर से सटे ग्राम सलेमपुर की गोविंद नगर कॉलोनी के निवासी करीब 20 वर्षों से पक्की सड़क की सुविधा से वंचित है। सड़क न बनने से बरसात में पूरा मार्ग कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाता है। पैदल निकलना मुश्किल होने के साथ दोपहिया वाहन फिसलने से हादसे का खतरा बना रहता है।
जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों के आने-जाने और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब बजट न होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीण अफताब, हुश्नबानो, साकिया, हाजिरी, सफरूदीन, रुनझुन, अब्बास, हासिमी और सागिरि ने नाराजगी जताई। प्रधान/प्रशासक विद्दोमा वर्मा ने बताया कि गोविंद नगर में कुछ सड़कें बन चुकी हैं और कुछ प्रस्तावित हैं। ग्राम पंचायत बड़ी है, इसलिए सभी क्षेत्रों में काम देखना होता है।
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हम 20 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन अब तक पक्की सड़क नहीं बनी। कई बार शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।
-रुनझुन
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शहर से सटा होने के बावजूद हमारा गांव नरक बना हुआ है। हमारी गली के दो मार्ग हैं। जलभराव और झाड़ियों के कारण एक रास्ता पूरी तरह बंद है।
-अब्बास
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सड़क और नाली न होने से बारिश का पानी आसपास भर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। उन्हें गोद में उठाकर बाहर तक निकालना पड़ता है।
-हासमी
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गोविंद नगर में तीन गलियां हैं और तीनों की हालत खराब है। सबसे ज्यादा सीबी सिंह स्कूल वाली दूसरी गली खराब है।
-सागिरी
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ग्राम पंचायत से इसकी जानकारी कराई जाएगी। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार होगी। बजट हुआ तो जल्द निर्माण शुरू कराया जाएगा, नहीं तो बजट आने तक इंतजार करना होगा।
-विशाल सिंह, डीपीआरओ
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जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों के आने-जाने और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब बजट न होने की बात कही जा रही है।
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ग्रामीण अफताब, हुश्नबानो, साकिया, हाजिरी, सफरूदीन, रुनझुन, अब्बास, हासिमी और सागिरि ने नाराजगी जताई। प्रधान/प्रशासक विद्दोमा वर्मा ने बताया कि गोविंद नगर में कुछ सड़कें बन चुकी हैं और कुछ प्रस्तावित हैं। ग्राम पंचायत बड़ी है, इसलिए सभी क्षेत्रों में काम देखना होता है।
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हम 20 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन अब तक पक्की सड़क नहीं बनी। कई बार शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।
-रुनझुन
शहर से सटा होने के बावजूद हमारा गांव नरक बना हुआ है। हमारी गली के दो मार्ग हैं। जलभराव और झाड़ियों के कारण एक रास्ता पूरी तरह बंद है।
-अब्बास
सड़क और नाली न होने से बारिश का पानी आसपास भर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। उन्हें गोद में उठाकर बाहर तक निकालना पड़ता है।
-हासमी
गोविंद नगर में तीन गलियां हैं और तीनों की हालत खराब है। सबसे ज्यादा सीबी सिंह स्कूल वाली दूसरी गली खराब है।
-सागिरी
ग्राम पंचायत से इसकी जानकारी कराई जाएगी। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार होगी। बजट हुआ तो जल्द निर्माण शुरू कराया जाएगा, नहीं तो बजट आने तक इंतजार करना होगा।
-विशाल सिंह, डीपीआरओ

रुनझुन

रुनझुन

रुनझुन

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