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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Acting without the approval as being SO deployment

बिना अनुमोदन कार्यवाहक एसओ के रूप में दी जा रही तैनाती

Sun, 31 Jan 2016 07:42 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 31 Jan 2016 07:42 PM IST
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एसआई और इंस्पेक्टर को थाना और कोतवाली का चार्ज एसपी की सिफारिश और डीएम के अनुमोदन पर दिया जाता है, लेकिन जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। वजह है कि डीएम किंजल सिंह और एसपी अखिलेश चौरसिया एक राय नहीं हो पा रहे हैं। जिले के थाने और कोतवाली की कुर्सी पर डीएम के अनुमोदन के बिना ही एसआई और इंस्पेक्टर को आसीन किया जा रहा है।
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एसपी अखिलेश चौरसिया ने अभी हाल ही में थाना निघासन के एसओ के लिए अमर सिंह और थाना हैदराबाद के एसओ के लिए विश्वनाथ यादव के नाम का प्रस्ताव डीएम किंजल सिंह के पास भेजा था, लेकिन डीएम ने निघासन और हैदराबाद में इन दोनों को तैनाती देने से मना करते हुए उनके नाम का अनुमोदन नहीं किया, फिर भी एसपी ने अमर सिंह को थाना निघासन का और विश्वनाथ यादव को थाना हैदराबाद का कार्यवाहक एसओ नियुक्त कर दिया। पुलिस विभाग के सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि पूर्व से भी कई एसओ बतौर कार्यवाहक थाने का चार्ज संभाल रहे हैं, लेकिन एसपी अखिलेश चौरसिया इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। हालांकि निघासन और हैदराबाद थाने के कार्यवाहक एसओ की तैनाती के बाद पुलिस विभाग में इस बात की चर्चा आम हो गई हैं कि एक जाति विशेष के उपनिरीक्षकों को तो कोटा फुुल है, लेकिन एससी कोटे के दरोगाओं की ओर किसी की भी नजर नहीं है।
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उम्र 58 साल और बने हैं इंचार्ज
डीजीपी का आदेश है कि 58 साल की उम्र वाले एसआई और इंस्पेक्टर को थाने का चार्ज नहीं दिया जाएगा, लेकिन जिले में इस आदेश की भी परवाह नहीं की जा रही है। वजह है कि गोला कोतवाल नेमचंद गंगवार और संपूर्णानगर थाने के इंचार्ज बलवीर सिंह की उम्र 58 साल से अधिक है, लेकिन वे इंचार्ज की कुर्सी पर आसीन हैं। हालांकि नेमचंद गंगवार की बाबत एसपी कहते हैं कि वह पूर्व से इंचार्ज हैं। हालांकि बलवीर सिंह अभी हाल ही में थाना संपूर्णानगर के इंचार्ज बनाए गए हैं। एसपी कहते हैं कि बलवीर सिंह के अनुमोदन की फाइल डीआईजी रेंज को भेजी गई है।
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एसओ निघासन और हैदराबाद की तैनाती के लिए अनुमोदन देने से मना कर दिया था, फिर भी दोनों को कार्यवाहक के रूप में तैनात किया गया है। यदि ऐसा आगे भी किया गया तो वह मामले में लिखापढ़ी करेंगी। - किंजल सिंह, डीएम।


एसपी के विवेक पर एसआई और इंस्पेक्टर को थाने का चार्ज दिया जाता है। डीएम का अनुमोदन न हो तो डीआईजी रेंज से अनुमोदन लिया जा सकता है। हैदराबाद और निघासन के मामले में भी अनुमोदन के लिए डीआईजी रेंज के पास फाइल भेजी गई है। - अखिलेश चौरसिया, एसपी
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