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Lakhimpur Kheri News: खेत में गन्ना छील रहे युवक पर गिरी हाईटेंशन लाइन, माैत
Tue, 13 Jan 2026 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:19 PM IST
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मौके पर एकत्र भीड़। स्रोत: ग्रामीण
मैगलगंज। खूंटी खुर्द मार्ग पर स्थित खेत में मंगलवार को गन्ना छील रहे कस्बा औरंगाबाद के नीरज (22) पुत्र मैकू के ऊपर एकाएक हाईटेंशन लाइन गिर गई। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। फसल भी जलकर राख हो गई।
नीरज अपने परिवार में सबसे छोटे थे। उनके दो बड़े भाई में से एक बाहर रहकर काम करते हैं। दूसरा भाई क्षेत्र के एक होटल में मजदूरी करता है। पिता मैकू भूमिहीन हैं। इसी कारण नीरज मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने में सहयोग करता था। नीरज अपने अन्य साथियों के साथ मंगलवार को खेत में गन्ना छीलने का कार्य कर रहा था। इसी बीच वह हादसे का शिकार हो गया।
सूचना पर पिता मैकू घटनास्थल पर पहुंचे और दहाड़े मारकर रोते रहे। बोले कि बिजली निगम की घोर लापरवाही के चलते उसने अपने बेटे को खो दिया। बता दें कि नियम के अनुसार, 11 हजार वोल्ट की लाइन लोहे के खंभों से नहीं जोड़ी जानी चाहिए और न ही इसके तार लोहे के होने चाहिए, जबकि जिस खेत में नीरज गन्ना छील रहा था, वहां 11 हजार वोल्ट की लाइन लोहे के खंभे से जुड़ी हुई थी और उसके तार भी लोहे के थे।
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नियमानुसार तार एल्यूमीनियम के होने चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली निगम ने मानकों का पालन किया होता और समय रहते सुधार किया होता, तो यह हादसा नहीं होता।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस हाईटेंशन लाइन से यह हादसा हुआ, वह काफी समय से जर्जर हालत में थी। तार ढीले और पुराने हो चुके थे। कई बार बिजली निगम से इसकी शिकायत भी की लेकिन अधिकारियों की तरफ से समय रहते न तो तार बदले गए और न ही कोई मरम्मत कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बिजली निगम ने नियमित निरीक्षण और आवश्यक सुधार किए जाते, तो यह हादसा बच सकता था।
ग्रामीणों ने बिजली निगम की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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घटना बेहद दर्दनाक है। बुधवार को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर तारों को बदलवाएंगे।
-रत्नेश सिंह, एसडीओ, विद्युत निगम, मोहम्मदी
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नीरज अपने परिवार में सबसे छोटे थे। उनके दो बड़े भाई में से एक बाहर रहकर काम करते हैं। दूसरा भाई क्षेत्र के एक होटल में मजदूरी करता है। पिता मैकू भूमिहीन हैं। इसी कारण नीरज मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने में सहयोग करता था। नीरज अपने अन्य साथियों के साथ मंगलवार को खेत में गन्ना छीलने का कार्य कर रहा था। इसी बीच वह हादसे का शिकार हो गया।
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सूचना पर पिता मैकू घटनास्थल पर पहुंचे और दहाड़े मारकर रोते रहे। बोले कि बिजली निगम की घोर लापरवाही के चलते उसने अपने बेटे को खो दिया। बता दें कि नियम के अनुसार, 11 हजार वोल्ट की लाइन लोहे के खंभों से नहीं जोड़ी जानी चाहिए और न ही इसके तार लोहे के होने चाहिए, जबकि जिस खेत में नीरज गन्ना छील रहा था, वहां 11 हजार वोल्ट की लाइन लोहे के खंभे से जुड़ी हुई थी और उसके तार भी लोहे के थे।
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नियमानुसार तार एल्यूमीनियम के होने चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली निगम ने मानकों का पालन किया होता और समय रहते सुधार किया होता, तो यह हादसा नहीं होता।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस हाईटेंशन लाइन से यह हादसा हुआ, वह काफी समय से जर्जर हालत में थी। तार ढीले और पुराने हो चुके थे। कई बार बिजली निगम से इसकी शिकायत भी की लेकिन अधिकारियों की तरफ से समय रहते न तो तार बदले गए और न ही कोई मरम्मत कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बिजली निगम ने नियमित निरीक्षण और आवश्यक सुधार किए जाते, तो यह हादसा बच सकता था।
ग्रामीणों ने बिजली निगम की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
घटना बेहद दर्दनाक है। बुधवार को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर तारों को बदलवाएंगे।
-रत्नेश सिंह, एसडीओ, विद्युत निगम, मोहम्मदी