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तेज बुखार से एक और अधेड़ की मौत
बांकेगंज
Updated Sun, 04 Oct 2015 11:32 PM IST
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बांकेगंज इलाके मेे तेज बुखार से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। तेज बुखार आने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती निकटवर्ती ग्राम गुलाब नगर निवासी 50 वर्षीय मकीउल्ला की रविवार शाम मौत हो गई। इससे पहले कस्बा सहित क्षेत्र में तेज बुखार से दर्जनों लोगों की जान जा चुकी हैं। बावजूद इसके स्थानीय सीएचसी के डॉक्टर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
निकटवर्ती गांव गुलाब नगर निवासी 55 वर्षीय मकीउल्ला पुत्र अजीमुल्ला को दो दिन पहले बुखार आया था। परिवारीजन उसे इलाज के लिए सीएचसी ले गए। परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि सीएचसी में डॉक्टरों ने बुखार से तड़प रहे मकीउल्ला को रंगीन गोलियां थमा कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। शनिवार रात उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवारीजन रविवार सवेरे मकीउल्ला के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत सुधारने के बजाय और बिगड़ गई। इस दौरान शाम लगभग पांच बजे तेज बुखार से मकीउल्ला की जिला अस्पताल में ही मौत हो गई। मकीउल्ला की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर ग्रामीण फरीद अहमद, मुश्ताक अली, शहंशाह, इरफान अली, जुबेर अहमद, लईक अहमद आदि ने आरोप लगाया कि इससे पांच दिन पहले गांव की ही साबिरा पत्नी रफीउल्ला की भी तेज बुखार से मौत हो चुकी है। गांव के अंदर दर्जनों की संख्या में लोग संक्रामक रोगों की चपेट में है। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सीएचसी की दशा में सुधार की मांग की है। सुधार न होने की स्थित में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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निकटवर्ती गांव गुलाब नगर निवासी 55 वर्षीय मकीउल्ला पुत्र अजीमुल्ला को दो दिन पहले बुखार आया था। परिवारीजन उसे इलाज के लिए सीएचसी ले गए। परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि सीएचसी में डॉक्टरों ने बुखार से तड़प रहे मकीउल्ला को रंगीन गोलियां थमा कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। शनिवार रात उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवारीजन रविवार सवेरे मकीउल्ला के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत सुधारने के बजाय और बिगड़ गई। इस दौरान शाम लगभग पांच बजे तेज बुखार से मकीउल्ला की जिला अस्पताल में ही मौत हो गई। मकीउल्ला की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर ग्रामीण फरीद अहमद, मुश्ताक अली, शहंशाह, इरफान अली, जुबेर अहमद, लईक अहमद आदि ने आरोप लगाया कि इससे पांच दिन पहले गांव की ही साबिरा पत्नी रफीउल्ला की भी तेज बुखार से मौत हो चुकी है। गांव के अंदर दर्जनों की संख्या में लोग संक्रामक रोगों की चपेट में है। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सीएचसी की दशा में सुधार की मांग की है। सुधार न होने की स्थित में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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