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निघासन के पूर्व विधायक केजी पटेल का निधन
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निघासन ( लखीमपुर खीरी)। सपा से निघासन विधानसभा में दो बार विधायक रहे पूर्व विधायक कृष्ण गोपाल पटेल का लंबी बीमारी से शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे लखनऊ के चरक हास्पिटल में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। उनका शव देवकली रोड पर स्थित आलू फार्म पर लाया गया है। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को दिन में 11 बजे जिला मुख्यालय पर किया जाएगा। उनकी मौत पर सपा कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख जताया, वहीं सभी राजनीतिक दलों, समाजसेवी संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।
मेरठ निवासी कृष्ण गोपाल ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था। वह मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष और महामंत्री के पद पर रहे। उसके बाद वह खीरी के देवकली रोड पर स्थित आलू फार्म पर रहने लगे। कांग्रेस सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बालगोविंद वर्मा, पूर्व सांसद स्वर्गीय ऊषा वर्मा के दामाद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा के बहनोई होने के कारण वह सपा में पूर्व जिला उपाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2002 में सपा से निघासन विधान सभा से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में हार के बाद वह निरंतर क्षेत्र में बने रहे। निघासन में 2014 में हुए उपचुनाव में वह फिर विधायक बने। लीवर की बीमारी के चलते 16 फरवरी को उनकी तबीयत खराब होने पर उनको लखनऊ स्थित चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर सुनकर लखनऊ में सपा नेता आनंद भदौरिया, धनंजय उपाध्याय, भाजपा नेता राजराजेश्वर सिंह पहुंचे। वह अपने पीछे पुत्र हिमांशु पटेल, बेटी राजुल पटेल और पत्नी पंचम गोपाल पटेल को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को 11 बजे लखीमपुर में होगा। उनकी मौत पर सांसद रवि प्रकाश वर्मा, पूर्व सांसद जफरअली नकवी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई, बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल एडवोकेट, सपा विधान सभाध्यक्ष ओमकार सिंह, अरुण मौर्य, रमेश अग्रवाल, गोपाल पांडे समेत सपाइयों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
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मेरठ निवासी कृष्ण गोपाल ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था। वह मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष और महामंत्री के पद पर रहे। उसके बाद वह खीरी के देवकली रोड पर स्थित आलू फार्म पर रहने लगे। कांग्रेस सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बालगोविंद वर्मा, पूर्व सांसद स्वर्गीय ऊषा वर्मा के दामाद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा के बहनोई होने के कारण वह सपा में पूर्व जिला उपाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2002 में सपा से निघासन विधान सभा से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में हार के बाद वह निरंतर क्षेत्र में बने रहे। निघासन में 2014 में हुए उपचुनाव में वह फिर विधायक बने। लीवर की बीमारी के चलते 16 फरवरी को उनकी तबीयत खराब होने पर उनको लखनऊ स्थित चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर सुनकर लखनऊ में सपा नेता आनंद भदौरिया, धनंजय उपाध्याय, भाजपा नेता राजराजेश्वर सिंह पहुंचे। वह अपने पीछे पुत्र हिमांशु पटेल, बेटी राजुल पटेल और पत्नी पंचम गोपाल पटेल को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को 11 बजे लखीमपुर में होगा। उनकी मौत पर सांसद रवि प्रकाश वर्मा, पूर्व सांसद जफरअली नकवी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई, बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल एडवोकेट, सपा विधान सभाध्यक्ष ओमकार सिंह, अरुण मौर्य, रमेश अग्रवाल, गोपाल पांडे समेत सपाइयों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
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