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डीटीआर में गूंजने लगीं बाघ शावकों की किलकारियां
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दुधवा टाइगर रिजर्व में गूंजने लगीं बाघ शावकों की किलकारियां
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल में इन दिनों बाघ शावकों की किलकारियां गूंजने लगीं हैं। पर्यटन और पेट्रोलिंग के दौरान सैलानियों और वन कर्मियों को कई जगह बाघिन अपने शावकों के संग दिखाई पड़ रही है। डीटीआर प्रशासन बाघों की बढ़ती आबादी को लेकर काफी उत्साहित है। शावकों की सुरक्षा को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व ने विशेष इंतजाम किए हैं। हाल ही में किशनपुर सेंक्चुरी जंगल भ्रमण के दौरान सैलानियों को कई बार शावकों संग बाघिन दिखाई दीं। सैलानियों ने दुधवा की विजिटर बुक में इस बात का जिक्र भी किया है। इसके अलावा जंगल की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को नाइट पेट्रोलिंग के दौरान भी इसी तरह के नजारे देखने को मिले। वन कर्मियों ने जहां-जहां शावकों को देखा उसकी रिपोर्ट डीटीआर फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडे को दी है। एफडी का कहना है कि बड़ी संख्या में शावकों का दिखाई पड़ना काफी उत्साह जनक है। इससे साबित होता है कि डीटीआर में बाघ संरक्षण और संवर्धन के प्रयास रंग ला रहे हैं। निकट भविष्य में बाघों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद जगी है।
बाघों की मीटिंग सीजन सितंबर-अक्तूबर माह में होता है। इनका गर्भकाल तीन महीने का होता है। प्रजनन के तीन माह पूरे होने पर बाघिन के बच्चों का जन्म होना शुरू हो गया है। ऐसे में वन विभाग जंगल की लगातार पेट्रोलिंग कर उनकी सुरक्षा पर विशेष नजर रखे है। डीटीआर बफरजोन के वन कर्मियों का भी कहना है कि उन्हें पेट्रोलिंग के दौरान इन दिनों जगह-जगह पर बाघ शावक दिखाई पड़ रहे हैं।
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बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे बरौंछा नाला और बड़ी नहर पटरी से सटी पनसब्बी बीट जंगल के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी (वन्यजीव विहार) के मड़हा सेक्शन में भी इस समय बाघिन अपने शावकों के साथ अठखेलियां करते और दौड़ लगाते दिखाई पड़ जाती है। बृहस्पतिवार सुबह बरौंछा नाले से सटे हरदुआ फार्म के खेतों में बाघिन और शावकों साथ चहलकदमी करती दिखाई दी। 2016 की गणना में मैलानी रेंज में नौ बाघ निकले थे। वनाधिकारियों का दावा है कि मौजूदा समय में यह संख्या बढ़कर दो गुनी हो चुकी है।
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दिसंबर और जनवरी माह बाघिन के बच्चों को जन्म देने का समय होता है। इन दिनों कई जगह बाघिन अपने शावकों के साथ दिखाई पड़ रही है। बाघ संरक्षण प्रयासों का यह नतीजा है कि दुधवा नेशनल पार्क के साथ बफरजोन में भी बाघों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जो काफी उत्साह जनक है। शावकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
- डॉ अनिल कुमार पटेल,उपनिदेशक,दुधवा टाइगर रिजर्व,बफरजोन।