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खेतों में फिर दिखा बाघ
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:33 PM IST
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फोटो-12एलकेएच207
खेतों में फिर दिखा बाघ
धान की रोपाई कर रहे मजदूर भागे
ममरी। सुंदरपुर गांव के पूरब की ओर खेत में बुधवार की शाम धान की रोपाई कर रहे मजदूरों में उस समय भगदड़ मच गई जब बाघ देवीपुर वीट जंगल से बाहर निकलकर गन्ने के खेतों में दहाड़ते हुए सरदार लाल सिंह के फार्म के अंदर पहुंचा। उसे देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए। गांव वालों की सूचना पर वनकर्मियों के साथ पहुंचे एसडीओ रविशंकर शुक्ला ने बाघ के पग चिह्नों का निरीक्षण किया।
सुंदरपुर के प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार की शाम गांव के पूरब में लालसिंह के फार्म से सटे रामखिलावन और रामसनेही के खेत में धान की रोपाई हो रही थी। इसी बीच बाघ जंगल से बाहर निकलकर दहाड़ता हुआ वहां आ पहुंचा। उसे देखकर भगदड़ मच गई। शोर मचाने पर सुंदरपुर गांव के कई लोग ट्रैक्टर लेकर पहुुंचे। भीड़ देखकर बाघ कठिना नदी में छलांग लगाकर गन्ने के खेतों में चला गया। उसके पग चिह्न खेतों में मिले। गांव वालों की सूचना पर वनरेंज मोहम्मदी, महेशपुर के वनकर्मियों संग गुरुवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम रविशंकर शुक्ला ने पगचिह्नों का निरीक्षण कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक अनिल शर्मा, राजकुमार आदि ने बताया कि यह वही बाघ है जिसने पहली जून को दूलीपुर के युवक गजराज पर हमला कर घायल करने के बाद 17 जून को एक बछड़े, 18 जून को सुंदरपुरर के 35 वर्षीय किसान बालकराम और छह जुलाई को एक बछड़े को हमला कर मार डाला था। बाघ की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद है। दुधवा पार्क लखनऊ दिल्ली से आयी डब्लूटीआई टीम भी गांव वालों संग बैठक कर चुकी है। वनकर्मियों ने बताया कि छह जुलाई को खेतों में बछड़े को निवाला बनाकर बाघ बाबा बालकदास स्थान से छलांग लगाते हुए जंगल में चला गया था, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली थी। बुधवार को बाघ के दिखने से गांव वालों में एक बार फिर दहशत फैल गई है।
फोटो संख्या 12एलकेएच407
गुलदार की तलाश में दिनभर घूमी वन विभाग की टीम
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर वन रेंज के अंतर्गत मिलेट्री फार्म रोड के पास जंगल में बुधवार को गुलदार ने गाय का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। पगचिह्न मिले लेकिन गुलदार का कोई सुराग नहीं लगा।
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बृहस्पतिवार की सुबह अफवाह उड़ी की गुलदार ने नीलगाय का शिकार कर लिया है। आनन-फानन वन विभाग के दरोगा ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, सतीश कुमार, रामकुमार शेरा, महेन्द्र कुमार, दयाराम अपनी टीम के साथ पहुंच गए। जंगल में लगभग दो से तीन किलोमीटर गश्त की गई लेकिन पगचिह्न के सिवा कोई जानवर नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की रात गुलदार ने नीलगाय को शिकार के लिए दौड़ाया। सुबह लगा कि उसका शिकार हो गया है, जिसके कारण यह अफवाह फैली। उधर वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वन दरोगा सतीश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने जंगल में गुलदार को खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा और न ही किसी का शिकार ही जंगल में हुआ है।
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खेतों में फिर दिखा बाघ
धान की रोपाई कर रहे मजदूर भागे
ममरी। सुंदरपुर गांव के पूरब की ओर खेत में बुधवार की शाम धान की रोपाई कर रहे मजदूरों में उस समय भगदड़ मच गई जब बाघ देवीपुर वीट जंगल से बाहर निकलकर गन्ने के खेतों में दहाड़ते हुए सरदार लाल सिंह के फार्म के अंदर पहुंचा। उसे देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए। गांव वालों की सूचना पर वनकर्मियों के साथ पहुंचे एसडीओ रविशंकर शुक्ला ने बाघ के पग चिह्नों का निरीक्षण किया।
सुंदरपुर के प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार की शाम गांव के पूरब में लालसिंह के फार्म से सटे रामखिलावन और रामसनेही के खेत में धान की रोपाई हो रही थी। इसी बीच बाघ जंगल से बाहर निकलकर दहाड़ता हुआ वहां आ पहुंचा। उसे देखकर भगदड़ मच गई। शोर मचाने पर सुंदरपुर गांव के कई लोग ट्रैक्टर लेकर पहुुंचे। भीड़ देखकर बाघ कठिना नदी में छलांग लगाकर गन्ने के खेतों में चला गया। उसके पग चिह्न खेतों में मिले। गांव वालों की सूचना पर वनरेंज मोहम्मदी, महेशपुर के वनकर्मियों संग गुरुवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम रविशंकर शुक्ला ने पगचिह्नों का निरीक्षण कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक अनिल शर्मा, राजकुमार आदि ने बताया कि यह वही बाघ है जिसने पहली जून को दूलीपुर के युवक गजराज पर हमला कर घायल करने के बाद 17 जून को एक बछड़े, 18 जून को सुंदरपुरर के 35 वर्षीय किसान बालकराम और छह जुलाई को एक बछड़े को हमला कर मार डाला था। बाघ की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद है। दुधवा पार्क लखनऊ दिल्ली से आयी डब्लूटीआई टीम भी गांव वालों संग बैठक कर चुकी है। वनकर्मियों ने बताया कि छह जुलाई को खेतों में बछड़े को निवाला बनाकर बाघ बाबा बालकदास स्थान से छलांग लगाते हुए जंगल में चला गया था, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली थी। बुधवार को बाघ के दिखने से गांव वालों में एक बार फिर दहशत फैल गई है।
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फोटो संख्या 12एलकेएच407
गुलदार की तलाश में दिनभर घूमी वन विभाग की टीम
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर वन रेंज के अंतर्गत मिलेट्री फार्म रोड के पास जंगल में बुधवार को गुलदार ने गाय का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। पगचिह्न मिले लेकिन गुलदार का कोई सुराग नहीं लगा।
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बृहस्पतिवार की सुबह अफवाह उड़ी की गुलदार ने नीलगाय का शिकार कर लिया है। आनन-फानन वन विभाग के दरोगा ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, सतीश कुमार, रामकुमार शेरा, महेन्द्र कुमार, दयाराम अपनी टीम के साथ पहुंच गए। जंगल में लगभग दो से तीन किलोमीटर गश्त की गई लेकिन पगचिह्न के सिवा कोई जानवर नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की रात गुलदार ने नीलगाय को शिकार के लिए दौड़ाया। सुबह लगा कि उसका शिकार हो गया है, जिसके कारण यह अफवाह फैली। उधर वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वन दरोगा सतीश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने जंगल में गुलदार को खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा और न ही किसी का शिकार ही जंगल में हुआ है।