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लोगों की सेहत बिगाड़ रहा बेसन और सरसों का तेल
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लोगों की सेहत बिगाड़ रहा बेसन और सरसों का तेल
लखीमपुर खीरी। खुले में बिकने वाला बेसन, सरसों का तेल और राइस ब्रान तेल लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कुछ लोग मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी और घटिया बेसन और तेल बेच रहे हैं, जिन्हें शायद कार्रवाई का भी खौफ नहीं है। इन नमूनों को लैब जांच में असुरक्षित करार दिया गया है। ऐसे सात मामले पाए गए हैं, जिन व्यापारियों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी में अधिकारी जुट गए हैं। हालांकि इन व्यापारियों को नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें दोबारा नमूने की जांच कराने का विकल्प दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा पिछले वर्ष 2018 में खाद्य पदार्थों के नमूने भरे गए थे, जिनमें 29 नमूनों की रिपोर्ट आई है। अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा ने बताया है कि सदर कोतवाली के गांव रामापुर निवासी कमलेश कुमार की दुकान से 21 जून 2018 को सरसों का तेल का नमूना लिया गया था, जो लैब जांच में असुरक्षित (खाने योग्य नहीं) बताया गया है। इसमें आर्जीमोन जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं। मोहम्मदी के बाजारगंज से 25 जनवरी 2018 को दिनेश गुप्ता और अंकित गुप्ता की दुकानों से राइस ब्रान तेल (रिफाइंड) का नमूना भरा गया था, जो अधोमानक और असुरक्षित करार दिया गया है। पलिया में बंसल इंटरप्राइजेज से पांच जून 2018 को ब्लेंडेंड इडिबल ऑयल (जय भारत ब्रांड/लाल चंद्र एग्रो ऑयल्स श्यामगंज बरेली) का नमूना लिया गया था, जिसमें रैसिंडिटी पाई गई है जो असुरक्षित है। इसी तरह तिकुनियां के बनवीरपुर गांव निवासी ज्वाला प्रसाद शाह की दुकान से 20 फरवरी 2018 को बेसन का नमूना लिया गया था, जिसमें कीड़े मिले हैं। शहर के मोहल्ला राजाजीपुरम स्थित अभिषेक ट्रेडिंग कंपनी के यहां से 24 फरवरी 2018 को बेसन का नमूना भरा गया था, जिसमें मैटेनिल रंग पाया गया है। इससे दोनों बेसन के नमूने लैब रिपोर्ट में अधोमानक और असुरक्षित करार दिए गए हैं।
कड़ी सजा का है प्रावधान
असुरक्षित पाए गए नमूनों के मामले में कमिश्नर की अनुमति मिलते ही संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराए जाएंगे। अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माना और छह वर्ष का कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। खास बात यह है कि इन मामलों में जुर्माना और कारावास की सजा का एक साथ सुनाई जा सकती है।
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22 नमूने अधोमानक/मिथ्या छाप के मिले
अवधेश घी स्टोर और मोहल्ला मिश्राना निवासी जय प्रकाश पांडेय के यहां से लिया गया देशी घी का नमूना अधोमानक पाया गया। इसी तरह सीतापुर के आलमनगर निवासी अजीम की सेंवई, प्रभू फूड्स शाहजहांपुर का शुगर ब्वायल्ड कंफेक्शनरी, संकटा देवी निवासी मनीष गुप्ता का आयोडाइज्ड नमक, बाजारगंज मोहम्मदी निवासी मुकेश गुप्ता के यहां से लिया गया सरसों का तेल, राजापुर निवासी रियाज के यहां से लिया गया सुप्रभात चाय, मितौली के झाऊपुर निवासी रामनिवास की दुकान से लिया गया सरसों का तेल, अलीगंज निवासी जगदीश गुप्ता की दुकान से लिया गया लड्डू, मोहम्मदी के मोहम्मदपुर निवासी रवि कुमार के यहां से लिया गया बेसन, बेलरायां निवासी मोनू गुप्ता के यहां से लिया गया बेसन, गदियाना पटना निवासी ताज मोहम्मद के मिश्रित दूध, सतगुरु इंटरप्राइजेज गढ़ी रोड का रस्क, पलिया के अहिरान निवासी दर्शन कुमार के पनीर, मेला मैदान रोड निवासी शकील के सरसों का तेल, आवास विकास कॉलोनी निवासी अंकित सचदेवा के बिस्कुट आदि के नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
असुरक्षित पाए गए नमूनों के मामलों में संबंधित व्यापारियों और फर्मों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा। अधोमानक और मिथ्याछाप के मामलों में एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए जाएंगे। व्यापारियों को नोटिस जारी कर दी गई है, जो नमूने की दोबारा जांच कराना चाहते हैं वह आवेदन करके अपने खर्चे पर जांच करा सकते हैं।
- डॉ. अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी
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लखीमपुर खीरी। खुले में बिकने वाला बेसन, सरसों का तेल और राइस ब्रान तेल लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कुछ लोग मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी और घटिया बेसन और तेल बेच रहे हैं, जिन्हें शायद कार्रवाई का भी खौफ नहीं है। इन नमूनों को लैब जांच में असुरक्षित करार दिया गया है। ऐसे सात मामले पाए गए हैं, जिन व्यापारियों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी में अधिकारी जुट गए हैं। हालांकि इन व्यापारियों को नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें दोबारा नमूने की जांच कराने का विकल्प दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा पिछले वर्ष 2018 में खाद्य पदार्थों के नमूने भरे गए थे, जिनमें 29 नमूनों की रिपोर्ट आई है। अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा ने बताया है कि सदर कोतवाली के गांव रामापुर निवासी कमलेश कुमार की दुकान से 21 जून 2018 को सरसों का तेल का नमूना लिया गया था, जो लैब जांच में असुरक्षित (खाने योग्य नहीं) बताया गया है। इसमें आर्जीमोन जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं। मोहम्मदी के बाजारगंज से 25 जनवरी 2018 को दिनेश गुप्ता और अंकित गुप्ता की दुकानों से राइस ब्रान तेल (रिफाइंड) का नमूना भरा गया था, जो अधोमानक और असुरक्षित करार दिया गया है। पलिया में बंसल इंटरप्राइजेज से पांच जून 2018 को ब्लेंडेंड इडिबल ऑयल (जय भारत ब्रांड/लाल चंद्र एग्रो ऑयल्स श्यामगंज बरेली) का नमूना लिया गया था, जिसमें रैसिंडिटी पाई गई है जो असुरक्षित है। इसी तरह तिकुनियां के बनवीरपुर गांव निवासी ज्वाला प्रसाद शाह की दुकान से 20 फरवरी 2018 को बेसन का नमूना लिया गया था, जिसमें कीड़े मिले हैं। शहर के मोहल्ला राजाजीपुरम स्थित अभिषेक ट्रेडिंग कंपनी के यहां से 24 फरवरी 2018 को बेसन का नमूना भरा गया था, जिसमें मैटेनिल रंग पाया गया है। इससे दोनों बेसन के नमूने लैब रिपोर्ट में अधोमानक और असुरक्षित करार दिए गए हैं।
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असुरक्षित पाए गए नमूनों के मामले में कमिश्नर की अनुमति मिलते ही संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराए जाएंगे। अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माना और छह वर्ष का कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। खास बात यह है कि इन मामलों में जुर्माना और कारावास की सजा का एक साथ सुनाई जा सकती है।
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22 नमूने अधोमानक/मिथ्या छाप के मिले
अवधेश घी स्टोर और मोहल्ला मिश्राना निवासी जय प्रकाश पांडेय के यहां से लिया गया देशी घी का नमूना अधोमानक पाया गया। इसी तरह सीतापुर के आलमनगर निवासी अजीम की सेंवई, प्रभू फूड्स शाहजहांपुर का शुगर ब्वायल्ड कंफेक्शनरी, संकटा देवी निवासी मनीष गुप्ता का आयोडाइज्ड नमक, बाजारगंज मोहम्मदी निवासी मुकेश गुप्ता के यहां से लिया गया सरसों का तेल, राजापुर निवासी रियाज के यहां से लिया गया सुप्रभात चाय, मितौली के झाऊपुर निवासी रामनिवास की दुकान से लिया गया सरसों का तेल, अलीगंज निवासी जगदीश गुप्ता की दुकान से लिया गया लड्डू, मोहम्मदी के मोहम्मदपुर निवासी रवि कुमार के यहां से लिया गया बेसन, बेलरायां निवासी मोनू गुप्ता के यहां से लिया गया बेसन, गदियाना पटना निवासी ताज मोहम्मद के मिश्रित दूध, सतगुरु इंटरप्राइजेज गढ़ी रोड का रस्क, पलिया के अहिरान निवासी दर्शन कुमार के पनीर, मेला मैदान रोड निवासी शकील के सरसों का तेल, आवास विकास कॉलोनी निवासी अंकित सचदेवा के बिस्कुट आदि के नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
असुरक्षित पाए गए नमूनों के मामलों में संबंधित व्यापारियों और फर्मों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा। अधोमानक और मिथ्याछाप के मामलों में एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए जाएंगे। व्यापारियों को नोटिस जारी कर दी गई है, जो नमूने की दोबारा जांच कराना चाहते हैं वह आवेदन करके अपने खर्चे पर जांच करा सकते हैं।
- डॉ. अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी