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आखिरकार ढखिया को बचाने को शुरु हुई कवायद, बचाव के लिए कल से बनेंगी ठोकरें
Updated Thu, 20 Jul 2017 07:22 PM IST
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बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी के कटान से प्रभावित ढखिया मं 50 घर कटने के बाद प्रशासन को आखिरकार गांव को बचाने की सुध आ गई। गुरुवार को एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी के साथ बाढ़ खंड शारदानगर से से ईएक्सएन वीके सिंह एवं एसडीओ राजेश सिंह की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम गांव पहुंची। विशेषज्ञों ने सर्वे कर नदी के पानी को डायवर्ट करने पर काफी मंथन किया, बाद में तय हुआ कि बगैर समय गंवाए शुक्रवार से ही गांव को बचाने के लिए ठोकरें बनाने का कार्य शुरू किया जाए।
प्रशासन की उपेक्षा झेल रहे ढखिया गांव की दुर्दशा अमर उजाला के जरिए जब सामने आने लगी, तो यहां की बेबसी की तस्वीर लोगों के साथ प्रशासन के अफसरों को भी गांव खींच लाई। करीब 12 दिनों में 50 घर काटने वाली शारदा से ढखिया को बचाने के लिए अब प्रशासन ने बाढ़ खंड शारदा नगर को कार्य करने का निर्देश दिए हैं। गुरुवार को एसडीएम इंद्राकातं द्विवेदी गांव पहुंचे, उन्होंने कटान पीड़ितों से मुलाकात की। एसडीएम के साथ सिंचाई विभाग बाढ़ खंड से ईएक्सएन वीके सिंह एवं एसडीओ की टीम मुआयना कर पानी को डायवर्ट कर ठोकरें बनाने के लिए सर्वे किया। एसडीएम ने बताया कि गांव को बचाने के लिए शुक्रवार से ही ठोकरें बनाने का काम किया जाएगा।
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बंटवाए लंच पैकेट
दुख की इस घड़ी में अब लोग इनके साथ खड़े होने लगे हैं। भूखे बच्चों की दुर्दशा को पढ़कर लगातार लोग गांव में मदद करने के लिए पहुंच रहे हैं। गुरुवार को बगिया खेड़ा प्रधान दिलीप सिंह ने गांव में लंच पैकेट बंटवाए। शुक्रवार को भी प्रधान दिलीप सिंह की तरफ से भंडारा चलेगा।
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घर उजाड़ने में निकल रहे सांप-बिच्छू, खतरे में जान
ढखिया में कटान कर रही शारदा से अपने घरों के छप्पर एवं पुरानी दीवारें हटाने में सांप एवं बिच्छू काफी संख्या में निकल रहे हैं। गांव में लोग जान हथेली पर लेकर यह काम रहे हैं। वहीं मौसम और वक्त की मार से बगिया खेड़ा में लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। काफी वृद्ध, बच्चे बुखार की चपेट में हैं। लेकिन कटान से बचाव के लिए जतन कर रहे लोगों के पास इतना वक्त नहीं है कि अपनों को लेकर डाक्टर के पास जाएं।