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ताकतवर जानवर से संघर्ष में मरा था तेंदुआ
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:09 AM IST
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ताकतवर जानवर से संघर्ष में मरा था तेंदुआ
चार डॉक्टरों के पैनल ने किया तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम
जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के संपूर्णानगर रेंज में बाजारघाट के पास सुतिया नाले में फंसे मिले तेंदुए की मौत किसी ताकतवर जानवर से संघर्ष में हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। चार डॉक्टरों के पैनल ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया है। तेंदुए की मौत की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। टीम में वन विभाग के अधिकारियों के अलावा एनटीसीए के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि तेंदुए के शव का चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में आईवीआरआई के डॉ. करिकरन, डब्ल्यूटीआई के डॉ. दक्ष और डॉ. दयाशंकर के अलावा स्थानीय पशु चिकित्सक डॉ. सौरभ शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंदरूनी और बाहरी चोटें बताई गईं। डॉक्टरों के मुताबिक बाघ या अन्य किसी ताकतवर जानवर के साथ संघर्ष में तेंदुआ बुरी तरह चोटिल होने के कारण उसकी मौत हुई है।
डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि मृत पाया गया तेंदुआ मादा था जिसकी उम्र करीब पांच साल थी। यह तेंदुआ बाढ़ के पानी में नेपाल से बहकर यहां तक पहुंचा और बाजारघाट के निकट सु़तिया पुल में फंस गया। फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था और नेपाल के वनविभाग के उच्चाधिकारियों से इस बावत बात की थी लेकिन नेपाल की ओर से अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि मामले में विभागीय केस काटा गया है। तेंदुए की मौत के लिए डीडी बफरजोन डॉ. अनिल पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय एक जांच टीम गठित की गई है। जिसमें चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन, नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. मीुदित गुप्ता, एनजीओ से फजलुर्रहमान, एसडीओ पलिया, रेंज आफीसर पलिया और संपूर्णानगर के अलावा बम्हनपुर के ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। यह जांच नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉर्टी की गाइड लाइन के अनुसार होगी।
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चार डॉक्टरों के पैनल ने किया तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम
जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के संपूर्णानगर रेंज में बाजारघाट के पास सुतिया नाले में फंसे मिले तेंदुए की मौत किसी ताकतवर जानवर से संघर्ष में हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। चार डॉक्टरों के पैनल ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया है। तेंदुए की मौत की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। टीम में वन विभाग के अधिकारियों के अलावा एनटीसीए के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि तेंदुए के शव का चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में आईवीआरआई के डॉ. करिकरन, डब्ल्यूटीआई के डॉ. दक्ष और डॉ. दयाशंकर के अलावा स्थानीय पशु चिकित्सक डॉ. सौरभ शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंदरूनी और बाहरी चोटें बताई गईं। डॉक्टरों के मुताबिक बाघ या अन्य किसी ताकतवर जानवर के साथ संघर्ष में तेंदुआ बुरी तरह चोटिल होने के कारण उसकी मौत हुई है।
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डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि मृत पाया गया तेंदुआ मादा था जिसकी उम्र करीब पांच साल थी। यह तेंदुआ बाढ़ के पानी में नेपाल से बहकर यहां तक पहुंचा और बाजारघाट के निकट सु़तिया पुल में फंस गया। फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था और नेपाल के वनविभाग के उच्चाधिकारियों से इस बावत बात की थी लेकिन नेपाल की ओर से अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि मामले में विभागीय केस काटा गया है। तेंदुए की मौत के लिए डीडी बफरजोन डॉ. अनिल पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय एक जांच टीम गठित की गई है। जिसमें चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन, नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. मीुदित गुप्ता, एनजीओ से फजलुर्रहमान, एसडीओ पलिया, रेंज आफीसर पलिया और संपूर्णानगर के अलावा बम्हनपुर के ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। यह जांच नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉर्टी की गाइड लाइन के अनुसार होगी।