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करंट से हुई थी जंगली हाथी की मौत
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:40 PM IST
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करंट लगने से ही हुई थी हाथी की मौत
पोस्टमार्टम के बाद चार डॉक्टरों के पैनल ने की पुष्टि
शव विच्छेदन के समय कई अधिकारी भी रहे मौजूद
18एलकेएच502
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां (लखीमपुर खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की नार्थ निघासन रेंज के रघुपुर कंपार्टमेंट एक में जंगली हाथी की मौत के दूसरे दिन बुधवार को चार डॉक्टरों के पैनल ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें करंट लगने से ही हाथी की मौत होने की पुष्टि की गई। पोस्टमार्टम के समय दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी, दुधवा नेशनल पार्क के उप-निदेशक, उप-निदेशक बफरजोन और मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कानपुर वेस्ट एसके दीक्षित की मौजूद रहे। पोस्टमार्टम चार घंटे तक चला।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की नार्थ निघासन रेंज के रघुपुर जंगल में हाथी की मौत के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय द्वारा गठित चार डाक्टरों के पैनल ने घटनास्थल पर ही हाथी का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में आईवीआरआई (बरेली) के डॉ. करिकरन, नवाब वाजिद अली प्राणी उद्यान लखनऊ के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डब्ल्यूटीआई के डॉ दक्ष के अलावा लखीमपुर खीरी के पशु चिकित्सक मुकेश गुप्ता शामिल रहे। पोस्टमार्टम करीब चार घंटे तक चला। यह पोस्टमार्टम मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एसके अवस्थी की निगरानी में हुआ। इस दौरान वनाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर हाथी के शव उसी जगह दफना दिया गया। पोस्टमार्टम के लिए गठित पैनल के डॉक्टरों ने जंगली हाथी की मौत इलेक्ट्रिक शॉक से होने की पुष्टि की है।
बता दें सोमवार की रात करीब दो बजे मोहाना नदी के पार जा रहा हाथियों का झुंड जब दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के रघुनगर कम्पार्टमेंट एक से होकर गुजरा तो बेला परसुआ गांव के लिए निकली हाईटेेंशन लाइन के झूलते तार की चपेट में आकर 15 वर्षीय हाथी की करेंट लगने से मौत हो गई। झुंड मे शामिल अन्य हाथी भाग खड़े हुए। बाद में एसएसबी रघुनगर की सूचना पर दुधवा नेशनल पार्क के अलावा उत्तर निघासन रेंज बेलरायां के वन कर्मचारियों अधिकारियों ने मृत हाथी के शव को देखकर घटना की सुचना अधिकारियों को दी थी।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय, मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एसके अवस्थी, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने डाग स्क्वायड के साथ घटनास्थल के आसपास कड़िया, डांगा, रघुनगर, बेलापरसुआ, समेत जंगल का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही वन अपराध की आशंका की जांच की।
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पोस्टमार्टम के बाद चार डॉक्टरों के पैनल ने की पुष्टि
शव विच्छेदन के समय कई अधिकारी भी रहे मौजूद
18एलकेएच502
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां (लखीमपुर खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की नार्थ निघासन रेंज के रघुपुर कंपार्टमेंट एक में जंगली हाथी की मौत के दूसरे दिन बुधवार को चार डॉक्टरों के पैनल ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें करंट लगने से ही हाथी की मौत होने की पुष्टि की गई। पोस्टमार्टम के समय दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी, दुधवा नेशनल पार्क के उप-निदेशक, उप-निदेशक बफरजोन और मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कानपुर वेस्ट एसके दीक्षित की मौजूद रहे। पोस्टमार्टम चार घंटे तक चला।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की नार्थ निघासन रेंज के रघुपुर जंगल में हाथी की मौत के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय द्वारा गठित चार डाक्टरों के पैनल ने घटनास्थल पर ही हाथी का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में आईवीआरआई (बरेली) के डॉ. करिकरन, नवाब वाजिद अली प्राणी उद्यान लखनऊ के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डब्ल्यूटीआई के डॉ दक्ष के अलावा लखीमपुर खीरी के पशु चिकित्सक मुकेश गुप्ता शामिल रहे। पोस्टमार्टम करीब चार घंटे तक चला। यह पोस्टमार्टम मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एसके अवस्थी की निगरानी में हुआ। इस दौरान वनाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर हाथी के शव उसी जगह दफना दिया गया। पोस्टमार्टम के लिए गठित पैनल के डॉक्टरों ने जंगली हाथी की मौत इलेक्ट्रिक शॉक से होने की पुष्टि की है।
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बता दें सोमवार की रात करीब दो बजे मोहाना नदी के पार जा रहा हाथियों का झुंड जब दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के रघुनगर कम्पार्टमेंट एक से होकर गुजरा तो बेला परसुआ गांव के लिए निकली हाईटेेंशन लाइन के झूलते तार की चपेट में आकर 15 वर्षीय हाथी की करेंट लगने से मौत हो गई। झुंड मे शामिल अन्य हाथी भाग खड़े हुए। बाद में एसएसबी रघुनगर की सूचना पर दुधवा नेशनल पार्क के अलावा उत्तर निघासन रेंज बेलरायां के वन कर्मचारियों अधिकारियों ने मृत हाथी के शव को देखकर घटना की सुचना अधिकारियों को दी थी।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय, मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एसके अवस्थी, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने डाग स्क्वायड के साथ घटनास्थल के आसपास कड़िया, डांगा, रघुनगर, बेलापरसुआ, समेत जंगल का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही वन अपराध की आशंका की जांच की।