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भीरा रेंज के हमीदाबाद के पास देखा गया बाघ
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:15 PM IST
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बाघ्ा
- फोटो : अमर उजाला
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भीरा रेंज के हमीदाबाद गांव के पास एक खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। ग्रामीण अपने खेत पर गया था, तभी उसे वहां बाघ के पगचिन्ह दिखे, सूचना पर भीरा रेंजर समेत ग्रामीण आसपास के खेतों को घेरकर हुंकारा लगाने में जुट गए। बाघ के पंजों की पुष्टि वन अधिकारियों ने भी की है।
भीरा रेंज के हमीदाबाद गांव के पास एक बाघ की मौजूदगी मिली है। ग्रामीण आरजू खान मंगलवार को अपने खेत पर गन्ना देखने गए थे, तभी छिलाई हो चुके गन्ने के खेत में बाघ के पगचिन्ह मिलने से वह सकपकाकर गांव लौट गए। उन्होंने ग्रामीणों को बताने के साथ भीरा रेंजर आरबी वर्मा को फोन किया। करीब एक घंटे में रेंजर अपनी टीम में डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह, वनरक्षक ब्रजेश शुक्ला एवं स्टॉफ के रामाधार मौके पर पहुंचे। रेंजर ने मौके पर मिले पगचिन्हों को देखकर बाघ के मौजूद होने की पुष्टि की, साथ ही कहा कि करीब एक से डेढ़ किमी पर जंगल होने से बाघ गन्ने के खेतों के कोरीडोर से यहां तक पहुंच गया है। पास में ही कब्रिस्तान में बाघ के छिपने की गुंजाइश जताई जा रही है। वन विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश देते हुए खेतों में समूह में जाने की अपील की है।
बाघ टहलते देख भागे राहगीर, ग्रामीणों में दहशत
ममरी। सोमवार की शाम बाघ कठिना नदी के दहोरा घाट के इर्द-गिर्द अमीननगर को जाने वाले मार्ग के पास खेतों में टहलते हुए देखे जाने से दहशत फैल गई है।
बिहारीपुर फार्म के किसान राजपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, गुरिंदर सिंह, अरविंद सिंह, इकबाल सिंह, हरविंदर सिंह आदि का कहना है कि सोमवार की शाम बाघ कठिना नदी के दहोरा घाट पर अमीरनगर को जाने वाले मार्ग के पास खेतों में टहलते देखा गया है। बिहारीपुर के बाशिंदों की मानें तो बाघ अपना ठिकाना राजपाल सिंह के गन्ने के खेत में बनाए हुए हैं। उधर बाघ की निगरानी में लगे फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, बृजेश सिंह, माया प्रकाश वर्मा, राजकुमार आदि वनकर्मियों ने पगचिन्ह् मिलने की पुष्टि की है।
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भीरा रेंज के हमीदाबाद गांव के पास एक खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। ग्रामीण अपने खेत पर गया था, तभी उसे वहां बाघ के पगचिन्ह दिखे, सूचना पर भीरा रेंजर समेत ग्रामीण आसपास के खेतों को घेरकर हुंकारा लगाने में जुट गए। बाघ के पंजों की पुष्टि वन अधिकारियों ने भी की है।
भीरा रेंज के हमीदाबाद गांव के पास एक बाघ की मौजूदगी मिली है। ग्रामीण आरजू खान मंगलवार को अपने खेत पर गन्ना देखने गए थे, तभी छिलाई हो चुके गन्ने के खेत में बाघ के पगचिन्ह मिलने से वह सकपकाकर गांव लौट गए। उन्होंने ग्रामीणों को बताने के साथ भीरा रेंजर आरबी वर्मा को फोन किया। करीब एक घंटे में रेंजर अपनी टीम में डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह, वनरक्षक ब्रजेश शुक्ला एवं स्टॉफ के रामाधार मौके पर पहुंचे। रेंजर ने मौके पर मिले पगचिन्हों को देखकर बाघ के मौजूद होने की पुष्टि की, साथ ही कहा कि करीब एक से डेढ़ किमी पर जंगल होने से बाघ गन्ने के खेतों के कोरीडोर से यहां तक पहुंच गया है। पास में ही कब्रिस्तान में बाघ के छिपने की गुंजाइश जताई जा रही है। वन विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश देते हुए खेतों में समूह में जाने की अपील की है।
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बाघ टहलते देख भागे राहगीर, ग्रामीणों में दहशत
ममरी। सोमवार की शाम बाघ कठिना नदी के दहोरा घाट के इर्द-गिर्द अमीननगर को जाने वाले मार्ग के पास खेतों में टहलते हुए देखे जाने से दहशत फैल गई है।
बिहारीपुर फार्म के किसान राजपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, गुरिंदर सिंह, अरविंद सिंह, इकबाल सिंह, हरविंदर सिंह आदि का कहना है कि सोमवार की शाम बाघ कठिना नदी के दहोरा घाट पर अमीरनगर को जाने वाले मार्ग के पास खेतों में टहलते देखा गया है। बिहारीपुर के बाशिंदों की मानें तो बाघ अपना ठिकाना राजपाल सिंह के गन्ने के खेत में बनाए हुए हैं। उधर बाघ की निगरानी में लगे फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, बृजेश सिंह, माया प्रकाश वर्मा, राजकुमार आदि वनकर्मियों ने पगचिन्ह् मिलने की पुष्टि की है।
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