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अशर्फीगंज के पास गन्ने के खेत में फिर दिखा खूनी बाघ
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:23 PM IST
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ममरी। थाना हैदराबाद के गांव अशर्फीगंज निवासी लालाराम वर्मा को शिकार बनाने वाला खूनी बाघ रविवार को गांव के दक्षिण में एक बार फिर गन्ने के खेत में दिखा। इससे गांव वालों में दहशत फैल गई। हालांकि वन अधिकारियों का दावा है कि बाघ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पन्नापुर और लीलापुर गांव के पास पहुुंच गया है, जिसे जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास वन विभाग की टीम कर रही है। इधर लालाराम का शव रविवार को गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शनिवार की सुबह खेत में गन्ने की पत्ती तोड़ने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम पर गन्ने के खेत में छुपे बैठे बाघ ने हमला कर मार डाला था। वनकर्मियों की हीलाहवाली से गुस्साए ग्रामीणों ने रेंज कोठी का घेराव कर जमकर हंगामा कर रोड जाम कर दिया था। डीएफओ समीर कुमार के निर्देश पर बाघ की निगारानी कर रहे रेंजर एसएन यादव, फारेस्टर ओपी वर्मा, रमेश मिश्रा आदि वनकर्मियों का कहना है कि अब बाघ की लोकेशन मिल रहे पग चिह्नों के आधार पर पन्नापुर, लीलापुर गांव के बीच गन्ने के खेतो में मिल रही है। जिसे आंवला बीट के जंगल में खदेड़ने का प्रयास हो रहा है। हालांकि गांव वालों का कहना है कि बाघ अभी घटनास्थल से कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में ही है। वह रविवार को फिर दिखा। गन्ने की पत्ती काटकर ला रहे किसान को खेत में बाघ दिखा तो वह पाती का बोझ छोड़कर भाग आया। गांव में बताया तो फिर दहशत व्याप्त हो गया। रेंजर का इस बाबत कहना है कि भयवश ऐसा हुआ होगा, क्योंकि बाघ की लोकेशन घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर पन्नापुर और लीलापुर के बीच ट्रेस हुई है।
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इसी वर्ष होनी थी लालाराम की शादी
लंदनपुर ग्रंट की ग्राम पंचायत शीतलपुर के गांव अशर्फीगंज में रमेश का बेटा लालाराम भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाड़ला था, उसकी असमय हुई मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं। अशर्फीगंज में रमेशचंद के तीन बेटों में लालाराम सबसे छोटा था। सबसे बड़े बेटे रामलखन और उससे छोटे अंकित की शादी हो चुकी है। मध्यमवर्गीय परिवार में जीवन यापन करने वाले रमेशचंद के सबसे छोटे बेटे लालाराम के इस वर्ष शादी होनी थी, जिसके कई रिश्ते भी आए। समय न होने से शादी तय न हो सकी। लालाराम की मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं।
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ग्रामीण भयभीत, नहीं जा रहे खेत
अशर्फीगंज के प्रधान ब्रजेश वर्मा, दलजीत, रामसिंह, हुकुमचंद आदि का कहना है कि रविवार सवेरे बाघ गांव के दक्षिण तौलेराम के गन्ने के खेत में देखा गया है, जिससे गांव वाले भयभीत हैं, जिन्होंने खेतों में जाना बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने वनकर्मियों साथ बाघ का घेराव भी किया। लेकिन वहां पर लोकेशन नहीं मिली। रेंजर ने गांव वालों को सतर्क रहने, खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी है। गांव वालों ने बाघ को जंगल में खदेड़ने की मांग रेंजर से की है।
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बाघ को लेकर लोगों में दहशत का माहौल
अमीरनगर। रविवार को बाघ को लेकर लोगों में दहशत का माहौल रहा। खेतों की ओर जाने वाले लोग टोलियां बनाकर गए। इस समय पर पशुओं के चारे के लिए किसान गन्ने के खेतों पत्ती छुड़ाकर ला रहे हैं। कठिना नदी के किनारे बसे जमुनहां, सुभाषनगर, गंगापुर, जवाहरपुर, उमरिया, मथना इलाके में बाघ दिखा।
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शनिवार की सुबह खेत में गन्ने की पत्ती तोड़ने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम पर गन्ने के खेत में छुपे बैठे बाघ ने हमला कर मार डाला था। वनकर्मियों की हीलाहवाली से गुस्साए ग्रामीणों ने रेंज कोठी का घेराव कर जमकर हंगामा कर रोड जाम कर दिया था। डीएफओ समीर कुमार के निर्देश पर बाघ की निगारानी कर रहे रेंजर एसएन यादव, फारेस्टर ओपी वर्मा, रमेश मिश्रा आदि वनकर्मियों का कहना है कि अब बाघ की लोकेशन मिल रहे पग चिह्नों के आधार पर पन्नापुर, लीलापुर गांव के बीच गन्ने के खेतो में मिल रही है। जिसे आंवला बीट के जंगल में खदेड़ने का प्रयास हो रहा है। हालांकि गांव वालों का कहना है कि बाघ अभी घटनास्थल से कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में ही है। वह रविवार को फिर दिखा। गन्ने की पत्ती काटकर ला रहे किसान को खेत में बाघ दिखा तो वह पाती का बोझ छोड़कर भाग आया। गांव में बताया तो फिर दहशत व्याप्त हो गया। रेंजर का इस बाबत कहना है कि भयवश ऐसा हुआ होगा, क्योंकि बाघ की लोकेशन घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर पन्नापुर और लीलापुर के बीच ट्रेस हुई है।
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इसी वर्ष होनी थी लालाराम की शादी
लंदनपुर ग्रंट की ग्राम पंचायत शीतलपुर के गांव अशर्फीगंज में रमेश का बेटा लालाराम भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाड़ला था, उसकी असमय हुई मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं। अशर्फीगंज में रमेशचंद के तीन बेटों में लालाराम सबसे छोटा था। सबसे बड़े बेटे रामलखन और उससे छोटे अंकित की शादी हो चुकी है। मध्यमवर्गीय परिवार में जीवन यापन करने वाले रमेशचंद के सबसे छोटे बेटे लालाराम के इस वर्ष शादी होनी थी, जिसके कई रिश्ते भी आए। समय न होने से शादी तय न हो सकी। लालाराम की मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं।
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ग्रामीण भयभीत, नहीं जा रहे खेत
अशर्फीगंज के प्रधान ब्रजेश वर्मा, दलजीत, रामसिंह, हुकुमचंद आदि का कहना है कि रविवार सवेरे बाघ गांव के दक्षिण तौलेराम के गन्ने के खेत में देखा गया है, जिससे गांव वाले भयभीत हैं, जिन्होंने खेतों में जाना बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने वनकर्मियों साथ बाघ का घेराव भी किया। लेकिन वहां पर लोकेशन नहीं मिली। रेंजर ने गांव वालों को सतर्क रहने, खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी है। गांव वालों ने बाघ को जंगल में खदेड़ने की मांग रेंजर से की है।
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बाघ को लेकर लोगों में दहशत का माहौल
अमीरनगर। रविवार को बाघ को लेकर लोगों में दहशत का माहौल रहा। खेतों की ओर जाने वाले लोग टोलियां बनाकर गए। इस समय पर पशुओं के चारे के लिए किसान गन्ने के खेतों पत्ती छुड़ाकर ला रहे हैं। कठिना नदी के किनारे बसे जमुनहां, सुभाषनगर, गंगापुर, जवाहरपुर, उमरिया, मथना इलाके में बाघ दिखा।