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कर्ज माफी के नाम पर सरकार ने किसानों को छला
Updated Wed, 11 Oct 2017 06:03 PM IST
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लखीमपुर खीरी। पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने कहा कि लोकतंत्र के सत्य को ढकने का जिस तरह का प्रयास नरेंद्र मोदी सरकार कर रही है वह अत्यंत चिंतनीय है। संवैधानिक संस्थाओं की आजादी और आर्थिक आजादी खतरे में है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी के नाम पर किसानों को सिर्फ छला गया है। विमुद्रीकरण ने देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर और ध्वस्त कर दिया है।
जफर अली नकवी अपने आवास पर एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार गिरी हुई जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) से देश को अब तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हो चुका है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की गिरी हुई कीमतों से जो मुनाफा आम उपभोक्ता को होना चाहिए था वह सरकार ने खुद कमा लिया। सरकार जीएसटी के दायरे में पेट्रोल उत्पाद क्यों नहीं ला रही, यह एक बड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना आज बड़ी प्राथमिकता है, जिस पर सरकार विचार ही नहीं कर रही। किसान और व्यापारी हितों की अनदेेखी की जा रही है। कांग्रेस यह मानती है कि जीएसटी की नए सिरे से समीक्षा हो। कृषि नीति में बदलाव किया जाए, जिससे कृषि को लाभ का पेशा बनाया जा सके।
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उन्होंने धान खरीद की खामियों और गन्ना मूल्य घोषित न होने पर भी चिंता जताई। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार चंद औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचा रही है। अमित शाह के बेटे जय सिंह की संपत्ति में इजाफा इसका उदाहरण है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह, शहर अध्यक्ष संजय गोस्वामी भी मौजूद रहे।
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जफर अली नकवी अपने आवास पर एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार गिरी हुई जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) से देश को अब तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हो चुका है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की गिरी हुई कीमतों से जो मुनाफा आम उपभोक्ता को होना चाहिए था वह सरकार ने खुद कमा लिया। सरकार जीएसटी के दायरे में पेट्रोल उत्पाद क्यों नहीं ला रही, यह एक बड़ा सवाल है।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना आज बड़ी प्राथमिकता है, जिस पर सरकार विचार ही नहीं कर रही। किसान और व्यापारी हितों की अनदेेखी की जा रही है। कांग्रेस यह मानती है कि जीएसटी की नए सिरे से समीक्षा हो। कृषि नीति में बदलाव किया जाए, जिससे कृषि को लाभ का पेशा बनाया जा सके।
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उन्होंने धान खरीद की खामियों और गन्ना मूल्य घोषित न होने पर भी चिंता जताई। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार चंद औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचा रही है। अमित शाह के बेटे जय सिंह की संपत्ति में इजाफा इसका उदाहरण है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह, शहर अध्यक्ष संजय गोस्वामी भी मौजूद रहे।