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38वें दिन खुले सैलानियों के लिए दुधवा पर्यटन के द्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 05 Mar 2016 10:09 PM IST
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दुधवा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पलियाकलां के दुधवा में मांगे पूरी करने के लिए वन कर्मियों का चल रहा आंदोलन लखनऊ में हुई वार्ता में खत्म होने के बाद शनिवार को 37 दिन बाद दुधवा नेशनल पार्क के दरवाजे सैलानियों के लिए खुल गए। सुबह की शिफ्ट में 16 सैलानियों ने जंगल का दीदार किया। हालांकि हड़ताल की सूचना के चलते सैलानियों की संख्या कम रही और शाम के शिफ्ट में भी कोई भी सैलानी नहीं पहुंचा। उधर, हड़ताल खत्म होने के बाद दुधवा मुख्यालय में भी चहलपहल दिखी।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को दुधवा के स्थानीय कर्मियों ने यहां आए प्रधान प्रमुख वन सरंक्षक वन्यजीव रूपक डे से वार्ता के बाद आठ मार्च तक हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया था। उनका कहना था कि आठ मार्च तक उनकी मांग पूरी न हुई तो इसके बाद फिर वह हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बीच लखनऊ में वन मंत्री, वन सचिव और जिलाधिकारी किंजल सिंह की मौजूदगी में फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों से हुई वार्ता में हड़ताल को खत्म करने की घोषणा की गई थी। शनिवार को वनकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और दुधवा में पर्यटन के लिए द्वार खुल गए। सुबह पहली शिफ्ट में 16 सैैलानियों ने दुधवा जंगल का भ्रमण किया। शाम को सैलानियों का एक जत्था जरूर आया जो रविवार को जंगल की दीदार करेगा। इधर, मुख्यालय के कार्यालय भी खुल गए और वहां कामकाज शुरू हो गया।
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हड़ताल पर स्थानीय और प्रांतीय पदाधिकारियों में मतभेद
क्रासर
स्थानीय पदाधिकारी बोले, प्रमुख मांग पूरी हुए बिना कोई भी समझौता नामंजूर
प्रांतीय महामंत्री को फोन पर कहा, हड़ताल खत्म होने का जारी करें खंडन
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। लखनऊ में हुई फेडरेशन आफ फारेस्ट, वन मंत्री और वन अधिकारियों और डीएम किंजल सिंह की वार्ता में हुए समझौते को लेकर फेडरेशन के स्थानीय और प्रांतीय पदाधिकारियों में मतभेद हो गया है। स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा है कि जो समझौता प्रकाशित हुआ है उसमें प्रमुख मांग शामिल नहीं है। वह इस समझौते को मानने से इंकार करते हैं। प्रांतीय महामंत्री को फोन कर इस समझौते का खंडन किए जाने को कहा है।
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फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि वन मंत्री, डीएम किंजल सिंह, वन अधिकारियों के बीच लखनऊ में एक वार्ता हुई, जिसमें वन क्षेत्राधिकारियों की प्रोन्नति, दुधवा कर्मियों का उत्पीड़न न किए जाने समेत कई मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन पर हड़ताल और नौ मार्च की रैली खत्म किए जाने को कहा गया है। इस समझौते को लेकर स्थानीय पदाधिकारियों की एक बैठक दुधवा मुख्यालय में हुई। बैठक में समझौते को गलत बताते हुए विरोध जताया गया कि इसमें डीएम पर कार्रवाई की उनकी प्रमुख मांग नहीं शामिल की गई है। इस समझौते का खंडन करने के लिए उन्होंने प्रांतीय महामंत्री से फोन पर वार्ता कर इसका खंडन जारी करने को कहा। स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि रूपक डे से हुई वार्ता के मुताबिक दुधवा में महज चार दिन के लिए पर्यटन शुरू किया है। उनके आश्वासन के तहत कार्रवाई न हुई तो वह दस मार्च से फिर हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे पूर्व नौ मार्च को बैठक होगी जिसमें रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष पतिराज सिंह, महामंत्री विजय कुमार, उपाध्यक्ष रामकुमार, सर्वेश, रमेश, तबरेज, कौशल समेत तमाम फेडरेशन पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को दुधवा के स्थानीय कर्मियों ने यहां आए प्रधान प्रमुख वन सरंक्षक वन्यजीव रूपक डे से वार्ता के बाद आठ मार्च तक हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया था। उनका कहना था कि आठ मार्च तक उनकी मांग पूरी न हुई तो इसके बाद फिर वह हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बीच लखनऊ में वन मंत्री, वन सचिव और जिलाधिकारी किंजल सिंह की मौजूदगी में फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों से हुई वार्ता में हड़ताल को खत्म करने की घोषणा की गई थी। शनिवार को वनकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और दुधवा में पर्यटन के लिए द्वार खुल गए। सुबह पहली शिफ्ट में 16 सैैलानियों ने दुधवा जंगल का भ्रमण किया। शाम को सैलानियों का एक जत्था जरूर आया जो रविवार को जंगल की दीदार करेगा। इधर, मुख्यालय के कार्यालय भी खुल गए और वहां कामकाज शुरू हो गया।
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हड़ताल पर स्थानीय और प्रांतीय पदाधिकारियों में मतभेद
क्रासर
स्थानीय पदाधिकारी बोले, प्रमुख मांग पूरी हुए बिना कोई भी समझौता नामंजूर
प्रांतीय महामंत्री को फोन पर कहा, हड़ताल खत्म होने का जारी करें खंडन
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। लखनऊ में हुई फेडरेशन आफ फारेस्ट, वन मंत्री और वन अधिकारियों और डीएम किंजल सिंह की वार्ता में हुए समझौते को लेकर फेडरेशन के स्थानीय और प्रांतीय पदाधिकारियों में मतभेद हो गया है। स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा है कि जो समझौता प्रकाशित हुआ है उसमें प्रमुख मांग शामिल नहीं है। वह इस समझौते को मानने से इंकार करते हैं। प्रांतीय महामंत्री को फोन कर इस समझौते का खंडन किए जाने को कहा है।
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फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि वन मंत्री, डीएम किंजल सिंह, वन अधिकारियों के बीच लखनऊ में एक वार्ता हुई, जिसमें वन क्षेत्राधिकारियों की प्रोन्नति, दुधवा कर्मियों का उत्पीड़न न किए जाने समेत कई मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन पर हड़ताल और नौ मार्च की रैली खत्म किए जाने को कहा गया है। इस समझौते को लेकर स्थानीय पदाधिकारियों की एक बैठक दुधवा मुख्यालय में हुई। बैठक में समझौते को गलत बताते हुए विरोध जताया गया कि इसमें डीएम पर कार्रवाई की उनकी प्रमुख मांग नहीं शामिल की गई है। इस समझौते का खंडन करने के लिए उन्होंने प्रांतीय महामंत्री से फोन पर वार्ता कर इसका खंडन जारी करने को कहा। स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि रूपक डे से हुई वार्ता के मुताबिक दुधवा में महज चार दिन के लिए पर्यटन शुरू किया है। उनके आश्वासन के तहत कार्रवाई न हुई तो वह दस मार्च से फिर हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे पूर्व नौ मार्च को बैठक होगी जिसमें रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष पतिराज सिंह, महामंत्री विजय कुमार, उपाध्यक्ष रामकुमार, सर्वेश, रमेश, तबरेज, कौशल समेत तमाम फेडरेशन पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।