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मायके वाले मुकरे तो मृत्यु पूर्व बयान ने दिलाई सजा
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लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते विवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे श्यामलाल कोरी ने आरोपी सास-ससुर को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, मुख्य आरोपी पति कई वर्षों से फरार है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के डिहुआ कलां निवासी दुजई ने अपनी बेटी घूरा देवी की शादी मई 2010 में इसी थाना क्षेत्र के ग्राम दोदरा निवासी दीपू कहार के साथ की थी। अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते घूरा देवी को प्रताड़ित किया जाता था इसी बीच 31 अगस्त 2013 की रात संदिग्ध हालात में घूरा जल गई। लगभग डेढ़ महीने तक चले इलाज के बाद 11 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया। पिता दुजई ने दामाद दीपू और समधी चंद्रिका, समधिन चंद्रकली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन अदालती सुनवाई के दौरान मायके वाले पुलिस को दिए बयानों से मुकर गए। अदालत ने तहसीलदार के समक्ष दिए गए मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानते हुए इस वारदात के लिए ससुर चंद्रिका और सास चंद्रकली को दोषी पाया है। दोनों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 15-15 हजार जुर्माना लगाया है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के डिहुआ कलां निवासी दुजई ने अपनी बेटी घूरा देवी की शादी मई 2010 में इसी थाना क्षेत्र के ग्राम दोदरा निवासी दीपू कहार के साथ की थी। अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते घूरा देवी को प्रताड़ित किया जाता था इसी बीच 31 अगस्त 2013 की रात संदिग्ध हालात में घूरा जल गई। लगभग डेढ़ महीने तक चले इलाज के बाद 11 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया। पिता दुजई ने दामाद दीपू और समधी चंद्रिका, समधिन चंद्रकली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन अदालती सुनवाई के दौरान मायके वाले पुलिस को दिए बयानों से मुकर गए। अदालत ने तहसीलदार के समक्ष दिए गए मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानते हुए इस वारदात के लिए ससुर चंद्रिका और सास चंद्रकली को दोषी पाया है। दोनों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 15-15 हजार जुर्माना लगाया है।
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