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बुखार का कहर, छात्रा समेत दो बच्चों की गई जान

Tue, 04 Sep 2018 11:30 PM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:30 PM IST
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बुखार का कहर, छात्रा समेत दो बच्चों की गई जान
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बुखार से दो और बच्चों की जान गई
चार दिन के भीतर हो चुकी है सात मौत

अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। बुखार पीड़ितों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। चार दिन में अब तक सात बच्चों की जान जा चुकी है। मंगलवार को निघासन क्षेत्र की बुखार पीड़ित छात्रा समेत दो बच्चों की मौत हो गई। सीएचसी में इलाज की सुविधा न होने के चलते डॉक्टर ने दोनों बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया था, जहां से उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था। इस दौरान डॉक्टरों ने बीमारी की वजह जानने के लिए कोई टेस्ट भी नहीं कराया। वहीं जिला अस्पताल में मंगलवार को भी बुखार से पीड़ित छह बच्चे भर्ती कराए गए हैं। इनमें से एक बच्चे में एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम) के लक्षण मिले हैं।
निघासन। क्षेत्र के गांव बिनौरा निवासी गंगाराम की 10 वर्षीय पुत्री गोदा उर्फ गुड्डी देवी को रविवार को तेज बुखार आया। इसके बाद उसे इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में पहले चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया गया लेकिन हालत में सुधार न होने के कारण आईसीयू वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया। यहां भी उसकी स्थिति नहीं सुधरी तो डॉक्टर ने गोदा देवी को लखनऊ रेफर कर दिया। गंगाराम का आरोप है कि जिला अस्पताल के डाक्टरों ने गोदा देवी को जबरन लखनऊ रेफर किया। वे लखनऊ के मेडिकल कालेज में अपनी बच्ची को भर्ती नहीं करा पाए। परिवार वाले उसे लेकर लखनऊ में इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। सोमवार की रात करीब दो बजे बच्ची ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। उधर, कटहा गांव निवासी 14 वर्षीय काजल यादव को रक्षाबंधन (26 अगस्त 2018) के दिन अचानक बुखार आया था। इसके बाद उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। सीएचसी के डॉक्टर ने गंभीर हालत देखते हुए काजल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में तबियत और ज्यादा खराब होने पर उसे लखनऊ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। वहां पर इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह काजल की मौत हो गई। वह कस्बे के जिला पंचायत इंटर कालेज में कक्षा नौ की छात्रा थी।
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बाक्स=वर्जन......
सीएचसी में पर्याप्त दवाएं और जांच सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे गंभीर रोगियों का बेहतर इलाज करने में कठिनाई होती है। लिहाजा मजबूरन मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
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- अरुण मिश्रा, प्रभारी, सीएचसी

चिल्ड्रेन वार्ड में छह बच्चे भर्ती, एक एईएस प्रभावित
लखीमपुर खीरी। मंगलवार को भी जिला अस्पताल में छह बच्चे बुखार से भर्ती हुए, जिसमें एईएस प्रभावित एक बच्चे को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
फरधान के रौसा निवासी लल्लूराम के 12 वर्षीय पुत्र रितेश, पकरिया निवासी अशोक कुमार की आठ वर्षीय पुत्री पल्लवी, सीतापुर निवासी महेश के 10 वर्षीय पुत्र मोनू, बाजपेई कॉलोनी निवासी संजय के चार माह के पुत्र शिवा, हरगांव निवासी शमीम के तीन वर्षीय पुत्र सरताज अली, गोला के हैदराबाद क्षेत्र निवासी हाफिज के 13 वर्षीय पुत्र नाजिम को बुखार से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती मोहम्मदी के वीरपुर निवासी पिंटू के सात वर्षीय पुत्र सुरजीत में एईएस के लक्षण मिले हैं, जिसके चलते उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा सात वर्षीय करिश्मा और दो वर्षीय सरोज का भी आईसीयू में इलाज चल रहा है।
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