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घोषणा के महीनों बाद भी नहीं मिली सब्सिडी
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:00 AM IST
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महीनों बाद भी भुगतान की बांट जोह रहे गन्ना किसान
सरकारी मदद की आस में चीनी मिलों ने भी भुगतान किया धीमा
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गन्ना किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए केन्द्र सरकार ने करीब डेढ़ माह पहले 5.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सब्सिडी देने की घोषणा की थी, लेकिन ये धनराशि अब तक नहीं मिली है। गन्ना विभाग ने सभी नौ चीनी मिलों की सब्सिडी का प्रस्ताव बनाकर करीब एक माह पहले भेजा था। सब्सिडी न मिलने से शायद चीनी मिलें भी भुगतान करने में टाल-मटोल कर रहीं हैं। इससे गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि रक्षाबंधन, जन्माष्टमी समेत त्यौहार सिर पर हैं।
सब्सिडी के तौर पर मिलने वाली धनराशि से सीधे किसानों को भुगतान किया जाना है, जिससे चीनी मिलों को भी अपना फायदा दिख रहा है। जनपद की नौ चीनी मिलों के लिए गन्ना विभाग ने करीब 150 करोड़ का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त के पास एक माह पहले भेज दिया था, जिससे करीब 3.5 लाख किसानों को लाभान्वित किया जाना है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल के मुताबिक सब्सिडी का पैसा अभी मिला नहीं है, जिससे भुगतान में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। उन्होंने बताया कि सब्सिडी की धनराशि चीनी मिलों के व्यक्तिगत खाते में नहीं दी जाएगी, बल्कि डीसीओ और चीनी मिल अध्यासी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित खाते में भेजी जाएगी। 5.50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना के हिसाब से सब्सिडी का भुगतान मिलने की उम्मीद में कई चीनी मिलों ने भुगतान की गति धीमी करके किसानों की मुश्किलें दोहरी कर दी हैं। किसानों के लिए सब्सिडी की घोषणा अब तक महज छलावा बनी हुई है। हालांकि अधिकारी जल्द सब्सिडी मिलने की उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन कब यह बताने में कतरा रहे हैं।
किसानों का मिलों पर 17.42 अरब से अधिक बकाया
सब्सिडी की घोषणा से पहले तेजी से भुगतान करने वाली मिलों अजवापुर, कुंभी, गुलरिया ने भुगतान करना लगभग बंद कर रखा है, फिर यह भुगतान के प्रतिशत (80 प्रतिशत) में अव्वल बनी हुई हैं। जबकि बजाज ग्रुप की गोला ने 53.41 प्रतिशत, पलिया ने 44.44 प्रतिशत और खंभारखेड़ा ने 50 प्रतिशत भुगतान किया है। इसी तरह जुआरी ग्रुप की ऐरा मिल ने 40.67 प्रतिशत, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां ने 60 प्रतिशत और संपूर्णानगर ने 53 प्रतिशत भुगतान किया है।
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सब्सिडी की धनराशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। मिलों द्वारा भुगतान किया जा रहा है। गुरुवार को गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा और अजवापुर मिल ने 18.16 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया है। सब्सिडी मिलते ही किसानों को भुगतान करने की कार्रवाई की जाएगी। -ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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सरकारी मदद की आस में चीनी मिलों ने भी भुगतान किया धीमा
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गन्ना किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए केन्द्र सरकार ने करीब डेढ़ माह पहले 5.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सब्सिडी देने की घोषणा की थी, लेकिन ये धनराशि अब तक नहीं मिली है। गन्ना विभाग ने सभी नौ चीनी मिलों की सब्सिडी का प्रस्ताव बनाकर करीब एक माह पहले भेजा था। सब्सिडी न मिलने से शायद चीनी मिलें भी भुगतान करने में टाल-मटोल कर रहीं हैं। इससे गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि रक्षाबंधन, जन्माष्टमी समेत त्यौहार सिर पर हैं।
सब्सिडी के तौर पर मिलने वाली धनराशि से सीधे किसानों को भुगतान किया जाना है, जिससे चीनी मिलों को भी अपना फायदा दिख रहा है। जनपद की नौ चीनी मिलों के लिए गन्ना विभाग ने करीब 150 करोड़ का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त के पास एक माह पहले भेज दिया था, जिससे करीब 3.5 लाख किसानों को लाभान्वित किया जाना है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल के मुताबिक सब्सिडी का पैसा अभी मिला नहीं है, जिससे भुगतान में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। उन्होंने बताया कि सब्सिडी की धनराशि चीनी मिलों के व्यक्तिगत खाते में नहीं दी जाएगी, बल्कि डीसीओ और चीनी मिल अध्यासी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित खाते में भेजी जाएगी। 5.50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना के हिसाब से सब्सिडी का भुगतान मिलने की उम्मीद में कई चीनी मिलों ने भुगतान की गति धीमी करके किसानों की मुश्किलें दोहरी कर दी हैं। किसानों के लिए सब्सिडी की घोषणा अब तक महज छलावा बनी हुई है। हालांकि अधिकारी जल्द सब्सिडी मिलने की उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन कब यह बताने में कतरा रहे हैं।
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किसानों का मिलों पर 17.42 अरब से अधिक बकाया
सब्सिडी की घोषणा से पहले तेजी से भुगतान करने वाली मिलों अजवापुर, कुंभी, गुलरिया ने भुगतान करना लगभग बंद कर रखा है, फिर यह भुगतान के प्रतिशत (80 प्रतिशत) में अव्वल बनी हुई हैं। जबकि बजाज ग्रुप की गोला ने 53.41 प्रतिशत, पलिया ने 44.44 प्रतिशत और खंभारखेड़ा ने 50 प्रतिशत भुगतान किया है। इसी तरह जुआरी ग्रुप की ऐरा मिल ने 40.67 प्रतिशत, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां ने 60 प्रतिशत और संपूर्णानगर ने 53 प्रतिशत भुगतान किया है।
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सब्सिडी की धनराशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। मिलों द्वारा भुगतान किया जा रहा है। गुरुवार को गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा और अजवापुर मिल ने 18.16 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया है। सब्सिडी मिलते ही किसानों को भुगतान करने की कार्रवाई की जाएगी। -ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी