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चार लाख के गबन की आरोपी प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज
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लखीमपुर खीरी। कुंभी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमीरनगर की प्रधान ताहिरा बेगम के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि हुई है, जिस पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। एक शिकायत पर डीएम ने जांच कराई, तो प्रधान को 4,51,727 रुपये गबन का दोषी पाया गया है। डीएम ने आरोपी ग्राम प्रधान को हटाने के लिए डीडीओ को जांच सौंपते हुए 15 दिन में आख्या मांगी है।
अमीरनगर निवासी अब्दुल अजीज खां ने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों के भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत की थी, जिस पर डीएम ने नलकूप खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता को जांच सौंपी। जांच में पाया गया कि वर्ष 2016-17 में 14वें वित्त आयोग की धनराशि से डाक्टर मशील के मकान से कल्लू के मकान तक खड़ंजा और नाली निर्माण 19,984 रुपये का गबन किया गया। इसी मद से इश्तियाक के मकान से एजाद के घर तक नाली-खड़ंजा/इंटरलॉकिंग निर्माण की वर्क आईडी बनाकर 1,87,219 रुपये हड़प लिए गए, लेकिन कहीं काम नहीं कराया गया। इसी तरह झम्मन खां के मकान से खैरूना के मकान तक मिट्टी खड़ंजा निर्माण कार्य के नाम पर वर्क आईडी बनाकर 2,24,524 रुपये गबन किए गए, जबकि इसका कार्य नहीं कराया गया। गांव में मिट्टी पटाई के नाम पर 20 हजार रुपये निकाले गए, लेकिन मिट्टी पटाने की पुष्टि नहीं हुई। जांच अधिकारी की आख्या मिलने के बाद डीएम ने प्रधान को चार दिसंबर 2018 को नोटिस देकर जवाब मांगा, जिसके बाद 19 दिसंबर को प्रधान ने बिना साक्ष्य के आंशिक जवाब प्रस्तुत किया। इस पर डीपीआरओ ने आख्या की प्रति के साथ दोबारा नोटिस 24 दिसंबर 2018 को भेजकर जवाब मांगा, लेकिन डेढ़ माह बीतने पर भी जवाब नहीं आया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रधान ताहिरा बेगम को 4,51,727 रुपये गबन और प्रधान पद के दुरुपयोग का दोषी पाते हुए कार्रवाई की है। पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 के तहत प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है और ग्राम पंचायत अमीरनगर के ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची बीडीओ कुंभी से तलब की है। इसके साथ डीएम ने ही पंचायत राज (प्रधान एवं सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के तहत मामले की अंतिम जांच डीडीओ सौंपते हुए 15 दिन में आख्या मांगी है।
प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं और पदच्युत की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
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- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ
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अमीरनगर निवासी अब्दुल अजीज खां ने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों के भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत की थी, जिस पर डीएम ने नलकूप खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता को जांच सौंपी। जांच में पाया गया कि वर्ष 2016-17 में 14वें वित्त आयोग की धनराशि से डाक्टर मशील के मकान से कल्लू के मकान तक खड़ंजा और नाली निर्माण 19,984 रुपये का गबन किया गया। इसी मद से इश्तियाक के मकान से एजाद के घर तक नाली-खड़ंजा/इंटरलॉकिंग निर्माण की वर्क आईडी बनाकर 1,87,219 रुपये हड़प लिए गए, लेकिन कहीं काम नहीं कराया गया। इसी तरह झम्मन खां के मकान से खैरूना के मकान तक मिट्टी खड़ंजा निर्माण कार्य के नाम पर वर्क आईडी बनाकर 2,24,524 रुपये गबन किए गए, जबकि इसका कार्य नहीं कराया गया। गांव में मिट्टी पटाई के नाम पर 20 हजार रुपये निकाले गए, लेकिन मिट्टी पटाने की पुष्टि नहीं हुई। जांच अधिकारी की आख्या मिलने के बाद डीएम ने प्रधान को चार दिसंबर 2018 को नोटिस देकर जवाब मांगा, जिसके बाद 19 दिसंबर को प्रधान ने बिना साक्ष्य के आंशिक जवाब प्रस्तुत किया। इस पर डीपीआरओ ने आख्या की प्रति के साथ दोबारा नोटिस 24 दिसंबर 2018 को भेजकर जवाब मांगा, लेकिन डेढ़ माह बीतने पर भी जवाब नहीं आया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रधान ताहिरा बेगम को 4,51,727 रुपये गबन और प्रधान पद के दुरुपयोग का दोषी पाते हुए कार्रवाई की है। पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 के तहत प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है और ग्राम पंचायत अमीरनगर के ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची बीडीओ कुंभी से तलब की है। इसके साथ डीएम ने ही पंचायत राज (प्रधान एवं सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के तहत मामले की अंतिम जांच डीडीओ सौंपते हुए 15 दिन में आख्या मांगी है।
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प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं और पदच्युत की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
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- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ