{"_id":"5b859ce342c7924650409b26","slug":"201535483107-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू पीड़ित छात्र की मौत, गांव में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू पीड़ित छात्र की मौत, गांव में दहशत
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
डेंगू पीड़ित छात्र की मौत, गांव में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। कस्बा खमरिया क्षेत्र के तमोलीपुरवा गांव निकासी एक छात्र की मौत हो गई। घरवाले बच्चे को डेंगू होने की बात कह रहे हैं। बच्चे को पहले शहर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर डेंगू की पुष्टि करने के बाद डॉक्टर ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था। जहां इलाजच के दौरान उसकी मौत हो गई।
अल्लीपुर गांव के, मजरा तमोलीपुरवा निवासी मिश्रीलाल के आठ वर्षीय पुत्र लकी, जो हरद्वाही लाल पब्लिक कॉलेज में कक्षा दो का छात्र था, को कुछ दिन पहले बुखार आया था। मिश्रालाल ने बताया कि लकी को गांव में दवा दिलवाई, लेकिन जब फायदा नहीं हुआ तो उसे लखीमपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी कई जांचे हुई, जिसमें डॉक्टर ने डेंगू होने की पुष्टि करते हुए लकी को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर तीन दिन इलाज चलने के बाद उसकी सोमवार रात को मौत हो गई।
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ होता तो मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट आती। फिर भी बुधवार को गांव में टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
विज्ञापन
डॉ.मनोज अग्रवाल, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। कस्बा खमरिया क्षेत्र के तमोलीपुरवा गांव निकासी एक छात्र की मौत हो गई। घरवाले बच्चे को डेंगू होने की बात कह रहे हैं। बच्चे को पहले शहर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर डेंगू की पुष्टि करने के बाद डॉक्टर ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था। जहां इलाजच के दौरान उसकी मौत हो गई।
अल्लीपुर गांव के, मजरा तमोलीपुरवा निवासी मिश्रीलाल के आठ वर्षीय पुत्र लकी, जो हरद्वाही लाल पब्लिक कॉलेज में कक्षा दो का छात्र था, को कुछ दिन पहले बुखार आया था। मिश्रालाल ने बताया कि लकी को गांव में दवा दिलवाई, लेकिन जब फायदा नहीं हुआ तो उसे लखीमपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी कई जांचे हुई, जिसमें डॉक्टर ने डेंगू होने की पुष्टि करते हुए लकी को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर तीन दिन इलाज चलने के बाद उसकी सोमवार रात को मौत हो गई।
विज्ञापन
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ होता तो मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट आती। फिर भी बुधवार को गांव में टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
विज्ञापन
डॉ.मनोज अग्रवाल, सीएमओ