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फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफनाई, तीन घर समाये
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:00 AM IST
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24 एलकेएच 8, 9
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफनाई, तीन घर समाए
प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिया दिशा निर्देश
संक्रामक रोग की चपेट में आ रहे बाढ़ पीड़ित
लखीमपुर खीरी। जिले में शारदा, घाघरा और मोहाना नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शारदा नदी ने विकास खंड फूलबेहड़ क्षेत्र में विकराल रूप धारण कर लिया है जिससे नदी के बीच टापू पर बसे जंगल नंबर 11 के एक दर्जन छप्परपोश घरों में से तीन घर नदी में समा गए। इससे यहां बसे लोग अब नाव के सहारे ऊंचे स्थानों पर जाने लगे हैं। वहीं मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से ब्लाक निघासन के तिकुनियां इलाके में नया पिंड गांव टापू बन गया है। इससे लोग बरसात भर सुरक्षित स्थान पर नाव के सहारे पलायन करने लगे हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने भी अलर्ट घोषित किया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित तहसीलों के संबंधित एसडीएम को निर्देशित कर जरूरी व्यवस्थाएं करने को कहा है।
महेवागंज। शारदा नदी के बीच टापू पर बसे जंगल नंबर 11 में करीब 30 लोगों की आबादी है। झोंपड़ीनुमा करीब एक दर्जन कच्चे घरों में लोग जीवन गुजार रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से नदी ने यहां भू कटान शुरू कर दिया है। खेतों को निगलती हुई नदी आबादी के करीब पहुंच गई। सोमवार रात गांव निवासी राजाराम, विनोद और मनोज के घर नदी की आगोश में समा गए। राजाराम ने बताया की सोमवार की रात करीब दस बजे घर नदी में कट गया। पूरी रात जागकर काटी। नदी का रुख देख बाकी लोग भी अपना सामान इकठ्ठा कर के नदी पार निकलने के लिए नाव का इंतजाम कर रहे हैं। मनोज, राजकिशोर, विनोद ने बताया की अपनी निजी नाव के सहारे चार किलोमीटर नदी में करीब दो घंटे का सफर तय कर नदी के बाहर निकलते हैं। प्रशासन की तरफ से कोई बचाव राहत के लिए नाव या स्टीमर आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
-बाक्स-
बीमारी बांट रहा बाढ़ का पानी
महेवागंज। शारदा नदी के अंदर बसे दर्जनों गांव पिछले कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे हैं जिससे लोगों में संक्रामक और त्वचा में दाने फुंसियां फैल रही हैं। बच्चों के शरीर में दाने, छाले पडने लगे हैं। बेडहा गांव निवासी गीता देवी, बुद्धिराम, गनेश, रतनलाल, आर्यन, कमलेश, अंजू देवी, राजकुमार सहित करीब तीन दर्जन से भी ज्यादा लोग बुखार और छालों से परेशान हैं। यही हाल टॉपरपुरवा, गूम, भुलभुलिया, जंगल नंबर 10, बेचनपुरवा सहित आदि गांवों का है। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम अभी तक गांव में नहीं पहुंची।
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इनसेट..........
24 एलकेएच 10, 11
मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से टापू बना गांव नया पिंड
तिकुनियां। मोहाना नदी का जलस्तर बढने से गांव नया पिंड टापू बन गया है। बच्चे नाव के सहारे स्कूल पढने जाते हैं। ग्राम पंचायत खैरटिया के मजरा नया पिंड के वाशिंदे बरसात के चार माह भारी परेशानी में गुजारते हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमुख कारण खैरटिया से नया पिंड जाने वाले मार्ग पर पडने वाला खस्ताहाल रपटा पुल है।
यह रपटा पुल जर्जर होकर काफी नीचे धंस गया है, जिससे मोहाना नदी का पानी पूरे चार माह इस मार्ग पर बना रहता है। मोहाना नदी का जलस्तर बढने पर चार से पांच फुट पानी इस मार्ग पर भर जाता है। पानी कम होने पर लोग जान जोखिम में डालकर पैदल मार्ग पार करते हैं। सबसे ज्यादा खतरा उन स्कूल के बच्चों को है, जो खतरा लेकर मार्ग पार कर स्कूल जाने को विवश हैं। कई बार पानी पार करते समय बच्चे गिर जाते हैं तो उनके डूबने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीण गुरमीत सिंह ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते गांव वालों की जान खतरे में है। कई वर्षों से उनका गांव साल में चार माह के लिए टापू बन जाता है, फिर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। अधिकारियों की कारगुजारी व लापरवाही का खामियाजा नया पिंड वासियों को भुगतना पड़ रहा है। एसडीएम निघासन केशवनाथ गुप्त ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जल्द ही नया पिंड वासियों की इस समस्या को दूर किया जाएगा।
जरूरी सुविधाओं को जान मुसीबत में
नया पिंड के लोगों को जान जोखिम में डालकर जरूरी सुविधाओं का सामान लेने के लिए आवागमन करना पड़ता है। गुरमीत सिंह ने बताया कि खाने पीने का सामान लेने के लिए उन्हें तिकुनिया या फिर खैरटिया जाना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें मोहाना नदी के पानी को पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
वर्जन......
शारदा और मोहाना का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी बाढ़ की संभावना नहीं है। तहसील मुख्यालयों को अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में छुट्टियां भी नहीं दी जाएंगी। संबंधित एसडीएम को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
शैलेन्द्र कुमार सिंह, डीएम
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फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफनाई, तीन घर समाए
प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिया दिशा निर्देश
संक्रामक रोग की चपेट में आ रहे बाढ़ पीड़ित
लखीमपुर खीरी। जिले में शारदा, घाघरा और मोहाना नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शारदा नदी ने विकास खंड फूलबेहड़ क्षेत्र में विकराल रूप धारण कर लिया है जिससे नदी के बीच टापू पर बसे जंगल नंबर 11 के एक दर्जन छप्परपोश घरों में से तीन घर नदी में समा गए। इससे यहां बसे लोग अब नाव के सहारे ऊंचे स्थानों पर जाने लगे हैं। वहीं मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से ब्लाक निघासन के तिकुनियां इलाके में नया पिंड गांव टापू बन गया है। इससे लोग बरसात भर सुरक्षित स्थान पर नाव के सहारे पलायन करने लगे हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने भी अलर्ट घोषित किया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित तहसीलों के संबंधित एसडीएम को निर्देशित कर जरूरी व्यवस्थाएं करने को कहा है।
महेवागंज। शारदा नदी के बीच टापू पर बसे जंगल नंबर 11 में करीब 30 लोगों की आबादी है। झोंपड़ीनुमा करीब एक दर्जन कच्चे घरों में लोग जीवन गुजार रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से नदी ने यहां भू कटान शुरू कर दिया है। खेतों को निगलती हुई नदी आबादी के करीब पहुंच गई। सोमवार रात गांव निवासी राजाराम, विनोद और मनोज के घर नदी की आगोश में समा गए। राजाराम ने बताया की सोमवार की रात करीब दस बजे घर नदी में कट गया। पूरी रात जागकर काटी। नदी का रुख देख बाकी लोग भी अपना सामान इकठ्ठा कर के नदी पार निकलने के लिए नाव का इंतजाम कर रहे हैं। मनोज, राजकिशोर, विनोद ने बताया की अपनी निजी नाव के सहारे चार किलोमीटर नदी में करीब दो घंटे का सफर तय कर नदी के बाहर निकलते हैं। प्रशासन की तरफ से कोई बचाव राहत के लिए नाव या स्टीमर आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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बीमारी बांट रहा बाढ़ का पानी
महेवागंज। शारदा नदी के अंदर बसे दर्जनों गांव पिछले कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे हैं जिससे लोगों में संक्रामक और त्वचा में दाने फुंसियां फैल रही हैं। बच्चों के शरीर में दाने, छाले पडने लगे हैं। बेडहा गांव निवासी गीता देवी, बुद्धिराम, गनेश, रतनलाल, आर्यन, कमलेश, अंजू देवी, राजकुमार सहित करीब तीन दर्जन से भी ज्यादा लोग बुखार और छालों से परेशान हैं। यही हाल टॉपरपुरवा, गूम, भुलभुलिया, जंगल नंबर 10, बेचनपुरवा सहित आदि गांवों का है। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम अभी तक गांव में नहीं पहुंची।
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24 एलकेएच 10, 11
मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से टापू बना गांव नया पिंड
तिकुनियां। मोहाना नदी का जलस्तर बढने से गांव नया पिंड टापू बन गया है। बच्चे नाव के सहारे स्कूल पढने जाते हैं। ग्राम पंचायत खैरटिया के मजरा नया पिंड के वाशिंदे बरसात के चार माह भारी परेशानी में गुजारते हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमुख कारण खैरटिया से नया पिंड जाने वाले मार्ग पर पडने वाला खस्ताहाल रपटा पुल है।
यह रपटा पुल जर्जर होकर काफी नीचे धंस गया है, जिससे मोहाना नदी का पानी पूरे चार माह इस मार्ग पर बना रहता है। मोहाना नदी का जलस्तर बढने पर चार से पांच फुट पानी इस मार्ग पर भर जाता है। पानी कम होने पर लोग जान जोखिम में डालकर पैदल मार्ग पार करते हैं। सबसे ज्यादा खतरा उन स्कूल के बच्चों को है, जो खतरा लेकर मार्ग पार कर स्कूल जाने को विवश हैं। कई बार पानी पार करते समय बच्चे गिर जाते हैं तो उनके डूबने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीण गुरमीत सिंह ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते गांव वालों की जान खतरे में है। कई वर्षों से उनका गांव साल में चार माह के लिए टापू बन जाता है, फिर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। अधिकारियों की कारगुजारी व लापरवाही का खामियाजा नया पिंड वासियों को भुगतना पड़ रहा है। एसडीएम निघासन केशवनाथ गुप्त ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जल्द ही नया पिंड वासियों की इस समस्या को दूर किया जाएगा।
जरूरी सुविधाओं को जान मुसीबत में
नया पिंड के लोगों को जान जोखिम में डालकर जरूरी सुविधाओं का सामान लेने के लिए आवागमन करना पड़ता है। गुरमीत सिंह ने बताया कि खाने पीने का सामान लेने के लिए उन्हें तिकुनिया या फिर खैरटिया जाना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें मोहाना नदी के पानी को पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
वर्जन......
शारदा और मोहाना का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी बाढ़ की संभावना नहीं है। तहसील मुख्यालयों को अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में छुट्टियां भी नहीं दी जाएंगी। संबंधित एसडीएम को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
शैलेन्द्र कुमार सिंह, डीएम