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गन्ना किसानों की आय में 22 हजार रुपये हुई वृद्धि
Updated Sat, 30 Jun 2018 06:56 PM IST
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गन्ना किसानों की आय में 22 हजार रुपये हुई वृद्धि
क्रासर......
एक हेक्टेअर में औसत उत्पादकता 6.81 मीट्रिक टन बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गन्ना विभाग ने पेराई सत्र 2017-18 के समाप्त होने पर उत्पादन के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके मुताबिक गन्ना किसानों की आय में औसतन 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्धि हुई है। ऐसा औसत गन्ना उत्पादकता में 6.81 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर की वृद्धि से संभव हुआ है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक प्रदेश की औसत उत्पादकता 79.19 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि प्रदेश सरकार के आठ सूत्री कार्यक्रम से गन्ना उत्पादकता बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिला है। इसके अलावा गन्ने के साथ सह फसली सरसों, आलू, लहसुन, प्याज की खेती करके भी काफी किसानों ने अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि करने में सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि पिछले पेराई सत्र 2016-17 में किसानों ने सभी नौ मिलों को 1062.31 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की थी, जबकि इस पेराई सत्र में 1420.55 लाख क्विंटल गन्ना नौ चीनी मिलों को सप्लाई किया गया हैै। किसानों को देय गन्ना मूल्य 45 अरब 45 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये के सापेक्ष 24 अरब 32 करोड़ आठ लाख 89 हजार रुपये (30 जून 2018 तक) भुगतान किया जा चुका है। शेष 21 अरब 13 करोड़ 15 लाख 99 हजार रुपये भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है।
क्रासर......
एक हेक्टेअर में औसत उत्पादकता 6.81 मीट्रिक टन बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गन्ना विभाग ने पेराई सत्र 2017-18 के समाप्त होने पर उत्पादन के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके मुताबिक गन्ना किसानों की आय में औसतन 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्धि हुई है। ऐसा औसत गन्ना उत्पादकता में 6.81 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर की वृद्धि से संभव हुआ है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक प्रदेश की औसत उत्पादकता 79.19 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेअर हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि प्रदेश सरकार के आठ सूत्री कार्यक्रम से गन्ना उत्पादकता बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिला है। इसके अलावा गन्ने के साथ सह फसली सरसों, आलू, लहसुन, प्याज की खेती करके भी काफी किसानों ने अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि करने में सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि पिछले पेराई सत्र 2016-17 में किसानों ने सभी नौ मिलों को 1062.31 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की थी, जबकि इस पेराई सत्र में 1420.55 लाख क्विंटल गन्ना नौ चीनी मिलों को सप्लाई किया गया हैै। किसानों को देय गन्ना मूल्य 45 अरब 45 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये के सापेक्ष 24 अरब 32 करोड़ आठ लाख 89 हजार रुपये (30 जून 2018 तक) भुगतान किया जा चुका है। शेष 21 अरब 13 करोड़ 15 लाख 99 हजार रुपये भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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