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200 से पांच सौ रुपए में बन जाते हैं फर्जी प्रमाणपत्र, जिले में सक्रिय है रैकेट

Wed, 29 Apr 2015 11:59 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 29 Apr 2015 11:59 PM IST
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अनुदेशकों की भर्ती में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद इस बात की पड़ताल शुरू हो गई है कि इन लोगों ने कैसे फर्जी प्रमाणपत्र और डिग्रियां बनवाईं। खीरी जिले में भी फर्जी आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने वाला एक रैकेट सक्रिय है। तहसील परिसर और आसपास सक्रिय दलाल आय, जाति और आवास प्रमाणपत्र पाने के इच्छुक लोगों से 200 रुपये से पांच सौ रुपये लेकर अगले ही दिन फर्जी प्रमाणपत्र थमा देते हैं। कई बार फर्जीवाड़ा करने वाले लोग पकड़े भी जा चुके हैं। यहीं नहीं फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव जीते कई प्रधान हटाए जा चुके  हैं। निघासन में फर्जी मतदाता पहचानपत्र बनाने के मामले सामने आए हैं जिनमें लेखपालों और दलालोें ने इन फर्जी पहचानपत्रों के जरिए बैंकों में फेक खाते खुलवाकर बाढ़ राहत चेक भुनाकर पैसे डकार गए। इस की जांच एसडीएम निघासन कर            रहे हैं।
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और भी मिल सकते हैं फर्जी प्रमाण-पत्र ः लगभग 300 अनुदेशकों की भर्ती की जानी है इन सभी की काउंसिलिंग कराई जा चुकी है। 46 मामले पकड़े जाने के बाद विभाग ने सभी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संबंधित विश्व विद्यालयों को भेजे हैं अभी तक इनके संबंध में रिपोर्ट नहीं आई है लेकिन इनमें भी फर्जी प्रमाणपत्र मिलने की आशंका है।
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ऐसे होता है गोरखधंधा
एलयू की मार्क्सशीट साधारण कागज पर बनी होती है। मार्क्सशीट पर सिर्फ यूनिवर्सिटी का मोनोग्राम होता है। इससे मार्क्सशीट बनाना आसान होता है।
मार्क्सशीट व डिग्री पर बार कोड नहीं होता। इसलिए जांच में बचने की पूरी संभावना रहती है। एलयू में चेकिंग व्यवस्था भी मैन्यूल है। इसलिए फर्जीवाड़ा करने वाले इसका फायदा उठा लेते हैं।
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एलयू के कई बाबुओं की भूमिका संदेह के घेर में है। डीन लॉ की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय जांच कमेटी।
2013 में हुई भर्ती का ऐसे हुआ खुलासा
वर्ष 2013 में अनुदेशकों की भर्ती की गई थी। तब स्वीकृत पदों के सापेक्ष अभ्यर्थी की संख्या बहुत कम थी। अब बचे रह गए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई तो काफी संख्या में आवेदन आए। इससे शक हुआ कि दो ही साल में आखिर कैसे इतने अभ्यर्थी हो गए, जो सारी पात्रता रखते हैं।  खोजबीन शुरू हुई तो शक यह भी हुआ कि आखिर लखनऊ यूनिवर्सिटी ने बीपीएड की इतनी डिग्री कैसे जारी कर दीं। साथ ही इस पर ध्यान गया कि यूनिवर्सिटी ने बीए की जो मार्कशीट जारी की हैं, उन सभी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हैं। लगा कि ये मार्कशीट तैयार कराई गई हैं। इस शक को इससे भी बल मिला कि इन मार्कशीटों में किसी का पूर्णांक 14 सौ था तो किसी की में 12 सौ। बीएसए ने बताया कि एक ही शैक्षिक वर्ष की मार्कशीट में अलग-अलग पूर्णांक होने से इनके फर्जी होने का शक हो गया। शक की पुष्टि की बीएसए सोच ही रहे थे कि एक दिन एक अभ्यर्थी उनके दफ्तर में आया तो वह उससे महाविद्यालय का नाम पूछ बैठे, मगर वह अपने उस महाविद्यालय का नाम तक नहीं बता पाया, जिससे परीक्षा में शामिल होना दर्शाया गया था। तब उस अभ्यर्थी को पुलिस को सौंप दिया गया, मगर पुलिस ने छोड़ दिया। इसके बाद शक और बढ़ा कि कोई रैकेट यह सब कराकर दे रहा है। पुष्टि करने के लिए बीएसए ने लखनऊ यूनिवर्सिटी को सूची भेजते हुए जांच कराने को कहा। विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हो गया कि अभ्यर्थियों द्वारा लगाई गई मार्कशीट में जो अनुक्रमांक लिखे गए हैं, वो यूनिवर्सिटी द्वारा उस वर्ष जारी ही नहीं किए गए थे। विश्वविद्यालय ने भी सूची वाली सभी मार्कशीट फर्जी होना बता दिया। बीएसए ने बताया कि इन मार्कशीट के अलावा अभ्यर्थियों ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र आदि का भी इस्तेमाल किया है।   
इन अनुदेशकों के खिलाफ केस
1. कमलेश कुमार,  ग्राम रौतापुर थाना मितौली,
2. मनीराम, पिपरौला, थाना पसगवां
3. कृष्ण मुरारी वर्मा, धौरहरा खुर्द,थाना फरधान
4.रमेश कुमार, पन्नापुर, थाना हैदराबाद
5.हंसराम वर्र्मा, लक्ष्मीनगर कालोनी, थाना गोला,
6.अशोक कुमार, सुहेला थाना हैदराबाद
7.प्रदीप कुमार , देवीहाना, थाना गोला,
8.वीरेंद्र कुमार, असर्फीगंज, थाना हैदराबाद
9.मनोज कुमार , वजीरनगर, थाना गोला
10.नीरजकुमार , नरदौलुरवा फरधान,
11.ओम प्रकाश, विलियम गंज, थाना गोला 
12.अजय कुमार , भारत भूषण कालोनी, गोला,
13.मंशाराम, मोहम्मदपुर ताजपुर, थाना पसगवां
14.बलराम, जड़ौरा थाना, हैदराबाद
15.साधना ,वजीरनगर, थाना गोला
16.ममता , लालताबेहड़,  थाना नीमगांव
17.सुनील , परेली थाना हैदराबाद
18.बाबूराम, खमरिया थाना मितौली
19.सनयोग , नरदवलपुरवा थाना फरधान
20.अंकित कुमार , कैमहरा थाना फरधान
21.सुनील , रायपुर जंगल थाना गोला
22.अमित , सिसनौर थाना मैलानी,
23.दीपक , भवानी गंज थाना हैदराबाद
24.सर्वेशकुमार ,खमरिया थाना मितौली,
25. मेनका, बाबूपुर थाना हैदराबाद
26 कविता , रौतापुर थाना मितौली
27.जयकरन, लालता बेहड़ थाना नीमगांव
28 रुपेश , असर्फीगंज थाना हैदराबाद
29.गौरव, झारा थाना हैदराबाद
30.सतीश, सोहना थाना पसगवां
31अवधेश ,लीलापुर थाना हैदराबाद,
32.संजीव , रानीगंज थाना हैदराबाद
33.सीमा, हैदराबाद
34.रजनीश, लीलापुर थाना हैदराबाद
35.संदीप ,भुगनी थाना नीमगांव
36 संतोष , झारा थाना हैदराबाद
37.कुमारी विनीता ,वलीनगर थाना गोला,
38.उदित, महंगेपुर थाना हैदराबाद
39 प्रदीप , मुड़हबी थाना हैदराबाद
40.प्रेमचंद ,अजान थाना हैदराबाद
41.मनोज , असर्फीगंज थाना हैदराबाद
42.अर्चनादेवी ,उदयपुर थाना पसगवां
43.साधना वर्मा , बेंहड़  थाना नीमगांव
44.कुलदीप,असर्फीगंज थाना हैदराबाद
45. ममता , हफीजपुर थाना गोला
46. केशवराम, फरधान।

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