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20 स्कूल चेक करने में बीईओ के छूट रहे पसीने

Sun, 24 Jul 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 24 Jul 2016 11:37 PM IST
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20 in Czech schools are exempt from Biio sweat
school - फोटो : Getty
स्कूलों के निरीक्षण में लापरवाही बरत रहे अधिकारी 
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शिक्षामंत्री ने जताई नाराजगी तो बीएसए ने चेताया

 बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में निरीक्षण करने संबंधित ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारी नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे ऑनलाइन निरीक्षण फीडिंग निम्न स्तर पर है। प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिमाह कम से कम 20 स्कूल चेक करके उनकी रिपोर्ट ऑनलाइन फीडिंग करना अनिवार्य है, लेकिन आंकड़े दहाई में तब्दील नहीं हो पा रहे हैं। बेसिक शिक्षामंत्री ने लखनऊ में समीक्षा कर नाराजगी जताई है, जिसे तुरंत संज्ञान में लेकर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने सभी बीईओ आदेश जारी कर चेतावनी दी है। 
बेसिक स्कूलों में बदहाल शैक्षणिक स्तर हाल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरों से सुर्खियों में है। तमाम स्कूलों में अभी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मानक भी पूरे नहीं हो सके हैं। इससे इतर विभागीय अफसर स्कूलों के निरीक्षण पर जोर दे रहे हैं। तर्क यह है कि जब खंड शिक्षा अधिकारी प्रतिमाह कम से कम 20 स्कूल चेक करेंग तो शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ेगी और समस्याओं का निदान हो सकेगा। जिले भर में 2323 प्राथमिक और 1158 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनके निरीक्षण एवं संचालन के लिए 15 ब्लाकों में बीईओ की तैनाती है, जिन्हें प्रतिमाह 20 स्कूल चेक करके ऑनलाइन फीडिंग करनी हैं। जबकि नगर क्षेत्र में नगर शिक्षा अधिकारी इस दायित्व को संभालेंगे। सूत्र बताते हैं कि बीईओ को स्कूलों के निरीक्षण से ज्यादा ऑनलाइन फीडिंग करने में दिक्कत आ रही है। कुछ बीईओ बताते हैं कि तकनीकी दिक्कत आने से ऑनलाइन फीडिंग नहीं हो पा रही है। अब सवाल यह है कि डिजीटल इंडिया के दौर में ब्लाक के अधिकारी जब ऑनलाइन फीडिंग करने में कतराएंगे, तो स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता कैसे बेहतर होगी। 
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बीईओ की कमी भी बड़ी वजह
जिले के 15 ब्लाकों, नगर क्षेत्र और मुख्यालय पर बीईओ के पद स्वीकृत हैं, जिसमें 17 बीईओ की तैनाती होनी चाहिए। इसके उलट जिले में मात्र 10 बीईओ ही कार्यरत हैं, जिनमें कई के पास तीन-तीन ब्लाक का भार है। मसलन मितौली बीईओ के पास पसगवां और बेहजम ब्लाक का चार्ज है। 
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अधिकतर ब्लाकों के बीईओ ने 10 से 12 तक स्कूलों की निरीक्षण की रिपोर्ट ऑनलाइन फीडिंग की है। शिक्षामंत्री ने समीक्षा के दौरान स्कूलों के निरीक्षण की ऑनलाइन फीडिंग कम होने पर नाराजगी जताई है। इसलिए सभी बीईओ को आदेश जारी कर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए 
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