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टेंडर के लिए क्षेत्र पंचायत से नहीं मिले फॉर्म
Updated Wed, 31 Oct 2018 06:52 PM IST
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क्षेत्र पंचायत से होने वाले विकास कार्यों की निविदा सूचना तो निकल गई, लेकिन आरोप है कि अपने चहेतों को ठेका देने के कारण एनआरपी बाबू ने निर्धारित समय में टेंडर के फॉर्म नहीं बांटे, जिससे ठेकेदार टेंडर नहीं डाल सके। बीडीसी संघ ने टेंडर निरस्त करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बीडीसी ब्लॉक संघ अध्यक्ष आसिम ने बताया कि 15 अक्तूबर को लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार में विकास कार्यों संबंधी एक निविदा प्रकाशित की गई। आरोप है कि निविदा के दिन क्षेत्र में उस अखबार का भी वितरण नहीं कराया गया। किसी तरह से लोगों ने इस मामले की जानकारी की और निविदा प्रकाशन के दूसरे दिन फॉर्म लेने के लिए ब्लॉक में गए। आरोप है कि वहां पर मौजूद एनआरपी बाबू ने फार्म न होने की बात कह अगले दिन बुलाया। आरोप है कि उसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया और बाद में मीटिंग का बहाना करके जिला मुख्यालय चले गए। मामले की शिकायत बीडीओ से लेकर सीडीओ तक की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पांच ऐसे ठेकेदारों को ठेका दिया जो एनपीआरसी के बेहद नजदीकी हैं। बता दें कि करीब तीन साल बाद क्षेत्र पंचायत से ब्लॉक में कार्य की निविदा सूचना निकली है। क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपया दो साल से पड़ा था, जिससे कोई भी कार्य नहीं हुआ। बीडीसी सदस्य रफीक, असीयुद्दीन, शकील, श्रवण, दिलीप मौर्या, बलराम आदि ने निविदा निरस्त कराने की मांग की है। एनआरपी नईम ने बताया टेंडर के लिए करीब 54 फार्म आए थे, जिसमें पांच लोगों का टेंडर हुआ है। टेंडर में पूरी पारदर्शिता रखी गई है।
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बीडीसी ब्लॉक संघ अध्यक्ष आसिम ने बताया कि 15 अक्तूबर को लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार में विकास कार्यों संबंधी एक निविदा प्रकाशित की गई। आरोप है कि निविदा के दिन क्षेत्र में उस अखबार का भी वितरण नहीं कराया गया। किसी तरह से लोगों ने इस मामले की जानकारी की और निविदा प्रकाशन के दूसरे दिन फॉर्म लेने के लिए ब्लॉक में गए। आरोप है कि वहां पर मौजूद एनआरपी बाबू ने फार्म न होने की बात कह अगले दिन बुलाया। आरोप है कि उसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया और बाद में मीटिंग का बहाना करके जिला मुख्यालय चले गए। मामले की शिकायत बीडीओ से लेकर सीडीओ तक की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पांच ऐसे ठेकेदारों को ठेका दिया जो एनपीआरसी के बेहद नजदीकी हैं। बता दें कि करीब तीन साल बाद क्षेत्र पंचायत से ब्लॉक में कार्य की निविदा सूचना निकली है। क्षेत्र पंचायत के खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपया दो साल से पड़ा था, जिससे कोई भी कार्य नहीं हुआ। बीडीसी सदस्य रफीक, असीयुद्दीन, शकील, श्रवण, दिलीप मौर्या, बलराम आदि ने निविदा निरस्त कराने की मांग की है। एनआरपी नईम ने बताया टेंडर के लिए करीब 54 फार्म आए थे, जिसमें पांच लोगों का टेंडर हुआ है। टेंडर में पूरी पारदर्शिता रखी गई है।
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