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आंधी और अग्रिकांड से दो मौतें ही मान रहा प्रशासन
Updated Tue, 15 May 2018 12:40 AM IST
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आंधी और अग्निकांड से तीन मौतें ही मान रहा प्रशासन
आपदा राहत विभाग ने शासन को भेजी रिपोर्ट
पलिया में दो और निघासन क्षेत्र में एक मौत का जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। आंधी-तूफान और अग्निकांड से पांच मौतें हुई हैं, लेकिन जिला प्रशासन तीन मौतें ही मान रहा है। पलिया के गांव सेमरीपुरवा में 62 वर्षीय गुलाबो देवी और 40 वर्षीय रामबेटी के ऊपर क्रमश: छप्पर और टीन गिरने से मौत होने और निघासन तहसील क्षेत्र में अग्निकांड में एक ग्रामीण की मौत होने की रिपोर्ट संबंधित तहसीलों के राजस्व निरीक्षकों ने भेजी है, जिसे आधार मानते हुए आपदा राहत विभाग की ओर से शासन को यही सूचना सचिव एवं राहत आयुक्त शासन को भेजी गई है।
जिले भर में रविवार की रात को आए आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ। आंधी आने के समय घरों में खाना बनाते समय आग भड़क गई, जिससे निघासन क्षेत्र में कई गांव जल गए। इसमें खमरिया कोइलार गांव में अग्निकांड की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हुई, जबकि कई घंटे चले आंधी-तूफान में पलिया तहसील क्षेत्र में दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके अलावा धूल भरी आंधी की चपेट में आने से निघासन तहसील में एक बाइक सवार और गोला तहसील क्षेत्र में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हुई है। संबंधित तहसीलों के प्रशासन ने आंधी-तूफान और अग्निकांड में हुई जनहानि और पशुहानि की सूचना देने में कोताही बरती है, जिससे राहत बचाव के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में तीन मौतों की सूचना देने के साथ ही आंधी तूफान में आठ लोगों के घायल होने की बात कही गई है। इसी तरह अग्निकांड में 10 लोगों के घायल होने की रिपोर्ट दी गई है। इसके अलावा अग्निकांड में 45 पशुओं की मौत हुई है और 106 घरों को नुकसान पहुंचा है। जबकि आंधी तूफान से 11 घरों को नुकसान हुआ है।
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तहसीलों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर सूचना शासन को भेजी जाती है। सूचनाएं देर से मिलने के चलते रिपोर्ट को अपडेट कराया जाता है। मौत के मामलों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
आपदा राहत विभाग ने शासन को भेजी रिपोर्ट
पलिया में दो और निघासन क्षेत्र में एक मौत का जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। आंधी-तूफान और अग्निकांड से पांच मौतें हुई हैं, लेकिन जिला प्रशासन तीन मौतें ही मान रहा है। पलिया के गांव सेमरीपुरवा में 62 वर्षीय गुलाबो देवी और 40 वर्षीय रामबेटी के ऊपर क्रमश: छप्पर और टीन गिरने से मौत होने और निघासन तहसील क्षेत्र में अग्निकांड में एक ग्रामीण की मौत होने की रिपोर्ट संबंधित तहसीलों के राजस्व निरीक्षकों ने भेजी है, जिसे आधार मानते हुए आपदा राहत विभाग की ओर से शासन को यही सूचना सचिव एवं राहत आयुक्त शासन को भेजी गई है।
जिले भर में रविवार की रात को आए आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ। आंधी आने के समय घरों में खाना बनाते समय आग भड़क गई, जिससे निघासन क्षेत्र में कई गांव जल गए। इसमें खमरिया कोइलार गांव में अग्निकांड की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हुई, जबकि कई घंटे चले आंधी-तूफान में पलिया तहसील क्षेत्र में दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके अलावा धूल भरी आंधी की चपेट में आने से निघासन तहसील में एक बाइक सवार और गोला तहसील क्षेत्र में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हुई है। संबंधित तहसीलों के प्रशासन ने आंधी-तूफान और अग्निकांड में हुई जनहानि और पशुहानि की सूचना देने में कोताही बरती है, जिससे राहत बचाव के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में तीन मौतों की सूचना देने के साथ ही आंधी तूफान में आठ लोगों के घायल होने की बात कही गई है। इसी तरह अग्निकांड में 10 लोगों के घायल होने की रिपोर्ट दी गई है। इसके अलावा अग्निकांड में 45 पशुओं की मौत हुई है और 106 घरों को नुकसान पहुंचा है। जबकि आंधी तूफान से 11 घरों को नुकसान हुआ है।
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तहसीलों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर सूचना शासन को भेजी जाती है। सूचनाएं देर से मिलने के चलते रिपोर्ट को अपडेट कराया जाता है। मौत के मामलों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम