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बकरी बेंचकर बनवाया शौचालय
Updated Mon, 26 Feb 2018 10:00 AM IST
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निघासन। एक तरफ लोग सरकार से धनराशि मिलने के बाद भी शौचालय नहीं बनवा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ गांव लुधौरी निवासी असलम ने स्वच्छता मिशन के विज्ञापन से प्रभावित होकर दो बकरियां बेचकर शौचालय का निर्माण कराया है।
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लुधौरी में एक मॉडल शौचालय और एक सुलभ शौचालय बना हुआ है। इसके बावजूद गांव में सड़क के दोनों तरफ गंदगी फैली हुई है। लोग खुले में शौच जा रहे हैं। इसी गांव के असलम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चलाए गए स्वच्छता अभियान का असर दिखा और उसने खुले में शौच न जाने का निर्णय लिया। पैसे न होने के कारण उसने अपनी दो बकरी छह हजार रुपये की बेच दी और शौचालय निर्माण चालू कराया। इतनी धनराशि में शौचालय पूरा न होने पर उसने गांव के ही वीरेंद्र की दुकान से सरिया, गिट्टी, मौरंग आदि सामान उधार लिया। उसके बाद उसने अपना शौचालय निर्माण पूरा कराया। उसके शौचालय निर्माण कराने की बात को सभी ने सराहा।
मजे की बात तो यह है कि गांव सिसुवारी, रायपुर, कोल्हउरी आदि गांवों में शौचालय निर्माण के लिए करीब चार सौ लाभार्थी के खाते में धनराशि आ गई है। बीडीओ आलोक वर्मा ने बताया कि शौचालय बनवाने में लाभार्थी आनाकानी कर रहे हैं। किसी तरह से जिले से लेकर ब्लॉक तक के अधिकारी और कर्मचारी लाभार्थियों को समझा चुके हैं तब कहीं जाकर करीब 13 लोगों ने शौचालय बनवाना शुरू किया है।
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वर्जन
असलम को शौचालय का पैसा दिलाने के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा है। उसे शौचालय बनवाने के लिए इनाम दिलाने के लिए भी डीएम और सीडीओ को पत्र भेजा है।
शिव प्रकाश दुबे पंचायत सेक्रेटरी
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जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लुधौरी में एक मॉडल शौचालय और एक सुलभ शौचालय बना हुआ है। इसके बावजूद गांव में सड़क के दोनों तरफ गंदगी फैली हुई है। लोग खुले में शौच जा रहे हैं। इसी गांव के असलम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चलाए गए स्वच्छता अभियान का असर दिखा और उसने खुले में शौच न जाने का निर्णय लिया। पैसे न होने के कारण उसने अपनी दो बकरी छह हजार रुपये की बेच दी और शौचालय निर्माण चालू कराया। इतनी धनराशि में शौचालय पूरा न होने पर उसने गांव के ही वीरेंद्र की दुकान से सरिया, गिट्टी, मौरंग आदि सामान उधार लिया। उसके बाद उसने अपना शौचालय निर्माण पूरा कराया। उसके शौचालय निर्माण कराने की बात को सभी ने सराहा।
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मजे की बात तो यह है कि गांव सिसुवारी, रायपुर, कोल्हउरी आदि गांवों में शौचालय निर्माण के लिए करीब चार सौ लाभार्थी के खाते में धनराशि आ गई है। बीडीओ आलोक वर्मा ने बताया कि शौचालय बनवाने में लाभार्थी आनाकानी कर रहे हैं। किसी तरह से जिले से लेकर ब्लॉक तक के अधिकारी और कर्मचारी लाभार्थियों को समझा चुके हैं तब कहीं जाकर करीब 13 लोगों ने शौचालय बनवाना शुरू किया है।
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असलम को शौचालय का पैसा दिलाने के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा है। उसे शौचालय बनवाने के लिए इनाम दिलाने के लिए भी डीएम और सीडीओ को पत्र भेजा है।
शिव प्रकाश दुबे पंचायत सेक्रेटरी