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रेलवे ट्रैक का कार्य पूर्ण न होने से टला ब्रॉडगेज का ट्रॉयल

Mon, 25 Feb 2019 11:58 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:58 PM IST
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रेलवे ट्रैक का कार्य पूर्ण न होने से टला ब्रॉडगेज का ट्रॉयल
लखीमपुर खीरी। सीतापुर-लखीमपुर के बीच ब्रॉडगेज का ट्रॉयल मार्च में होगा। कार्यदायी संस्था के अधिकारी संभावित तिथि चार मार्च बता रहे हैं। हालांकि अभी तक 23 फरवरी को ट्रॉयल होने की बात कही जा रही थी, लेकिन रेलवे ट्रैक का डिस्ट्रैसिंग वर्क न होने के कारण ट्रॉयल नहीं हो सका। रेलवे अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था को सीतापुर-लखीमपुर के बीच डिस्ट्रैसिंग वर्क जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं कार्यदायी संस्था के अधिकारी 28 फरवरी तक ट्रैक दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं।
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रेलवे अधिकारियों ने सीतापुर-लखीमपुर के बीच 23 फरवरी को ट्रॉयल कराने की संभावना जताते हुए कार्यदायी संस्था को निमार्ण कार्य खासकर ट्रैक दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया था, लेकिन 23 फरवरी तक कार्यदायी संस्था न तो प्लेटफार्म निर्माण का काम ही पूरा करा सकी और न ही सीतापुर-लखीमपुर तक रेलवे ट्रैक ही ट्रॉयल के लिए तैयार कर सकी। अधिकारियों का कहना है कि अभी ट्रैक के डिस्ट्रैसिंग वर्क का काम बाकी है। जो हरगांव से लेकर सीतापुर के बीच चल रहा है। उसके बाद हरगांव लखीमपुर के बीच शुरू होगा। डिस्ट्रैसिंग वर्क पूरा होने के बाद ही ट्रॉयल हो सकेगा।
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डिस्ट्रैसिंग वर्क में लगेंगे करीब 15 दिन
सीतापुर-लखीमपुर के बीच मेन ट्रैक की दूरी 46 किलोमीटर है। फिलहाल अभी हरगांव सीतापुर के बीच ही डिस्ट्रैसिंग वर्क की शुरूआत हुई है। हालांकि कार्यदायी संस्था ने इसके लिए दो टीमें लगाईं हैं, जिसमें से एक हरगांव से सीतापुर की और दूसरी सीतापुर से हरगांव की ओर कार्य करती जा रही है। बताते हैं कि इन तीन चार दिन में सिर्फ करीब सात किलोमीटर ही कार्य हुआ है। जबकि करीब 40 किलोमीटर का होना शेष है।
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डिस्ट्रैसिंग वर्क
पटरियां सर्दी में सिकुड़ती हैं और गर्मी में फैलती है। डिस्ट्रैसिंग वर्क के तहत सुबह के समय चाबी निकालकर पटरियों को खोल दिया जाता है और दोपहर में धूप निकलने के बाद 35 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान पर चाबी फिर से कस दी जाती है। इस दौरान पटरियों में आनी वाली गैपिंग को दुरुस्त किया जाता है।


कार्यदायी संस्था के लोगों से काम कितना शेष रह गया है। इसकी जानकारी मांगी गई है। फरवरी माह में ही ट्रॉयल कराने का प्रयास था, लेकिन मौसम परिवर्तित होने के कारण कार्य समय से पूरा नहीं हो सका। कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए प्रयास जारी है।
- एसके वर्मा, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर रेल विकास निगम लिमिटेड
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