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अजवापुर मिल ने दूसरी बार डेट बढ़ाकर किसानों को दिया झटका
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:27 PM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मितौली। जिले की नौ चीनी मिलों में से अजवापुर मिल ने सबसे पहले 10 अक्तूबर से पेराई शुरू करने की घोषणा गन्ना आयुक्त के समक्ष की थी, जिसके बाद मिल प्रबंधन अपने दावे से पीछे हट गया। 25 अक्तूबर से मिल प्रारंभ करने की बात अध्यासी ने कही थी, जिसको लेकर तोल पर्चियां भी जारी की गई। अब इस डेट से भी प्रबंधन पीछे हट गया है और 27 अक्तूबर 2017 से पेराई प्रारंभ करने की बात कही जा रही है। इससे किसानों को झटका लगा है।
बता दें कि इस वर्ष किसानों ने 12 फीसदी अधिक गन्ने की बोआई की है। पेड़ी की फसल कब की तैयार है, जिसे बेचकर किसान गेहूं की बुआई करना चाहते हैं। मिल प्रबंधन ने 10 अक्तूबर से पेराई प्रारंभ करने का दावा किया था, जिससे किसानों को फायदे की उम्मीद थी। इसके उलट मिल प्रबंधन ने सोची समझी रणनीति के तहत तय समय पर पेराई प्रारंभ नहीं की, बल्कि तारीख पर तारीख बढ़ाई जाती रही। इससे अब छोटे किसानों की हालत खराब हो रही है, क्योंकि जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल्हूओं पर औने-पौने दामों पर गन्ना बेचना पड़ रहा है। कोल्हू मालिक भी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे। वहीं मिल प्रबंधन के तारीखें बढ़ाए जाने के पीछे किसानों को दूसरी फसल की बुआई न करने देना वजह माना जा रहा है। इसी रणनीति के तहत तोल पर्चियां जारी करने के बाद वापस जमा कराई गईं। वहीं तोल सेंटर पर भी तैयारियां अधूरी हैं।
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महीने के प्रारंभ में बारिश हो जाने से कुछ दिनों के लिए मिल प्रबंधन ने एक बार डेट आगे बढ़ाई थी, जिसके बाद डेट बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराएंगे।
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-अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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बता दें कि इस वर्ष किसानों ने 12 फीसदी अधिक गन्ने की बोआई की है। पेड़ी की फसल कब की तैयार है, जिसे बेचकर किसान गेहूं की बुआई करना चाहते हैं। मिल प्रबंधन ने 10 अक्तूबर से पेराई प्रारंभ करने का दावा किया था, जिससे किसानों को फायदे की उम्मीद थी। इसके उलट मिल प्रबंधन ने सोची समझी रणनीति के तहत तय समय पर पेराई प्रारंभ नहीं की, बल्कि तारीख पर तारीख बढ़ाई जाती रही। इससे अब छोटे किसानों की हालत खराब हो रही है, क्योंकि जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल्हूओं पर औने-पौने दामों पर गन्ना बेचना पड़ रहा है। कोल्हू मालिक भी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे। वहीं मिल प्रबंधन के तारीखें बढ़ाए जाने के पीछे किसानों को दूसरी फसल की बुआई न करने देना वजह माना जा रहा है। इसी रणनीति के तहत तोल पर्चियां जारी करने के बाद वापस जमा कराई गईं। वहीं तोल सेंटर पर भी तैयारियां अधूरी हैं।
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महीने के प्रारंभ में बारिश हो जाने से कुछ दिनों के लिए मिल प्रबंधन ने एक बार डेट आगे बढ़ाई थी, जिसके बाद डेट बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराएंगे।
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-अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी